Twitter Row: ट्विटर पर संसदीय समिति की आज अहम बैठक, पेश होंगे कंपनी के अधिकारी

ट्विटर के अधिकारियों के संसदीय समिति ने तलब किया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Twitter Row: केंद्र ने हाल ही में ट्विटर का 'इंटरमीडियरी' का दर्जा खत्म कर दिया है. साथ ही कंपनी को भारतीय कानूनों की सीमा में भी लाया गया है. खास बात यह है की बीते कुछ महीनों से कई मुद्दों को लेकर ट्विटर और भारत सरकार (Government of India) के बीच तनातनी जारी है.

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    नई दिल्ली. माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर (Twitter) के अधिकारी शुक्रवार को संसदीय समिति के सामने पेश होंगे. आईटी को लेकर गठित स्थाई समिति इस दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Social Media) के दुरुपयोग को लेकर सवाल-जवाब करेगी. इस दौरान कंपनी से सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल से बचने को लेकर भी जानकारी देने के लिए कहा जाएगा. कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) की अगुवाई वाली कमेटी ने फेसबुक, ट्विटर समेत कई बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को तलब किया था.

    स्टैंडिंग कमेटी के नोटिस के अनुसार, 18 जून को होने वाली बैठक का एजेंडा नागरिकों के अधिकारों को लेकर ट्विटर के प्रतिनिधियों की बात को सुनना होगा. इस दौरान प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग के अलावा डिजिटल क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा पर भी चर्चा की जाएगी. मीडिया रिपोर्ट्स में एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि महिलाओं के उत्पीड़न की कई शिकायतें होने के चलते ट्विटर पर कई बार उल्लंघनों के आरोप लगे हैं.

    केंद्र ने हाल ही में ट्विटर का 'इंटरमीडियरी' का दर्जा खत्म कर दिया है. साथ ही कंपनी को भारतीय कानूनों की सीमा में भी लाया गया है. खास बात यह है की बीते कुछ महीनों से कई मुद्दों को लेकर ट्विटर और भारत सरकार के बीच तनातनी जारी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के एक सदस्य ने कहा है कि पार्टी ट्विटर के प्रतिनिधियों से पूछेगी कि लाल किला विरोध प्रदर्शन के बाद कितने अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाया गया.

    समिति में मतभेद हुए
    खबर है कि थरूर और समिति के सदस्य निशिकां दुबे के बीच तनाव की स्थिति तैयार हो चुकी है. दुबे ने आरोप लगाया था कि थरूर कांग्रेस और राहुल गांधी का एजेंडा आगे बढ़ा रहे हैं. साथ ही यह भी कहा गया था कि वे कमेटी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. दुबे इसके संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पत्र लिखकर थरूर को हटाने की मांग कर चुके हैं.

    भाषा के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को देश के नये सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों की जानबूझकर अवहेलना करने और उनका पालन करने में विफल रहने के लिए ट्विटर की आलोचना की. इसके साथ ही ट्विटर ने भारत में मध्यस्थ प्लेटफार्म को मिलने वाली छूट हक खो दिया है और उपयोगकर्ताओं के किसी भी तरह की गैरकानूनी सामग्री डालने पर वह उसकी जिम्मेदार होगी.

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