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बिप्लब देब के समर्थन में उतरे अमूल के एमडी, गाय पालने को बताया बढ़िया सुझाव

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब

बिप्लब देब ने कहा था, ''हर घर में एक गाय होनी चाहिए. यहां दूध 50 रुपए लीटर है. कोई ग्रैजुएट है, नौकरी के लिए 10 साल से घूम रहा है. अगर वो गाय पाल लेता तो अपने आप उसके बैंक अकाउंट में 10 लाख रुपए तैयार हो जाते.''

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अमूल के प्रमुख आरएस सोढ़ी ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब के नियमित आय के लिए सरकारी नौकरी के पीछे भागने के बजाय गाय पालने वाले बयान का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी को खत्म करने के लिए ये एक व्यावहारिक सुझाव है.

गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फाउंडेशन (जीसीएमएमएफ) के प्रबंध निदेशक सोढ़ी ने कहा कि डेयरी सेक्टर बहुत फायदे वाला है और कई शिक्षित युवाओं को अच्छी आय उपलब्ध करा रहा है. जीसीएमएमएफ ‘अमूल ’ ब्रांड नाम से अपने उत्पादों को बेचता है. इसे देश का सबसे बड़ा फूड प्रोडक्ट मार्केटिंग संगठन माना जाता है, जिसका कारोबार 40,000 करोड़ रुपये है.

पिछले दिनों बिप्लब देब ने कहा, ''हर घर में एक गाय होनी चाहिए. यहां दूध 50 रुपये लीटर है. कोई ग्रैजुएट है, नौकरी के लिए 10 साल से घूम रहा है. अगर वह गाय पाल लेता तो अपने आप उसके बैंक अकाउंट में 10 लाख रुपये तैयार हो जाते.''



सोढ़ी ने ये भी कहा कि त्रिपुरा के लिए गाय या भैंस पालना एक बेहतर विकल्प है, क्योंकि इस राज्य को डेयरी सेक्टर के लिए अनुकूल भौगोलिक स्थिति होने के बावजूद हर साल करोड़ों रुपये का दूध आयात करना पड़ता है.
सोढ़ी ने कहा , ‘‘सिर्फ गुजरात में, पढ़े-लिखे युवा तकरीबन 8,000 व्यावसायिक डेयरी फार्म चला रहे हैं. डेयरी कारोबार करने में आपकी मदद के लिए कई राज्यों और केंद्र की योजनाएं हैं. ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी की समस्या को खत्म करने के लिए गाय पालन एक बेहतर विकल्प है. ’’

इससे पहले उन्होंने कल देब की टिप्पणी के समर्थन में ट्वीट भी किया था. उन्होंने चेताया भी कि अगर शिक्षित युवा डेयरी कारोबार में नहीं आएंगे तो भारत को कच्चे तेल की तरह ही दूध भी आयात करना पड़ सकता है.
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