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त्रिपुरा में CPM-कांग्रेस के 100 से ज्यादा ऑफिस BJP सरकार के निशाने पर

त्रिपुरा में CPM के 100 से ज्यादा ऑफिस BJP सरकार के निशाने पर
त्रिपुरा में CPM के 100 से ज्यादा ऑफिस BJP सरकार के निशाने पर

माकपा और कांग्रेस ने ये तो माना है कि ये ऑफिस अवैध ज़मीनों पर बने थे लेकिन सरकार की इस कार्रवाई को बदले की राजनीति से प्रेरित भी बताया है.

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त्रिपुरा की बिप्लब देव सरकार ने विपक्षी पार्टियों के अवैध ज़मीनों पर बने ऑफिस गिराने शुरू कर दिए हैं. सोमवार को भी ओल्ड स्टैंड क्षेत्र में सरकारी और फ़ॉरेस्ट की ज़मीन पर अवैध तरीके से बने हुए माकपा, कांग्रेस और उनसे संबद्ध ट्रेड यूनियन के कार्यालयों को गिरा दिया. उधर माकपा और कांग्रेस ने ये तो माना है कि ये ऑफिस अवैध ज़मीनों पर बने थे लेकिन सरकार की इस कार्रवाई को बदले की राजनीति से प्रेरित भी बताया है.

पुलिस के मुताबिक सोमवार को राजधानी अगरतला में मौजूद ऐसे ही कुछ ऑफिसों को बुलडोज़र कि मदद से गिरा दिया गया. इसके आलावा पश्चिमी त्रिपुरा जिले में भी राजनीतिक पार्टियों के 100 से ज्यादा अवैध ढांचों की पहचान की गई है. इन सभी दफ्तरों को नोटिस जारी किया जा चुका है. अब इनपर कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.

 
जिला मजिस्ट्रेट ( पश्चिमी त्रिपुरा ) मिलिंद रामटेके ने कहा कि सभी अवैध ढाचों को आने वाले दिनों में गिरा दिया जाएगा. रामटेके के मुताबिक अकेले पश्चिमी त्रिपुरा में ही 78 ऐसी जगहों की पहचान की गई है जहां ज़मीनों पर अवैध कब्ज़ा किया गया है. उन्होंने बताया कि इन सभी पार्टियों को 6 मई तक का वक़्त दिया गया था उसके बाद ही कार्रवाई शुरू की गई है.




सीपीएम के त्रिपुरा स्टेट सेक्रट्री बिजन धर ने माना है कि सरकार ने उन्हे जिन जगहों के लिए नोटिस दिया है वो सारे ऑफिस सरकारी या वन क्षेत्र की ज़मीनों पर अवैध तरीके से बने हुए हैं. उन्होंने कहा आगे कहा कि ये काफी पुराने हैं और सरकार की मंशा अतिक्रमण हटाने की जगह राजनीतिक ज्यादा लग रही है. हम सरकार से इस फैसले को वापस लेने की अपील करते हैं. उधर कांग्रेस स्टेट पार्टी प्रेजिडेंट बिराजित सिन्हा ने कहा कि उन्हें 35 जगहों के लिए ऐसा नोटिस भेजा गया है. हम सरकार के इस फैसले के खिलाफ हैं और आने वाली 17 मई को इसके खिलाफ प्रदर्शन भी करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि सरकार को ऐसी किसी कार्रवाई को अंजाम देने से पहले ऑल पार्टी मीटिंग बुलानी चाहिए थी.
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