नरसिम्हा राव की विरासत को लेकर कांग्रेस-TRS में मची होड़, दोनों ने की भारत रत्न की मांग

नरसिम्हा राव की राजनीतिक विरासत पर टीआरएस और कांग्रेस के बीच होड़ मच गई है.

नरसिम्हा राव की राजनीतिक विरासत पर टीआरएस और कांग्रेस के बीच होड़ मच गई है.

अगले वर्ष 28 जून को नरसिम्हा राव (P. V. Narasimha Rao) की जन्मशती (Birth Centenary) है. ऐसे में टीआरएस ने इस पूरे साल को नरसिम्हा राव के जन्मशती वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया है. पार्टी ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं. वहीं कांग्रेस की स्थानीय इकाई की तरफ से भी पीवी नरसिम्हा राव की विरासत को भुनाने की कोशिश की जा रही है.

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नई दिल्ली. पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव (P. V. Narasimha Rao) की विरासत को लेकर इस समय तेलंगाना की सत्ताधारी पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और कांग्रेस की स्थानीय यूनिट के बीच होड़ मची हुई है. अगले वर्ष 28 जून को नरसिम्हा राव की जन्मशती है. ऐसे में टीआरएस ने इस पूरे साल को नरसिम्हा राव के जन्मशती वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया है. पार्टी ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं.



वहीं कांग्रेस की स्थानीय इकाई की तरफ से भी पीवी नरसिम्हा राव की विरासत को भुनाने की कोशिश की जा रही है. दरअसल पीवी नरसिम्हा राव अविभाजित आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे लेकिन अब उनके जन्म का इलाका तेलंगाना में पड़ता है. माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में इसे लेकर बड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं.



भारत रत्न की मांग

इसी क्रम में राज्य के मु्ख्यमंत्री और टीआरएस सुप्रीमो के. चंद्रशेखर राव ने नरसिम्हा राव के लिए भारत रत्न की मांगकर दी है. साथ ही चंद्रशेखर राव ने नरसिम्हा राव को पंडित जवाहर लाल नेहरू के बराबर का नेता कहा है. हैदराबाद में नरसिम्हा राव की 99वीं जयंती पर हुए एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें 'तेलंगाना का गौरवशाली बेटा' बताया है. चंद्रशेखर राव ने नरसिम्हा राव के देश के लिए किए गए योगदान याद किया और कहा कि जब वो प्रधानमंत्री थे तब देश एक मुश्किल दौर से गुजर रहा था. नरसिम्हा राव ने बड़े आर्थिक सुधार कर देश को तरक्की वो राह दी जिस पर देश आज भी चल रहा है.
नेहरू के बराबर के नेता



चंद्रशेखर राव ने साफ शब्दों में कहा है कि नरसिम्हा राव को इज्जत कभी नहीं मिली जिसके वो हकदार थे. ये नरसिम्हा राव ही थे जिन्होंने आर्थिक सुधारों की शुरुआत की और ग्लोबल भारत बनाने की नींव रखी. इसमें कोई संदेह नहीं कि वो जवाहर लाल नेहरू की लीग के नेता थे. टीआरएस ने स्थानीय और राष्ट्रीय अखबारों में नरसिम्हा राव के जन्मदिन पर फुल पेज बधाई संदेश भी दिए हैं.



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पीएम ने किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु ने भी नरसिम्हा राव को याद कर श्रद्धांजलि दी है. पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में नरसिम्हा राव को याद किया.



गांधी नेहरू परिवार से संबंधों में खटास

ये सर्वविदित बात है कि नरसिम्हा राव के गांधी-नेहरू परिवार के साथ संबंधों में खटास आ गई थी. बीते दो दशक के दौरान शायद ही कभी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से पीवी नरसिम्हा राव को याद किया गया हो. हालांकि नरसिम्हा राव की कैबिनेट में वित्त मंत्री रहे और बाद में पीएम बने मनमोहन सिंह हमेशा राव को सम्मान से याद करते रहे हैं. लेकिन इस बार नजारा कुछ बदला हुआ था.



शीर्ष कांग्रेसी नेताओं ने किया याद

राहुल गांधी और पी चिदंबरम जैसे शीर्ष कांग्रेसी नेताऔं ने पीवी नरसिम्हा राव को याद किया है. कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा-पीवी नरसिम्हा राव ऐसे विजनरी नेता थे जिन्होंने भारत में बड़े आर्थिक सुधार किए. उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. तेलंगाना कांग्रेस ने भी नरसिम्हा राव के लिए भारत रत्न की मांग की है और इस साल को उनके जन्मशती वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया है. कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और नरसिम्हा राव के परिवारवालों को बुलाया जाएगा.



ऐसे में माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों के भीतर तेलंगाना में नरसिम्हा राव की विरासत को लेकर एकाएक मची होड़ तेज हो सकती है. सत्ताधारी दल टीआरएस और कांग्रेस दोनों ही इस पर अपना अधिकार जमा सकते हैं.
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