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TRP घोटाला: रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के सीईओ को मिली जमानत

विकास खानचंदानी को कथित टीआरपी घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया गया था (सांकेतिक तस्वीर)
विकास खानचंदानी को कथित टीआरपी घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया गया था (सांकेतिक तस्वीर)

TRP Scam Case: कथित टीआरपी घोटाले में गिरफ्तार किए गए रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क (Republic Media Network) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विकास खानचंदानी (Vikas Khanchandani) को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की एक अदालत ने 50 हजार रुपये नकद के मुचलके पर जमानत दे दी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 16, 2020, 4:05 PM IST
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मुंबई. मुंबई (Mumbai) की एक अदालत ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क (Republic Media Network) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विकास खानचंदानी (Vikas Khanchandani) को बुधवार को जमानत दे दी. कथित टीआरपी घोटाले के मामले (TRP Scam Case) में पुलिस की अपराध खुफिया इकाई (ICU) ने रविवार को खानचंदानी को उनके आवास से गिरफ्तार किया था. उनके वकील नितिन प्रधान ने बताया कि मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की एक अदालत ने खानचंदानी को 50 हजार रुपये नकद के मुचलके पर जमानत दे दी.

टेलीविजन रेटिंग प्रदाता एजेंसी ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च कौंसिल’ (Broadcast Audience Reasearch Council) द्वारा हंसा रिसर्च एजेंसी (Hansa Reasearch Agency) के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने कथित तौर पर हुए इस घोटाले की जांच शुरू कर दी थी. हाल ही में दायर किए गए आरोपपत्र में पुलिस की ओर से कहा गया कि हंसा के एक अधिकारी ने लोगों के घरों में जाकर उन्हें पैसे देकर बॉक्स सिनेमा, फकत मराठी, महा मूवी और रिपलब्लिक टीवी देखने को कहा.

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ऐसे किया जा रहा था घोटाला
टीआरपी में कुछ घरों में मशीनों को लगाकर दर्शकों की संख्या का पता लगाया जाता है. इसकी रेटिंग विज्ञापन देने वालों को आकर्षित करने के लिए अहम होती है. बार्क ने कुछ घरों में टीवी के दर्शकों की संख्या रिकॉर्ड करने वाले बैरोमीटर लगाने और उनकी देख-रेख करने का जिम्मा हंसा को दिया हुआ है. आरोप है कि जिन कुछ घरों में बैरोमीटर लगाए गए थे, उनमें से कुछ परिवारों को रिश्वत देकर टीवी पर कुछ विशेष चैनल चलाने के लिए कहा गया ताकि उनकी टीआरपी बढ़े.

हाल में दायर किए गए आरोप पत्र में पुलिस ने आरोप लगाया है कि हंसा के एक अधिकारी ने बैरोमीटर वाले घरों को टीवी पर बॉक्स सिनेमा, फकत मराठी, महा मूवी और रिपब्लिक टीवी चलाने के लिए पैसे दिए हैं.

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रिपब्लिक टीवी ने कुछ भी गलत करने की बात से इनकार किया है. पुलिस इस मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.
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