सीमा विवाद : भारत ने लद्दाख में तैनात किए HAL के 2 हल्के युद्धक हेलीकॉप्टर

सीमा विवाद : भारत ने लद्दाख में तैनात किए HAL के 2 हल्के युद्धक हेलीकॉप्टर
दो हल्के युद्धक हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर-विकीपीडिया से साभार)

ये हेलीकॉप्टर हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड (HAL) द्वारा बनाए गए हैं. इस हेलीकॉप्टर को भारतीय सेनाओं (Indian Armed Forces) की जरूरत के हिसाब से तैयार किया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 12, 2020, 6:14 PM IST
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नई दिल्ली. चीन (China) के साथ चल रहे सीमा विवाद (Border Dispute) के बीच भारत ने लद्दाख सीमा (Ladakh) पर 2 हल्के युद्धक हेलीकॉप्टर (Light Combat Helicopters) तैनात किए हैं. ये हेलीकॉप्टर हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड (HAL) द्वारा बनाए गए हैं. इसकी जानकारी HAL ने एक विज्ञप्ति के जरिए दी है.

विज्ञप्ति में कहा गया है-ये दुनिया में सबसे हल्का युद्धक हेलीकॉप्टर है जिसे HAL ने तैयार किया है. इस हेलीकॉप्टर को भारतीय सेनाओं की जरूरत के हिसाब से तैयार किया गया है. विज्ञप्ति में इस हेलीकॉप्टर को आत्मनिर्भर भारत से भी जोड़कर दिखाया गया है.

गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ही चीन से लगते लद्दाख के इलाकों में राफेल विमान भी उड़ते हुए देखे गए हैं. चीन के साथ सीमा पर तनातनी के बीच भारत ने तेजी के साथ अपनी तैयारी की है. सरकार की तरफ से इमरजेंसी फंड जारी कर कई युद्धक सामग्री मंगाई गई हैं. जुलाई महीने के आखिरी में राफेल विमान की पहली खेप आने के बाद भारतीय वायुसेना को भी और ज्यादा मजबूती मिली है. राफेल इस वक्त दुनिया के सबसे शानदार लड़ाकू विमानों में गिना जाता है.



हेरॉन ड्रोन
कुछ दिनों पहले समाचार एजेंसी एएनआई ने सरकार के एक सूत्र के हवाले से खबर दी थी कि वर्तमान स्थितियों को देखते हुए हेरॉन यूएवी की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत है. इसी वजह से और ज्यादा संख्या में हेरॉन यूएवी का ऑर्डर देने पर विचार किया जा रहा है. हालांकि यह नहीं बताया गया है कि कुल कितने हेरॉन मंगाए जाएंगे.

एंटी टैंक मिसाइल
दूसरी तरफ आर्मी भी इजरायल से स्पाइक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल खरीदने पर विचार कर रही है. इन मिसाइलों की एक खेप भारत के पास बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भी आई थी. पिछली बार सेना को 12 लॉन्चर और 200 स्पाइक मिसाइलें मिली थीं. सूत्रों का कहना है कि अब हम एंटी टैंक मिसाइल की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं. इस बीच DRDO भी पोर्टेबेल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल तैयार कर रहा है. कहा जा रहा है कि डीआडीओ के इस प्रोजेक्ट के जरिए सेना को बल्क में ये मिसाइल सप्लाई करने में आसानी होगी. इसके अलावा सेना की तरफ से पहले ही स्पाइस 2000 बम खरीदे जाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है.
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