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बिप्लब देब ने खत्म की मई दिवस की छुट्टी, बोले- 'न मैं मजदूर और न मेरी जनता'

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब फाइल फोटो
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब फाइल फोटो

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने कहा कि देश के कुछ ही ऐसे राज्य हैं जहां मई दिवस की छुट्टी होती है. सरकारी कर्मचारियों को इस दिन छुट्टी की जरूरत क्यों पड़ती है? मई दिवस मजदूरों के लिए होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 13, 2018, 4:33 AM IST
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त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने रविवार को सरकारी कर्मचारियों की अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस या मई दिवस की छुट्टी खत्म करते हुए एक अटपटा बयान दिया है. मई दिवस की छुट्टी खत्म करते हुए उन्होंने कहा, 'क्या मेरे लोग मजदूर हैं, नहीं. क्या मैं मजदूर हूं, नहीं. मैं एक मुख्यमंत्री हूं. आप औद्योगिक क्षेत्र में काम नहीं करते हैं, आप सचिवालय में फाइलें देखते हैं. तो ऐसे में आपको छुट्टी की जरूरत क्यों है?'

उन्होंने कहा कि देश के कुछ ही ऐसे राज्य हैं जहां मई दिवस की छुट्टी होती है. सरकारी कर्मचारियों को इस दिन छुट्टी की जरूरत क्यों पड़ती है? मई दिवस मजदूरों के लिए होता है. सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नहीं. उन्होंने त्रिपुरा राजपत्रित अधिकारी संघ द्वारा रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की.

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बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही कुपोषण से लड़ने और रोजगार पैदा करने के लिए बिप्लब कुमार देब ने पांच हजार परिवारों को 10,000 गायें बांटने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था, 'हम 5000 परिवारों के रोजगार के लिए यह योजना शुरू करने जा रहे हैं. जिसके बाद छह महीने में उनकी कमाई शुरू हो जाएगी.' उन्होंने कहा था कि इससे गरीबी और कुपोषण से भी लड़ने में मदद मिलेगी.
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इसके साथ ही उन्होंने कहा था, 'मैं बड़े उद्योग स्थापित करने के खिलाफ नहीं हूं. लेकिन 2000 लोगों को रोजगार देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये निवेश करना ही पड़ेगा. लेकिन अगर मैं 5000 परिवारों को 10,000 गायें दूंगा तो वे छह महीने में कमाई शुरू कर देंगे.' ऐसा पहली बार है जब लोगों को रोजगार देने के लिए ऐसी योजना चलाई जा रही है.

 
 
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