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    जामिया यूनिवर्सिटी की दो रिसर्च स्कॉलर को नैनो साइंस में मिली पीएम फ़ेलोशिप  

    जामिया मिलिया इस्लामिया अपने 100 साल पूरे होने का जश्न भी मना रहा है.
    जामिया मिलिया इस्लामिया अपने 100 साल पूरे होने का जश्न भी मना रहा है.

    इस उपलब्धि के लिए  जामिया (Jamia) के सीएनएन (CNN) के प्रो. एक्यू अंसारी  उनकी टीम और अन्य स्टाफ सदस्यों ने कड़ी मेहनत की है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 7, 2020, 10:33 AM IST
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    नई दिल्ली. जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी (JMI) को लगातार दूसरे दिन एक और बड़ी कामयाबी मिली है. जामिया की दो रिसर्च स्कॉलर मारिया खान और अबगीना शब्बीर को नैनो साइंस (nano science ) में मिली पीएम रिसर्च फैलोशिप (PMRF) के लिए चुना गया है. दोनों रिसर्च स्कॉलर (
    Research scholar) का सिलेक्शन पीएमआरएफ की मई-2020 ड्राइव के लेटरल एंट्री श्रेणी के तहत किया गया है. फ़ेलोशिप के तौर पर पहले दो साल के 70, 000 रुपये, तीसरे साल के लिए 75,000 और चैथे और पांचवे साल के लिए 80,000 रूपए मिलेंगे. इसके अलावा, प्रत्येक फेलो को हर साल 2 लाख रुपये के अनुसंधान अनुदान के तौर पर मिलेंगे. मतलब पांच साल के लिए कुल 10 लाख रुपये मिलेंगे.

    यह है अबगीना शब्बीर की रिसर्च

    जामिया के सीएनएन से, प्रो एस.एस. की देखरेख में नैनो टेक्नोलॉजी में पीएडी कर रहीं अबगीना शाबिर ने बताया कि उसका पीएचडी काम ली-आयन बैटरियों के लिए हाई परफार्मेंस एनोड के निर्माण पर आधारित होगा. अपने शोध कार्य के माध्यम से वह उच्च विशिष्ट क्षमता वाली एनोड सामग्री को सुस्पष्ट और स्केलेबल तकनीकों का उपयोग करके संश्लेषित करना चाहती हैं. वहा चाहती हैं कि उनके इस शोध के ज़रिए पांरपरिक बैटरियों की सीमाएं टूटें जिससे कि उच्च ऊर्जा की मांग पूरी हो सके.
    यह भी पढ़ें- 'एनॉलिटिकल कैमेस्ट्री' में भारत के नंबर वन और दुनिया के 24वें साइंटिस्ट बने जामिया यूनिवर्सिटी के प्रो. इमरान, ऐसे हुए घोषित



    यह है मारिया खान की रिसर्च

    मारिया खान का पीएचडी कार्य स्वास्थ्य निगरानी के लिए बहुक्रियाशील हाइब्रिड नैनोमीटर आधारित बायोसेंसर पर आधारित होगा. इसका मकसद मल्टीफंक्शनल हाइब्रिड नैनोमटेरियल्स को संश्लेषित करना है जिससे विभिन्न जैविक संवेदी उपकरणों के विकास के लिए उनका इस्तेमाल किया जा सके.

    यह बोलीं जामिया की वाइस चांसलर

    जामिया की वाइस चांसलर प्रो. नजमा अख्तर ने दोनों शोधकर्ताओं को बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह विश्वविद्यालय के अन्य छात्रों में अनुसंधान में अच्छा करने का हौसला बढ़ाएगा. उन्होंने कहा कि जामिया लगातार उत्कृष्टता की बढ़ने के लिए कटिबद्ध है और मेहनत करने वाले अपने छात्रों के बुलंदियां पाने के लिए हर संभव मदद देने को प्रतिबद्ध है.



    यह है पीएम फेलोशिप का मकसद

    भारत भर के उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रधान मंत्री रिसर्च फैलोशिप (पीएमआरएफ) योजना बनाई गई है. आकर्षक फेलोशिप वाली ये महत्कांक्षी योजना अनुसंधान में सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा को आकर्षित करने की अपनी कोशिशों में कामयाब है. इस योजना की घोषणा बजट 2018-19 में की गई थी.
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