त्रिपुरा चुनाव: 'लाल गढ़' को भगवा बनाने में कामयाब होगी बीजेपी की यह 'चाल'?

त्रिपुरा में इस साल होने वाला यह चुनाव इस लिहाज से भी अलग है कि इस बार वहां बस सीपीएम और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला नहीं, बल्कि बीजेपी भी अपनी छाप छोड़ने की पुरजोर कोशिश कर रही है.

News18Hindi
Updated: February 13, 2018, 3:37 PM IST
त्रिपुरा चुनाव: 'लाल गढ़' को भगवा बनाने में कामयाब होगी बीजेपी की यह 'चाल'?
त्रिपुरा में 18 फरवरी को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं
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Updated: February 13, 2018, 3:37 PM IST
त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए 18 फरवरी को चुनाव होने वाले हैं. साल 2013 के चुनाव में जहां 249 उम्मीदवार मैदान में थे, वहीं इस बार कुल 297 उम्मीदवार चुनावी समर में खम ठोंक रहे हैं.

त्रिपुरा में इस साल होने वाला यह चुनाव इस लिहाज से भी अलग है कि इस बार वहां बस सीपीएम और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला नहीं, बल्कि बीजेपी भी अपनी छाप छोड़ने की पुरजोर कोशिश कर रही है.

बीजेपी की कोशिश भारत में बचे रहे गए इस 'लाल गढ़' को भगवा में बदलने की है. हालांकि त्रिपुरा में पार्टी का कोई पुराना आधार नहीं रहा, ऐसे में वह दूसरे दलों के नेताओं को तोड़ कर अपना कुनबा मजबूत करने में जुटी है.



दल बदलने वाले विधायक
यही वजह है कि 2013 के विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा चुके 249 उम्मीदवारों में से कम से कम 14 ने इस बार दूसरी पार्टी के निशान पर चुनाव लड़ रहे हैं. इनमें कांग्रेस के 7 विधायकों सहित 11 उम्मीदवार इस बार बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. इनमें ने छह उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने पहले कांग्रेस का दामन छोड़ कर तृणमूल कांग्रेस से जुड़े थे, लेकिन हाल ही वे कमल के साथ चले गए. हालांकि यह देखना होगा कि बीजेपी का कदम कितना कामयाब हो पाता, जो कि 3 मार्च को नतीजों के साथ ही साफ हो पाएगा.
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