लद्दाख को चीन का हिस्सा दिखाने का मामला, संसदीय समिति ने कहा- ट्विटर का जबाव 'नाकाफी'

लद्दाख को चीन का हिस्सा बताने को लेकर ट्विटर के जवाब से संतुष्ट नहीं संसदीय समिति. (सांकेतिक तस्वीर)
लद्दाख को चीन का हिस्सा बताने को लेकर ट्विटर के जवाब से संतुष्ट नहीं संसदीय समिति. (सांकेतिक तस्वीर)

ट्विटर इंडिया (Twitter India) ने भारत के हिस्से में आने वाले लद्दाख को चीन का हिस्सा बता दिया था. इस मामले के सामने आने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया था. मामले की जांच कर रही पैनल ने ट्विटर की तरफ से मिले स्पष्टीकरण को अपर्याप्त बताया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 5:40 PM IST
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नई दिल्ली. ट्विटर इंडिया (Twitter India) ने कुछ दिनों पहले लद्दाख (Ladakh) को चीन का हिस्सा बता दिया था. जिसके बाद काफी हंगामा हुआ था. इस मामले में डेटा प्रोटेक्शन को लेकर सांसदों की एक पैनल ने ट्विटर इंडिया से जवाब मांगा था. हालांकि, बुधवार को प्लेटफॉर्म की तरफ से मिले जवाब को पैनल के सदस्यों ने 'नाकाफी' करार दिया है. पैनल की अध्यक्ष मीनाक्षी लेखी (Meenakshi Lekhi) ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए बताया कि संसदीय समिति का मानना है कि ट्विटर की तरफ से मिला स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं है.

मीनाक्षी लेखी ने इसे बताया अपराध
समाचार एजेंसी से बातचीत में लेखी ने कहा कि लद्दाख को चीन के हिस्से के तौर पर दिखाना एक अपराध है, जिसमें 7 साल तक की जेल हो सकती है. लेखी ने कहा कि ट्विटर के अधिकारियों ने कहा है कि वे भारत की संवेदनशीलताओं का सम्मान करते हैं. इस मामले को लेकर सांसद ने कहा 'यह पर्याप्त नहीं है. यह सवाल संवेदनशीलता का नहीं है. यह भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ है.'


ट्विटर इंडिया की तरफ से समिति के सामने पेश हुए अधिकारियों में सीनियर मैनेजर शगुफ्ता कामरान, कानून सलाहकार आयुषी कपूर, पॉलिसी कम्युनिकेशन्स पल्लवी वालिया और कॉर्पोरेट सिक्युरिटी मनविंदर बाली का नाम शामिल है. इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, कानून और न्याय मंत्रालय के अधिकारी भी समिति के सामने पेश हुए.
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