मोदी की प्रशंसा थरूर को पड़ रही भारी, UDF नेता बोले- ऑक्सफर्ड की अंग्रेजी ने चुनाव में जीत नहीं दिलाई

भाषा
Updated: September 1, 2019, 7:49 AM IST
मोदी की प्रशंसा थरूर को पड़ रही भारी, UDF नेता बोले- ऑक्सफर्ड की अंग्रेजी ने चुनाव में जीत नहीं दिलाई
New Delhi: Congress MP Shashi Tharoor at Parliament House during the winter session in New Delhi on Wednesday. PTI Photo by Kamal Singh (PTI12_7_2016_000129B)

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी- KPCC) के पार्टी नेताओं को सार्वजनिक बयान नहीं देने का निर्देश देने के कुछ दिन बाद मुरलीधरन की यह टिप्पणी आई है.

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तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर (Thiruvananthapuram MP Shashi Tharoor) के खिलाफ अपनी आक्रामकता बरकरार रखते हुए पार्टी सहयोगी के.मुरलीधरन ने एक बार फिर उन पर निशाना साधते हुए कहा कि 'ऑक्सफर्ड इंग्लिश' ने नहीं बल्कि 'मोदी विरोधी' रवैये ने पार्टी नीत मोर्चे को तिरुवनंतपुरम सीट से जीत दिलाई. 'मोदी की तारीफ' करने के लिए शशि थरुर पर निशाना साधा जा रहा है.

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी - KPCC) के पार्टी नेताओं को सार्वजनिक बयान नहीं देने का निर्देश देने के कुछ दिन बाद मुरलीधरन की यह टिप्पणी आई है. बता दें कि थरूर ने बयान दिया था कि 'सही चीजें' करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की जानी चाहिए जिसके बाद विवाद छिड़ गया था.

थरूर का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता एवं पूर्व सांसद दिवंगत ए चार्ल्स जिन्हें ऑक्सफर्ड की अंग्रेजी नहीं आती थी, उन्हें तिरुवनंतपुरम सीट से तीन बार जीत मिली थी. लोकसभा में वडकरा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मुरलीधरन ने कहा कि अगर उन्होंने कुछ समय पहले कांग्रेस छोड़ दी होती तो भी वह भाजपा का कभी समर्थन या तरफदारी नहीं करते.

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थरूर ने दिया यह जवाब

वरिष्ठ नेता स्पष्ट तौर पर थरूर द्वारा हाल ही में उनकी आलोचना की ओर इशारा कर रहे थे. थरूर ने कहा था कि जो उन्हें पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने को कह रहे हैं वह खुद ही बमुश्किल आठ साल पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे और इससे पहले पार्टी छोड़ कर कई सालों तक इस पर हमला बोलते रहे थे.

उन्होंने कहा, 'यहां तक कि ए चार्ल्स जो अच्छी मलयालम बोलते थे, उन्होंने तीन बार यह सीट जीती. वह ऑक्सफर्ड इंग्लिश की वजह से नहीं जीते थे. ऐसा इसलिए था क्योंकि तिरुवनंतपुरम वडकरा की तरह ही कांग्रेस का गढ़ रहा है जिसे आम तौर पर ऐसा निर्वाचन क्षेत्र समझा जाता है जिसमें माकपा का जनाधार ज्यादा है.'
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First published: September 1, 2019, 7:44 AM IST
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