अब तीन तलाक दिया तो सीधे जाएंगे जेल, 99 वोट से बिल पास

लोकसभा के मानसून सत्र में गुरुवार को ट्रिपल तलाक बिल पेश किया गया था. बिल पर दिन भर बहस चली और शाम को यह बिल लोकसभा में पास हो गया.

News18Hindi
Updated: July 30, 2019, 8:39 PM IST
अब तीन तलाक दिया तो सीधे जाएंगे जेल, 99 वोट से बिल पास
लोकसभा के मानसून सत्र में गुरुवार को ट्रिपल तलाक बिल पेश किया गया था. बिल पर दिन भर बहस चली और शाम को यह बिल लोकसभा में पास हो गया.
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तीन तलाक को अपराध बनाने वाले बिल को पास कराने के लिए मंगलवार को राज्‍यसभा में चर्चा हुई. चर्चा के बाद बिल को सेलेक्‍ट कमेटी के पास भेजने के प्रस्‍ताव पर वोटिंग कराई गई. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक बिल के प्रस्‍ताव को वोटिंग के लिए सदन में रखा. इस दौरान बिल के पक्ष में 99 वोट और विपक्ष में 84 वोट पड़े. लोकसभा के बाद राज्‍यसभा में भी ये बिल पास हो गया. अब किसी भी तरीके से तीन तलाक देना अपराध है. बिल में 3 साल की सजा और जुर्माने का भी प्रावधान है.

सेलेक्‍ट कमेटी के बाद संशोधन प्रस्‍ताव पर सदन में वोटिंग

तीन तलाक बिल पर कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता दिग्विजय सिंह समेत तमाम सांसद अपना संशोधन रख रहे हैं. कई सांसदों ने अपने संशोधन वापस ले लिया थे. दिग्विजय सिंह के संशोधन पर वोटिंग चल रही है. सदन में सदस्‍यों को अभी मत विभाजन संख्‍या जारी नहीं की गई है. जिसके कारण वोटिंग मशीन की जगह पर्चियों के माध्‍यम से ये प्रक्रिया पूरी की जा रही है. इस पर्ची में सदस्‍य किसी भी प्रस्‍ताव के पक्ष में हां या ना लिखकर अपना मत दर्ज कराते हैं.

तीन तलाक बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजने का प्रस्ताव गिरा

तीन तलाक बिल को सेलेक्‍ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्‍ताव राज्‍यसभा में वोटिंग के बाद गिर गया है. सेलेक्‍ट कमेटी के पास भेजने के प्रस्‍ताव के पक्ष में 84 और विपक्ष में 100 वोट पड़े. तीन तलाक बिल को अब सेलेक्‍ट कमेटी के पास नहीं भेजा जाएगा. अब सदन में संशोधन प्रस्‍ताव रखे जा रहे हैं. इसपर सदन में वोटिंग होगी.

प्रसाद बोले- आज का दिन ऐतिहासिक

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज एक दिन ऐतिहासिक है. दोनों सदनों ने मुस्लिम महिलाओं को न्‍याय दिया है. यह नए भारत की शुरूआत है.
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राज बब्‍बर बोले- ये ऐतिहासिक भूल

कांग्रेस के नेता राज बब्बर ने ट्वीट किया, 'राज्‍यसभा में आज तीन तलाक बिल पास हो गया. मैं समझता हूं कि इस देश के अंदर किसी भी फैमली लॉ को लेकर एक बहुत बड़ा झटका लगा है. एक नागरिक कानून को आपराधिक कानून बनाया गया है. ये ऐतिहासिक भूल है.'



तीन तलाक बिल पर वोटिंग

राज्‍यसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के बाद बिल को सेलेक्‍ट कमेटी के पास भेजने के प्रस्‍ताव पर वोटिंग हो रही है. सदन में पर्ची के माध्‍यम से वोटिंग कराई जा रही है. कई सांसदों ने बिल को कमेटी के पास भेजने की मांग की है. बिल को सेलेक्‍ट कमेटी के पास भेजने के प्रस्‍ताव पर वोटिंग चल रही है.

पैगंबर साहब ने हजारों साल पहले बताया था गलत

राज्‍यसभा में तीन तलाक बिल का जवाब देते हुए रविशंकर प्रसाद ने सबसे पहले चर्चा में हिस्‍सा लेने वाले सभी सांसदों का आभार जताया. उन्‍होंने कहा कि पैगंबर साहब ने हजारों साल पहले ही इसे गलत बता दिया था. लेकिन, हम 2019 में इसपर बहस कर रहे हैं. विपक्षी लोग एक साथ तीन तलाक बिल को गलत बता रहे हैं.

क्या अल्पसंख्यकों से राय ली गई: दिग्विजय

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि सरकार जिस उद्देश्‍य से ये बिल लेकर आई है, हम उसके खिलाफ हैं. ये समस्‍या उतनी बड़ी नहीं है और मुस्लिमों के सभी तबके इसे मानते भी नहीं हैं. कोर्ट के आदेश के बाद इसे अवैध करार दिया गया था. मौजूदा कानून में इसे रोकने के पर्याप्‍त प्रावधान थे.



दिग्विजय सिंह ने कहा कि क्‍या इस कानून पर अल्‍पसंख्‍यक समुदाय से चर्चा की गई थी. क्‍योंकि मोदीजी तो अब सबके विश्‍वास की बात भी करने लगे हैं. गुजरात दंगों में मारे गए लोगों के परिजनों के बारे में क्‍या सरकार ने कभी सोचा है. इसे अपराध बनाना ठीक नहीं हैं.

ये महिलाओं की लड़ाई

बीजेपी सांसद भूपेंद्र यादव ने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि यह देश की महिलाओं की लड़ाई है. कोई राजनीतिक बिल नहीं है. महिलाओं ने पहले अपनी लड़ाई लड़ी, उसके बाद कानून की जरूरत को समझा गया. इसके लिए वो महिलाएं धन्‍यवाद की पात्र हैं.

भूपेंद्र यादव ने कहा कि किसी महिला को प्रताड़ित करना भी सामाजिक अव्‍यवस्‍था है. अगर मुस्लिमों में निकाह करार है, तो भी महिलाओं के जीवन को असुरक्षित करने का हक किसी को नहीं है. इस बिल को लाकर सरकार ने बहुत बड़ा काम किया है.

संजय सिंह बोले- अखलाक-पहलू की मां बहनों को दिलाएं न्‍याय

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार मुस्लिम महिलाओं को न्‍याय देना चाहती है, ये हास्‍यास्‍पद है. बीजेपी ने कभी मुस्लिम महिलाओं को टिकट नहीं दी और आज हक देने की बात कर रही है. ये सरकार अखलाक, पहलू खान और तबरेज की मां-बहनों को न्‍याय दिलाएं. उन्‍होंने कहा कि उन्‍नाव की रेप पीड़िता को ये सरकार न्‍याय नहीं दिला पाई. इस सरकार के सांसद रेप के आरोपी से मिलने जेल जाते हैं.



अकाली दल ने किया समर्थन

अकाली दल के सांसद नरेश गुजराल ने राज्‍यसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि मुस्लिम महिलाएं आज डर के माहौल में रहने को मजबूर हैं. कई तो सड़क पर भी उतर आई हैं. उन्‍होंने कहा कि तीन तलाक को अपराध बनाना जरूरी है, ताकि फिर कोई ऐसी हरकत को दोहरा न सके. सती प्रथा और दहेज प्रथा का भी विरोध हुआ था. अकाली दल ने बिल का समर्थन किया है.

AIADMK ने किया वॉक आउट

राज्यसभा में AIADMK के सांसदों ने तीन तलाक बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग करते हुए सदन से वॉक आउट कर दिया है. इससे पहले सरकार के सहयोगी जेडीयू के सांसद पहले ही सदन में वॉक आउट कर चुके हैं.

पीडीपी सांसद बोले- मर जाएंगे लेकिन 370 हटने नहीं देंगे

राज्‍यसभा में पीडीपी सांसद मीर मोहम्मद फैयाज ने तीन तलाक बिल का विरोध करते हुए कहा कि अच्‍छा लगा, सरकार को 70 साल बाद मुस्लिम औरतों की याद आई. कश्‍मीर में लगभग 1 लाख विधवा महिलाएं हैं और मेरे जिले के एक गांव में तो 422 विधवा और हजारों बच्‍चे यतीम हैं. वहां की मां-बहनों को इस बात की चिंता रहती है कि कभी उनकी बात संसद में होगी या नहीं.

उन्‍होंने कहा कि घाटी की हजारों महिलाओं के साथ अत्‍याचार हुआ है. लेकिन, यहां पर कभी उसपर बात नहीं हुई है. आसिफा से लेकर कई महिलाओं के साथ बलात्‍कार भी हुआ, लेकिन उसपर भी कभी बात नहीं हुई. अतिरिक्‍त सेना को तैनात करके वहां पर दहशत फैलाई जा रही है. कोई उसपर स्‍पष्‍ट बात नहीं कर रहा है. वह भी मुस्लिम राज्‍य है. हम मर जाएंगे लेकिन 35 ए और 370 हटने नहीं देंगे. उन्‍होंने इस बिल को सेलेक्‍ट कमेटी के पास भेजने की मांग करते हुए कहा कि इस बिल का खामियों को दूर किया जाए.

गुलाम नबी आजाद बोले- मॉब लिंचिंग पर कानून क्‍यों नहीं लाते?

राज्‍यसभा में गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यहां के मुस्लिमों की तुलना अन्‍य किसी मुल्‍क से करना सही नहीं है. उनमें जो खामियां हैं, वो हमारे देश के मुस्लिमों को नहीं लगनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने क्रिमिनल लॉ के बारे में नहीं बोला था. सरकार गलत कह रही है.



आजाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिंचिंग पर भी कानून बनाने के लिए कहा था. लेकिन, क्‍या आपने बनाया. कोर्ट के फैसले जब आपको ठीक लगते हैं तो ही आप उसपर बिल लाते हैं. कोर्ट के कहने पर जब तीन तलाक खत्‍म हो गया, तो आप किस बात की सजा दे रहे हैं. अगर तीन तलाक कहने पर कुछ हुआ ही नहीं तो सजा किस बात की.

परिवारों को तोड़ने वाला बिल
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि यह बिल विवाह के अधिकारों की रक्षा करता है लेकिन इसका असल मकसद परिवारों को तोड़ना है. यह कानून राजनीति से प्रेरित है, इसलिए अल्पसंख्यक आपस में लड़ते हैं. पति और पत्नी एक-दूसरे के खिलाफ वकील रखेंगे, वकीलों को भुगतान करने के लिए जमीन बेची जाएगी. जेल की अवधि समाप्त होने तक वे दिवालिया हो जाएंगे. जब वे जेल से बाहर आएंगे तो या तो वे आत्महत्या कर लेंगे या फिर चोर-डाकू बन जाएगा. क्या इस बिल को लेकर यही मंशा है.

पत्नियों को छोड़ने वालों पर एक्शन हो- जावेद
समाजवादी पार्टी के नेता जावेद अली ने कहा कि कई ऐसे पति हैं जिन्होंने अपनी पत्नियों को छोड़ दिया है. कई नामी लोग भी इसमें शामिल हैं. ऐसे में पत्नियां भी गुजारे-भत्ते की हकदार हैं तो क्या इसके लिए भी सरकार कोई कानून लाएगी?



ये बिल पास होना चाहिए-मुख्तार अब्बास नकवी
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा-'हम सामाजिक सुरक्षा, सामाजिक न्याय के लिए तत्पर हैं. बेटियों के लिए हमने क्या किया है, वो हम बताते हैं. ये बिल पास होना चाहिए और यह बिल पास होगा. आपकी संख्या लोकसभा में ज्यादा थी लेकिन आपने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी करने पर जोर दिया. हमने तमाम कुरीतियों को खत्म करने के लिए कानून बनाने पर जोर दिया है.''

राज्यसभा से जेडीयू का वॉकआउट
जनता दल यूनाइटेड ने ट्रिपल तलाक बिल का विरोध करते हुए राज्यसभा से वॉकआउट किया है. जेडीयू सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी इस बिल के साथ नहीं है. उन्होंने कहा कि हर पार्टी की एक विचारधारा है और उसके पालन के लिए वो आजाद है.



सवाल नारी न्याय का है- रविशंकर प्रसाद 
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी और छोटी-छोटी बातों पर तीन तलाक दिया जा रहा था. हम इसी वजह से फिर से कानून लेकर आए हैं. उन्होंने कहा कि लोगों को शिकायतों के बाद बिल में कुछ बदलाव भी किए गए हैं. अब इसमें बेल और समझौता का प्रावधान भी रखा गया है. इस सवाल को वोट बैंक के तराज़ू पर न तौला जाए, यह सवाल नारी न्याय, नारी गरिमा और नारी उत्थान का सवाल है.

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में कहा, '' कुछ लोगों को बिल में कुछ खामियां लगी, उन्हें लगा इसका दुरुपयोग हो सकता है तो हमने इसमें बदलाव किए, एफआईआर सिर्फ पत्नी, पत्नियों के खून के रिश्ते में आने वाले लोगों द्वारा दर्ज की जा सकती है. हमने इसमें जमानत, कस्टडी और मुआवजे का प्रावधान भी रखा है.''



इस तरह राज्यसभा में पारित हो सकता है ट्रिपल तलाक बिल
लोकसभा में अपने बहुमत के दम पर आसानी से पारित करा चुकी ट्रिपल तलाक बिल पर एनडीए और बाकी विपक्ष की असली परीक्षा राज्यसभा में होगी. राज्यसभा में न तो एनडीए और न ही यूपीए बहुमत में है, ऐसे में गैर एनडीए और गैरयूपीए पर बिल के पारित होने की निर्भरता काफी बढ़ जाती है.

एनडीए के लिये चुनौती इसलिये भी बढ़ गई है कि जेडीयू ने बिल को समर्थन न देने का फैसला किया है और आल इण्डिया अन्नाद्रमुक ने भी बिल पर सवाल खड़ा किया है.

क्या कहते हैं आंकड़े
राज्यसभा में आंकड़ों की बात करें तो यूं तो सदन की कुल सदस्य संख्या 245 है लेकिन फिलहाल 4 रिक्तियों की वजह से वास्तविक सदस्य संख्या सदन की 241 है. इसमें एनडीए की संख्या 113 है जिसमें नामांकित सांसद शामिल हैं जबकि कांग्रेस समेत बाकी यूपीए के घटक दलों की संख्या 68 हैं.

इसके अलावा दूसरी विपक्षी पार्टियों के पास राज्यसभा में 42 सांसद हैं. इनमें से बाकी 18 न तो बीजेपी के साथ हैं न ही बीजेपी के खिलाफ हैं. भले ही एनडीए के पास राज्यसभा में बहुमत न हो लेकिन एनडीए का पलड़ा भारी है. इस बात की पूरी उम्मीद है की सरकार राज्यसभा में ट्रिपल तलाक बिल को पारित करा लेगी.

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First published: July 30, 2019, 12:28 PM IST
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