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उबर पूल हॉररः सहयात्री ने महिला पत्रकार से की बदसलूकी, बाल खींचे-चेहरे पर आई खरोंच

उबर पूल में सहयात्री ने महिला पत्रकार से की बदसलूकी.
उबर पूल में सहयात्री ने महिला पत्रकार से की बदसलूकी.

जब पुलिस और पत्रकार ने उस महिला की जानकारी के लिए उबर से संपर्क किया तो उबर ने कस्टमर प्राइवेसी का हवाला देते हुए कुछ भी बताने से इनकार कर दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 25, 2018, 10:35 PM IST
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मुंबई में उबर पूल में यात्रा कर रही एक महिला पत्रकार के साथ उसकी सहयात्री ने बदसलूकी की. सहयात्री ने पत्रकार के बाल खींचे और उनके हाथ-चेहरे पर भी खरोंचें आई हैं. यह पूरा विवाद सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि सहयात्री को सबसे आखिर में ड्रॉप किया जाना था और वह ऐसा नहीं चाहती थीं.

एक एंटरटेनमेंट मैग्जीन में कार्यरत जून पॉल ने फेसबुक और ट्विटर पर अपनी आपबीती शेयर की है. उन्होंने अपने पोस्ट में दावा किया कि आखिरी ड्रॉप को लेकर उबर ड्राइवर पर चिल्लाने लगी कि उसने सबसे ज्यादा पैसे दिये हैं इसके बावजूद उसे सबसे लास्ट में ड्रॉप किया जाएगा. इस मामले में जब जून ने हस्तक्षेप किया तो सहयात्री हिंसक हो गई. (पढ़ेंः ओला-उबर की सर्ज प्राइसिंग पर सख्त हुई ममता सरकार)

पत्रकार ने लिखा, 'उन्हें समझाने का कोई नतीजा नहीं निकला. उन्होंने मुझे गालियां दी और जब मैं एकदम चुप हो गई तो वह मुझे भड़काने की कोशिश करने लगी.'



पत्रकार ने बताया कि महिला ने उन पर रेसिस्ट टिप्पणियां भी की. उन्होंने कहा, "हम लोवर परेल में उर्मी एस्टेट के करीब पहुंच चुके थे जहां उनका ड्रॉप था. वह रेसिस्ट टिप्पणियां करने लगीं और मुझे गालियां देने लगीं. जब मैंने कहा कि यह नस्लवादी है तो उन्होंने मुझसे कहा, 'हां तो? क्या कर लेगी?''

पत्रकार ने जब उस महिला की फोटो क्लिक करने की कोशिश की तो वह हिंसक हो गई. उसने पत्रकार का फोन छीन लिया और तोड़ने की धमकी देने लगी. कार से उतरने से पहले महिला ने पत्रकार के बाल खींचे और चेहरा नाखून से नकोड़ दिया.

जून ने लिखा, "मैं रोने लगी. वह कैब से उतरकर उर्मी एस्टेट के अंदर चली गई. वहां भीड़ जमा हो गई थी. उर्मी एस्टेट के गार्ड मेरे पास आए और उन्होंने मुझसे कहा कि मैं पुलिस में शिकायत करूं. मैं चौंक गई थी और पागलों की तरह रो रही थी.  इसके बाद मैं लोवर परेल पुलिस थाने गई और वहां एफआईआर दर्ज करवाई."


जब पुलिस और पत्रकार ने उस महिला की जानकारी के लिए उबर से संपर्क किया तो उबर ने कस्टमर प्राइवेसी का हवाला देते हुए कुछ भी बताने से इनकार कर दिया.

मुझ पर भरी दोपहरी में एक अजनबी ने शारीरिक और मौखिक हमला किया. ऊबर का पूरा बैक सीट मेरे बालों से भरा पड़ा है. मेरे हाथ और चेहरे पर चोटें हैं. मैं मानसिक रूप से डर गई हैं. मेरी सुरक्षा के लिए उबर कुछ नहीं करेगा. अगर वे मुंबई पुलिस की बात का सम्मान नहीं कर सकते तो मैं तो मामूली नागरिक हूं और मैं बिलकुल भी सेफ नहीं हूं
- जून पॉल


इस मामले में आरोपी महिला के खिलाफ आईपीसी की धारा 322 (जानबूझकर किसी को चोट पहुंचाना)  और धारा 504 (जानबूझकर किसी का अपनान करना) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.

सोशल मीडिया पर घटना के वायरल होने के कुछ घंटों बाद उबर ने जून से संपर्क किया और उन्हें आश्वासन दिया कि आरोपी महिला के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उबर ने पॉल को मेल किया, 'हमने आपकी को-राइडर और ड्राइवर से आपकी शिकायत के संबंध में संपर्क किया है. आपकी सहयात्री का अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है.'

जून ने कंपनी के जवाब पर असंतोष जाहिर किया है. वह उबर और आरोपी महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही हैं.
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