बंगालः बीजेपी के दो विधायकों ने इस्तीफा दिया, टीएमसी बोली- जनता के पैसे की बर्बादी

शांतिपुर में टीएमसी के 6 बार के विधायक रहे अजय डे को बीजेपी के सांसद जगन्नाथ सरकार ने 16 हजार वोटों से हरा दिया. ANI

शांतिपुर में टीएमसी के 6 बार के विधायक रहे अजय डे को बीजेपी के सांसद जगन्नाथ सरकार ने 16 हजार वोटों से हरा दिया. ANI

Two BJP MPs resign from MLA post: बंगाल विधानसभा अध्यक्ष को जगन्नाथ सरकार के साथ अपना इस्तीफा सौंपने के बाद निसीथ प्रमाणिक ने कहा, "हमने पार्टी के फैसले का पालन किया है, जिसने हमसे विधायक पद से इस्तीफा देने को कहा."

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नई दिल्ली. तृणमूल कांग्रेस के उदयन गुहा कहते हैं कि उनकी बात सच साबित हुई! पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में गुहा को बहुत ही छोटे अंतर से हार का मुंह देखना पड़ा था. कूचबिहार लोकसभा क्षेत्र की दिनहाटा सीट से चुनाव लड़ने वाले गुहा कहते हैं कि मैं लगातार अपने लोगों को चेता रहा था कि बीजेपी उम्मीदवार निशीथ प्रमाणिक अगर चुनाव जीत भी गए तो वे उनके विधायक नहीं रहेंगे. निशीथ प्रमाणिक ने उदयन गुहा को दिनहाटा सीट पर 57 वोटों से हरा दिया था. हालांकि बुधवार को गुहा की बात सच साबित हुई.

विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के 10 दिनों के भीतर ही निशीथ प्रमाणिक ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कूच बिहार सीट से सांसद रहने का विकल्प चुना, बजाय कि दिनहाटा सीट से विधायक बनने का. बीजेपी के एक और लोकसभा सदस्य जगन्नाथ सरकार ने भी शांतिपुर सीट से विधायक चुने जाने के बावजूद अपने पद से इस्तीफा दे दिया. सरकार 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर सांसद चुने गए थे. दोनों नेताओं के इस्तीफे के बाद बंगाल विधानसभा में बीजेपी के सदस्यों की संख्या 77 से घटकर 75 हो गई है. दिनहाटा और शांतिपुर में अब विधानसभा के उपचुनाव कराए जाएंगे.

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उदयन गुहा ने न्यूज18 से फोन पर बातचीत में कहा, "बीजेपी के पास 75 सीटें ही रहेंगी और उपचुनावों में पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ेगा. दोनों सांसदों ने स्थानीय जनता को धोखा दिया है. इन दोनों नेताओं ने विधानसभा का चुनाव क्यों लड़ा, अगर वे विधायक नहीं बनना चाहते थे? सबका समय खराब हुआ है और जनता इस बारे बीजेपी को कड़ा सबक सिखाएगी. टीएमसी दिनहाटा सीट पर 50 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल करेगी." उदयन गुहा दिनहाटा सीट से दो बार विधायक रहे हैं, हालांकि इस बार उन्हें 57 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था.
उधर, शांतिपुर में टीएमसी के 6 बार के विधायक रहे अजय डे को बीजेपी के सांसद जगन्नाथ सरकार ने 16 हजार वोटों से हरा दिया. टीएमसी के वरिष्ठ नेता और भवानीपुर से विधायक शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने न्यूज18 से कहा कि बीजेपी के पास कभी भी बंगाल की 292 सीटों के लिए उम्मीदवार नहीं थे. लिहाजा पार्टी को अपने पांच सांसदों को चुनावी मैदान में उतारना पड़ा. चट्टोपाध्याय ने कहा, "बीजेपी के 140 उम्मीदवार टीएमसी के पूर्व नेता थे. उनके तीन सांसदों की हालत देखिए - केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, लॉकेट चटर्जी और स्वपन दासगुप्ता... सभी चुनाव हार गए."

उन्होंने कहा कि बीजेपी के उन दो सांसदों को देखिए जिन्हें जीत मिली है. निसीथ प्रमाणिक और जगन्नाथ सरकार, जिन्होंने विधायक के पद से इस्तीफा दे दिया है. चट्टोपाध्याय ने कहा, "ये जनता के पैसे की बर्बादी है, हमें इन दोनों सीटों पर उपचुनाव लड़ना होगा. ये सब महामारी के बीच हुआ है." बता दें कि बीजेपी ने विधानसभा चुनावों के दौरान शोभनदेव चट्टोपाध्याय को अपने निशाने पर रखा था, ममता बनर्जी के भवानीपुर सीट छोड़कर नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ने के फैसले के बाद शोभनदेव चट्टोपाध्याय को उम्मीदवार बनाया गया था और उन्होंने आसानी से भवानीपुर की चुनावी जंग जीत ली.

बंगाल विधानसभा अध्यक्ष को जगन्नाथ सरकार के साथ अपना इस्तीफा सौंपने के बाद निसीथ प्रमाणिक ने कहा, "हमने पार्टी के फैसले का पालन किया है, जिसने हमसे विधायक पद से इस्तीफा देने को कहा." इन दोनों से सीटों के खाली होने के बाद टीएमसी की निगाहें अपने संख्या बल को और बढ़ाने की है. दिनहाटा और शांतिपुर के अलावा राज्य की तीन और सीटों पर विधानसभा चुनाव होंगे. ये सीटें हैं- जंगीपुर, शमशेरगंज और खरदाह... इन सीटों पर विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी उम्मीदवारों की मौत हो गई थी, जिसके बाद चुनाव को स्थगित कर दिया गया. टीएमसी को उम्मीद है कि वह अपने विधायकों की संख्या को 217 तक ले जा सकती है.




विधानसभा चुनाव परिणाम के इतर बीजेपी के पास बंगाल से सांसदों की संख्या जस की तस 18 रहेगी.

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