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उद्धव ठाकरे ने सरकार बचाने के लिए ट्रांसफर रैकेट रिपोर्ट को नजरअंदाज किया: फडणवीस

देवेन्द्र फडनवीस ने सीबीआई जांच के लिए रिपोर्ट की कॉपी और कॉल डेटा को केंद्रीय गृह सचिव को सौंपने की बात कही है.  (फाइल फोटो)

देवेन्द्र फडनवीस ने सीबीआई जांच के लिए रिपोर्ट की कॉपी और कॉल डेटा को केंद्रीय गृह सचिव को सौंपने की बात कही है. (फाइल फोटो)

Maharashtra Transfer Racket Controversy: महाराष्ट्र के बीजेपी (BJP) मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में फडणवीस ने कहा 'मुख्यमंत्री ने कोई भी एक्शन नहीं लिया जबकि जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट उनके आधीन है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 11:59 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में विपक्ष लगातार उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) सरकार पर निशाना साध रहा है. मंगलवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने सीएम ठाकरे पर ट्रांसफर रैकेट से जुड़ी रिपोर्ट को नजरअंदाज करने के आरोप लगाए हैं. पूर्व सीएम का कहना है कि ठाकरे ने ऐसा अपनी सरकार के बचाने के लिए किया. साथ ही फडणवीस ने दावा किया है कि उनके पास 6.3 जीबी का कॉल इंटरसेप्ट डेटा है. उन्होंने कहा है कि वे इसे केंद्रीय गृह सचिव को सौंपने जा रहे हैं.

महाराष्ट्र के बीजेपी मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में फडणवीस ने कहा 'मुख्यमंत्री ने कोई भी एक्शन नहीं लिया, जबकि जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट उनके आधीन है. रिपोर्ट सरकार के पास अगस्त 2020 से मौजूद है, लेकिन अब तक उसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई.' उन्होंने कहा 'ऐसा लगता है कि उन्होंने अपने सरकार को बचाने के लिए पूरे रैकेट को सुरक्षा दी.' उन्होंने सीबीआई जांच के लिए रिपोर्ट की कॉपी और कॉल डेटा को केंद्रीय गृह सचिव को सौंपने की बात कही है.

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उन्होंने कहा 'चूंकि केंद्रीय गृह सचिव संरक्षक हैं और जीएडी का इंचार्ज होने के बावजूद सीएम ने कुछ नहीं किया, मैं केंद्र को रिपोर्ट सौंप दूंगा.' पूर्व सीएम ने दावा किया है कि कॉल इंटरसेप्ट डेटा में वरिष्ठ आईपीएस, गैर आईपीएस, जूनियर अधिकारी और राजनेताओं के नाम शामिल हैं. साथ ही उन्होंने सरकार पर इंटेलीजेंस कमिश्नर रश्मि शुक्ला को 'सजा' देने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा 'वरिष्ठ अधिकारी होने के बावजूद रश्मि शुक्ला को प्रमोशन के लिए नजरअंदाज किया गया. उन्हें सिविल डिफेंस की डायरेक्टर जनरल के ऐसे पद पर प्रमोट किया गया, जो है ही नहीं और जिसे कैबिनेट नें मंजूरी नहीं दी है.' उन्होंने कहा 'वहीं, दूसरी ओर कॉल इंटरसेप्ट्स में उन अधिकारियों का नाम सामने आया, जिन्हें अपने मन का पद मिल गया.' तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) सीताराम कुंते की अनुमति के बाद फोन टेपिंग की गई थी. शुक्ला ने 25 अगस्त 2020 को डीजीपी सुबोध जयसवाल को कॉल डेटा के साथ रिपोर्ट सौंप दी थी. बाद में उन्होंने 26 अगस्त को रिपोर्ट अतिरिक्त गृह सचिव (गृह) के पास रिपोर्ट दाखिल कर दी थी.
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