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असमः बैजयंत पांडा बोले, EC की जांच में सच आया सामने, EVM मामले में BJP शामिल नहीं

बीजेपी नेता बैजयंत पांडा ने कहा कि कांग्रेस ने मामले को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया. ANI

बीजेपी नेता बैजयंत पांडा ने कहा कि कांग्रेस ने मामले को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया. ANI

EVM incident in Assam: बीजेपी नेता ने कहा कि इस पूरे मामले में प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया है और चुनाव आयोग ने कुछ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 2, 2021, 11:34 PM IST
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नई दिल्ली. असम के करीमगंज में ईवीएम को लेकर मचे विवाद पर बीजेपी नेता बैजयंत पांडा ने कहा कि "चुनाव आयोग की जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि पूरे प्रकरण में बीजेपी की कोई भागीदारी नहीं है और ना ही इसमें कोई राजनीतिक मकसद छुपा हुआ है." बीजेपी उपाध्यक्ष और असम के प्रभारी पांडा ने कांग्रेस पर मिथ्या आरोप लगाने और मामले को बढ़ा चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया. पांडा ने ANI से कहा, "ये पूरी तरह गलत है. चुनाव आयोग ने मामले में जांच करते हुए कार्रवाई की है. मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट पढ़ें. तथ्य ये है कि चुनाव आयोग की गाड़ी खराब हो गई थी और अधिकारियों को एक दूसरी गाड़ी से मदद की पेशकश की गई. इसके पीछे किसी भी तरह का राजनीतिक स्वार्थ नहीं छुपा है." बीजेपी नेता ने कहा कि इस पूरे मामले में प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया है और चुनाव आयोग ने कुछ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है. उन्होंने कहा, "जब भी कांग्रेस पार्टी को चुनावों में हार नजर आती है, वे इस तरह के आरोप लगाने लगते हैं. उनकी पार्टी का हर आदमी इसे बढ़ा चढ़ाकर पेश करने लगता है. जांच में सच सामने आ गया है."

बता दें कि चुनाव आयोग ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. वीडियो में ईवीएम मशीनें पथरकांडी विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी नेता की कार में रखी हुई दिखाई दे रही थीं, ये मशीनें असम के दूसरे चरण के चुनाव में उपयोग की गईं थीं. आयोग ने चुनावी कार्यक्रम के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को ट्रांसपोर्ट प्रोटोकॉल का पालन ना करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

क्या है पूरा मामला
असम के करीमगंज जिले में बृहस्पतिवार रात ईवीएम को स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने के लिए भाजपा उम्मीदवार के वाहन का इस्तेमाल होते देख भीड़ भड़क उठी और हिंसा हुई, जिसके बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए हवा में गोलियां चलायीं. घटना को लेकर शुक्रवार सुबह विवाद शुरू हो गया. विपक्षी कांग्रेस और एआईयूडीएफ ने आरोप लगाया कि ईवीएम की ‘‘चोरी’’ की गयी, जबकि चुनाव आयोग ने चार निर्वाचन अधिकारियों को निलंबित कर दिया और मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान का आदेश दिया. अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह बताया कि रतबाड़ी निर्वाचन क्षेत्र में 149-इंदिरा एम वी स्कूल के निर्वाचन दल का वाहन करीमगंज शहर में स्ट्रांग रूम तक जाने के दौरान खराब हो गया. जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘उन्होंने एक निजी वाहन की मदद ली. संयोग से यह वाहन पत्थरकांडी के निवर्तमान भाजपा विधायक कृष्णेंदु पॉल के नाम पर पंजीकृत था. वाहन के निमल बाजार क्षेत्र में पहुंचने पर कुछ लोगों ने इसे देखा.’’
दूसरे चरण में हुआ था मतदान


पॉल इस बार पत्थरकांडी से भाजपा के उम्मीदवार हैं, जबकि रतबाड़ी का प्रतिनिधित्व भाजपा के विधायक बिजॉय मालाकार कर रहे हैं. मालाकार भी चुनाव लड़ रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भीड़ में मुख्य रूप से एआईयूडीएफ और कांग्रेस के समर्थक थे. भीड़ ने वाहन में तोड़फोड़ की, जिसके बाद निर्वाचन दल को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) छोड़कर वहां से जाना पड़ा. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ‘‘उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक तुरंत मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत करने की कोशिश की. लेकिन भीड़ जब नहीं मानी तो उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हवा में गोलियां चलायीं.’’ उन्होंने बताया कि उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक इसके बाद ईवीएम को रात में पत्थरकांडी थाना ले गए जहां से इसे करीमगंज में स्ट्रांग रूम में जमा कराया गया. रतबाड़ी और पत्थरकांडी निर्वाचन क्षेत्र में दूसरे चरण में बृहस्पतिवार को मतदान हुआ.

'ईवीएम से छेड़छाड़ का सवाल ही नहीं'
भाजपा उम्मीदवार पॉल ने ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि कार में सवार उनके भाई ने चुनाव अधिकारियों को लिफ्ट दी थी क्योंकि उनका वाहन खराब हो गया था. उन्होंने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘मेरा भाई पत्थरकांडी से लौट रहा था, जब कुछ लोगों ने रात नौ बजे के करीब वाहन से लिफ्ट मांगी थी. गाड़ी खराब होने के कारण उन्होंने लिफ्ट दी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव के बाद सैकड़ों वाहन करीमगंज लौट रहे थे, इस कारण से राजमार्ग पर जाम लग गया था. हमारा वाहन बोलेरो भी करीमगंज के पास फंस गया और इसी दौरान वहां राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भीड़ आ जुटी और हंगामा किया. उन्होंने मेरे ड्राइवर से मारपीट की और कार में तोड़फोड़ की.’’ पॉल ने दावा किया कि पार्टी के रतबाड़ी के उम्मीदवार भारी मतों से विजयी होंगे और ईवीएम से छेड़छाड़ का सवाल ही नहीं उठता.

पॉल ने दावा किया, ‘‘मैं पत्थरकांडी का हूं और ईवीएम रतबाड़ी की थी. मैं उससे छेड़छाड़ क्यों करूंगा. बिजॉय मालाकार रतबाड़ी सीट से कम से कम 40,000 वोटों के अंतर से जीतेंगे, भाजपा छेड़छाड़ का प्रयास क्यों करेगी.’’ चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि पीठासीन अधिकारी और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. चुनाव आयोग ने कहा, ‘‘ईवीएम की सील हालांकि सही थी, लेकिन फिर भी रतबाड़ी (SC) एलएसी के मतदान केन्द्र संख्या- 149 इंदिरा एमवी स्कूल में दोबारा मतदान कराने का फैसला किया गया है.

राहुल-प्रियंका ने बोला हमला
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने घटना को लेकर भाजपा पर हमला किया. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘‘चुनाव आयोग की गाड़ी खराब, भाजपा की नीयत खराब, लोकतंत्र की हालत खराब.’’ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि इस पर निर्वाचन आयोग को निर्णायक कदम उठाने चाहिए तथा सभी राष्ट्रीय दलों को ईवीएम के उपयोग का ‘गंभीर पुनर्मूल्यांकन’ करने की जरूरत है. स्पष्टीकरण और तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए असम कांग्रेस के प्रमुख रिपुन बोरा ने कहा कि अगर ‘ईवीएम से हेरफेर और खुलेआम लूट’ की घटना बंद नहीं हुई तो पार्टी चुनाव का बहिष्कार करने पर विचार करेगी. गुवाहाटी में नव गठित रायजोर दल ने भी भाजपा उम्मीदवार के वाहन से ईवीएम ले जाने की आलोचना की और कहा कि यह पार्टी की हार का संकेत है.

रायजोर दल के सलाहकार सीतानाथ लहकर ने कहा, ‘‘केवल करीमगंज ही नहीं अन्य क्षेत्रों से भी ऐसी घटनाएं के बारे सूचनाएं आयी हैं. शिवसागर सीट से भी ईवीएम में अनियमितता संबंधी खबरें आयी हैं, जहां अखिल गोगोई चुनाव लड़ रहे हैं.’
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