क्या उद्धव ठाकरे ने 18 करोड़ में खरीदे MNS के 6 पार्षद?

दिनेश मौर्या | News18Hindi
Updated: October 13, 2017, 11:18 PM IST
क्या उद्धव ठाकरे ने 18 करोड़ में खरीदे MNS के 6 पार्षद?
उद्धव ठाकरे
दिनेश मौर्या | News18Hindi
Updated: October 13, 2017, 11:18 PM IST
मुंबई के बीएमसी में सत्ता बनाये रखने के लिये उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस के 6 पार्षदों को तोड़कर शिवसेना में शामिल कर लिया है. एमएनएस के 6 पार्षदों के शिवसेना में शामिल होने से बीजेपी में शिवसेना के पार्षदों की संख्या 90 के पार चली गई है.

लेकिन जैसे ही शिवसेना के इस जोड़-तोड़ की जानकारी वायरल हुई वैसे ही अलग-अलग कयास लगाए जाने लगे. सवाल ये उठ रहे थे कि आखिर कब और कैसे उद्धव ने एमएनएस के पार्षदों को मनाया और क्या सच में उद्धव ने पार्षदों को अपने पार्टी में शामिल करने के लिये पार्षदों को पैसों का लालच दिया था?

हर पार्षद के लिये तीन करोड़ दिये
बीजेपी सांसद किरीट सोमैया ने आरोप लगाया है कि शिवसेना ने हर एमएनएस के पार्षद को अपने पाले में लाने के लिये कम से कम 3 करोड़ रुपये की घूस दी है. चूंकि 6 पार्षद शिवसेना में शामिल हुए हैं तो 3 करोड़ के हिसाब से कुल 18 करोड़ रुपये हो जाते हैं. बीजेपी और एमएनएस ने कहा है कि वो इस ख़रीद फरोख्त के लिये शिकायत भी करेंगें.

दूसरों ने किया तो खुद्दारी और हमने किया तो गद्दारी
पार्षदों की खरीद-फरोख्त़ के सभी आरोपों को नकारते हुए उद्धव ने दावा किया कि जो पार्षद शिवसेना में शामिल हुए हैं वो पहले शिवसैनिक ही थे. ये घरफोड़ी यानी घरवापसी है. बीजेपी के आरोपों पर पलटवार करते हुए उद्धव ने कहा कि अगर उन्होंने किया तो खुद्दारी और हमने किया तो गद्दारी, कैसे? और वैसे भी सत्ता हासिल करने के लिये किसी भी स्तर तक जाने वाली बीजेपी हमें ज्ञान ना दें. अगर हमारे वो सच में मित्र हैं जो उनकी पेट में दर्द क्यों हो रहा है.

बीजेपी के आरोपों में कितनी सच्चाई है, ये कहना तो मुश्किल है. लेकिन बीएमसी में अपनी सत्ता बचाये रखने के लिये उद्धव का एमएनएस के पार्षदों को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल कर लेना, ये भारतीय सिसायत की उस कु-परंपरा को आगे ले जाने वाले इतिहास में दर्ज हो जायेगा, जहां सत्ता ही सर्वोपरि है. चाहे वो जैसे मिले.

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First published: October 13, 2017
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