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जम्मू-कश्मीर में 100 मिलियन डॉलर का निवेश, यूएई फर्म प्रमुख बोले- 'मेरा दिल अभी भी J&K में है'

जम्मू-कश्मीर में 100 मिलियन डॉलर का निवेश, यूएई फर्म प्रमुख बोले- 'मेरा दिल अभी भी J&K में है'

सेंचुरी फाइनेंशियल के मालिक, बाल कृष्ण, मूल रूप से जम्मू के डोड़ा जिले के निवासी हैं (फाइल फोटो)

सेंचुरी फाइनेंशियल के मालिक, बाल कृष्ण, मूल रूप से जम्मू के डोड़ा जिले के निवासी हैं (फाइल फोटो)

कोविड के हालात को देखते हुए फर्स्ट क्वार्टर के अंत में, या सेकंड क्वार्टर की शुरुआत में हमारे तीनों प्रोजेक्ट की नींव रखी जाएगी. अगले ढाई से 3 सालों के अंदर हमारे तीनों प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे. जो आवासीय बिल्डिंग हम बनाने जा रहे हैं, वह जम्मू में बनेगी और उसके लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है. J&K में होटल और रेजिडेंशियल कंपलेक्स बनने के बाद करीब 700 नए रोजगार सीधे तौर पर पैदा होंगे, वही अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार पैदा होंगे.

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जम्मू कश्मीर:  जम्मू-कश्मीर (J&K) सरकार ने पिछले हफ्ते, UAE की अग्रणी वित्तीय सेवा कंपनी सेंचुरी फाइनेंशियल के साथ केंद्र शासित प्रदेश में $100 मिलियन के निवेश के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. निवेश में जम्मू-कश्मीर में तीन होटल और एक आवासीय परिसर का निर्माण शामिल है. सेंचुरी फाइनेंशियल के मालिक, बाल कृष्ण, मूल रूप से जम्मू के डोड़ा जिले के निवासी हैं और जम्मू-कश्मीर में विकास का समर्थन करते आ रहे हैं.

दुबई से News18 को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कृष्ण ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में निवेश करने का यह सही समय है. उन्होंने कहा कि यह 30 वर्षों में पहली बार है कि J&K में सरकार के प्रमुख ने संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया और कॉर्पोरेट घरानों को जम्मू-कश्मीर में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया. कृष्ण ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में इन आगामी होटलों और आवासीय परिसरों के साथ करीब 700 प्रत्यक्ष और हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे.

इंटरव्यू के कुछ अंश
सवाल: जम्मू-कश्मीर में आप निवेश करने जा रहे हैं. आपकी कंपनी का हाल ही में वहां की सरकार के साथ MoU भी हुआ है. लेकिन जम्मू-कश्मीर ही क्यों? आपने इतने सारे राज्यों में J&K को ही क्यों चुना?

जवाब: UAE और दुबई मेरी कर्मभूमि है लेकिन जम्मू-कश्मीर मेरी जन्मभूमि है. भले ही मैं 30 सालों से दुबई में रह रहा हूं, लेकिन मेरा दिल अभी भी J&K में है. इसलिए मैंने निवेश के लिए जम्मू-कश्मीर को ही चुना.

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सवाल: आपकी कंपनी करीब 100 मिलियन डॉलर का निवेश करने जा रही है, जिसके चलते केंद्र शासित प्रदेश में तीन होटल बनाए जाएंगे. जम्मू-कश्मीर के लिए विकास और रोज़गार के हवाले से इस करार के मायने क्या है?

जवाब: जम्मू-कश्मीर में 3 होटल और एक रेजिडेंशियल/कमर्शियल प्रोजेक्ट हम लेकर आ रहे हैं. डोड़ा के एक छोटे से गांव ‘पार शूला’ से मेरा वास्ता है. डोड़ा से दुबई की इस यात्रा के बाद मैंने यह सोचा है कि हमें समाज को भी कुछ लौटना चाहिए. जम्मू-कश्मीर में रोज़गार की बहुत जरूरत है और इसके लिए हर एक व्यक्ति और कॉर्पोरेट हाउस को J&K के विकास में अपना सहयोग देना चाहिए.

अगर जम्मू-कश्मीर में विकास होगा, तो रोज़गार पैदा होंगे, बहुत से मसले इससे हल हो जाएंगे. अगर हर कोई J&K के विकास में सहयोग करेगा, तो जम्मू-कश्मीर दुनिया का सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल बन सकता है. इसके लिए हमें सिर्फ सरकार पर ही निर्भर नहीं होना चाहिए, हर एक कॉरपोरेट हाउस को और व्यक्ति को आगे आना चाहिए और J&K के विकास में भागीदार बनना चाहिए.

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सवाल: जो तीन होटल आप बनाने जा रहे हैं वह जम्मू-कश्मीर में किस शहर में बनाए जाएंगे, क्या होटल को लेकर जगह तय हो पाई है. कितनी जल्दी इन प्रोजेक्ट्स पर काम होगा?

जवाब: जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी कहते रहे हैं कि भारत गांवों में बसता है, यह बात मुझे बहुत भाती है. पहला होटल मेरे ज़िले डोड़ा में बनाया जाएगा. दूसरा होटल जम्मू में बनाया जाएगा और तीसरा होटल कश्मीर के श्रीनगर या गुलमर्ग में बनाया जा सकता है.

कोविड के हालात को देखते हुए फर्स्ट क्वार्टर के अंत में, या सेकंड क्वार्टर की शुरुआत में हमारे तीनों प्रोजेक्ट की नींव रखी जाएगी. अगले ढाई से 3 सालों के अंदर हमारे तीनों प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे. जो आवासीय बिल्डिंग हम बनाने जा रहे हैं, वह जम्मू में बनेगी और उसके लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है. J&K में होटल और रेजिडेंशियल कंपलेक्स बनने के बाद करीब 700 नए रोजगार सीधे तौर पर पैदा होंगे, वही अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार पैदा होंगे.

सवाल: J&K में सुरक्षा हालात को लेकर अक्सर सवाल खड़े किए जाते हैं. तो इस निवेश को लेकर क्या आपने सुरक्षा हालात को ध्यान में रखकर फैसला किया था और आपको सुरक्षा को लेकर सरकार की तरफ से क्या आश्वासन दिया गया है?

जवाब: मैं जम्मू-कश्मीर में ही पैदा हुआ हूं और वही पला-बढ़ा हूं. व्यापारी का एक ही धर्म होता है कि वह व्यापार बढ़ाए और रोज़गार पैदा करे. सुरक्षा हालात पर ध्यान देना सरकार का काम है. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का कार्यकाल हमने देखा है, बहुत से अच्छे काम हुए हैं. बहुत से निवेशकों ने इच्छा जाहिर की है कि वह भी J&K में निवेश करना चाहते हैं. मैं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और औद्योगिक सचिव का धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने यह कदम उठाया और दुबई आए. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने निवेशकों से कहा है कि पहले आप कश्मीर आइए, लोगों से मिलिए, फिर निवेश को लेकर फैसला लीजिए.

सवाल: आपको लगता है यह J&K में निवेश करने का सही वक्त है और अन्य देशों की कंपनियों को भी जम्मू-कश्मीर में निवेश करना चाहिए?

जवाब: मेरे हिसाब से जम्मू-कश्मीर में निवेश करने का यह सबसे सही वक्त है क्योंकि J&K में हमारी युवा पीढ़ी बहुत टैलेंटेड है. पढ़े-लिखे मेहनती और ईमानदार बच्चे हैं. बिजनेसमैन को अपने बिज़नेस के लिए अभी टैलेंट की बहुत ज्यादा जरूरत है.

Tags: Jammu kashmir, Jammu Kashmir Election, UAE

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