3 तलाक पर बहस के दौरान स्मृति की चुनौती, हिम्मत हो तो हनुमान चालीसा सुना दें

जब स्मृति ईरानी इस्लामिक इतिहास के बारे में बता रहीं थी तब एक सदस्य ने उनसे खलीफा का नाम लेने की मांग की.

News18Hindi
Updated: December 27, 2018, 8:02 PM IST
3 तलाक पर बहस के दौरान स्मृति की चुनौती, हिम्मत हो तो हनुमान चालीसा सुना दें
स्मृति ईरानी फाइल फोटो
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Updated: December 27, 2018, 8:02 PM IST
लोकसभा ने गुरुवार को तीन तलाक बिल पारित कर दिया है. अब इसे मंजूरी के लिए राज्यसभा में पेश किया जाएगा. इससे पहले लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा हुई. बिल पर सत्ता पक्ष समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने अपनी राय व्यक्त की. इस दौरान सदस्यों के बीच गर्मागर्म बहस देखने को भी मिली.

तीन तलाक पर मीनाक्षी लेखी, मुख्तार अब्बास नकवी और मोहम्मद सलीम जैसे सांसदों के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को अपनी बात रखने का मौका दिया गया. चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इस्लामिक इतिहास का जिक्र किया और पैगंबर मोहम्मद के वक्त के कुछ वाकयों का हवाला देते हुए बताया कि तीन तलाक क्यों समाज के लिए बुराई है.

जब स्मृति इस्लामिक इतिहास के बारे में बता रहीं थी तब एक सदस्य ने उनसे खलीफा का नाम लेने की मांग की. स्मृति ने कड़क अंदाज में इसका जवाब देते हुए कहा कि हजरत साहब का नाम मुझसे सुनना चाहते हैं तो मैं भी हनुमान चालीसा आपके मुंह से सुनना चाहूंगी, कभी हिम्मत हो तो सुना दीजिएगा.


बता दें कि सदन में मौजूद 256 सांसदों में से 245 सदस्यों ने तीन तलाक बिल पक्ष में मतदान किया, जबकि 11 सदस्यों ने इसका खिलाफ अपना वोट दिया. कांग्रेस और एआईएडीएमके ने इस बिल के विरोध में वॉकआउट कर दिया और वोटिंग के दौरान मौजूद नहीं थे. इसके साथ ही समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने भी वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.

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