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UIDAI ने 127 आधार धारकों को नोटिस पर दी सफाई, कहा- नागरिकता से कोई संबंध नहीं

News18Hindi
Updated: February 19, 2020, 9:11 AM IST
UIDAI ने 127 आधार धारकों को नोटिस पर दी सफाई, कहा- नागरिकता से कोई संबंध नहीं
UIDAI ने आधार बनवाने वाले 127 लोगों को नोटिस जारी किया (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने नोटिस में लिखा है, 'हैदराबाद में रिजनल ऑफिस को शिकायत मिली है कि आप भारत के नागरिक नहीं हैं. आपने गलत जानकारी देकर और फर्जी दस्तावेज दिखाकर आधार नंबर हासिल किया है. इसलिए वास्तविक दस्तावेज के साथ रिजनल ऑफिस में पेश हों.'

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नई दिल्ली. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के हैदराबाद ऑफिस ने कथित तौर पर गलत तरीका अपनाकर आधार नंबर प्राप्त करने वाले 127 लोगों को नोटिस भेजा है. जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से हैं. शुरुआत में बताया गया UIDAI ने इन लोगों को वास्तविक दस्तावेज दिखाकर नागरिकता साबित करने को कहा है. हालांकि, अब UIDAI ने साफ किया कि इसका नागरिकता से कोई संबंध नहीं है.

पहले खबर आई थी कि UIDAI ने मुस्लिम समुदाय के तीन लोगों को नोटिस जारी किया है, हालांकि अब UIDAI ने साफ किया कि कुल 127 लोगों को नोटिस जारी किया गया है.

UIDAI ने 3 फरवरी को जारी नोटिस में लिखा है- 'हैदराबाद में रिजनल ऑफिस को शिकायत मिली है कि आप भारत के नागरिक नहीं थे. आपने गलत जानकारी देकर और फर्जी दस्तावेज दिखाकर आधार नंबर हासिल किया है. इसलिए वास्तविक दस्तावेज के साथ  रिजनल ऑफिस में पेश हों.'




20 फरवरी को पेश होने का निर्देश

नोटिस में यह दावा किया गया है कि हैदराबाद रिजनल ऑफिस काफी पहले से इस मामले की जांच कर रही है. इस संबंध में सभी 127 लोगों को 20 फरवरी को इन्क्वॉयरी ऑफिसर अमिता बिंदरू के दफ्तर में पेश होकर अपनी नागरिकता साबित करने के लिए सभी ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स दिखाने को कहा गया है. अगर वो अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाए, तो ऐसी स्थिति में उनका आधार नंबर डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा. हालांकि, नोटिस में ये नहीं कहा गया कि नागरिकता साबित करने के लिए इन लोगों को कौन से दस्तावेज दिखाने होंगे.

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UIDAI का नोटिस


 

रिक्शा चालक का आधार नकली होने की शिकायत
बता दें कि हैदराबाद में 40 एक वर्षीय ऑटो-रिक्शा चालक को यूआईडीएआई ने एक शिकायत पर अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कहा है. शिकायत में उसका आधार कार्ड नकली बताया गया है. बायोमेट्रिक्स-आधारित पहचान पत्र प्रणाली चलाने वाले प्राधिकरण के उप निदेशक और जांच अधिकारीने रिक्शा चालक को 20 फरवरी को सुबह 11 बजे उनके सामने पेश होने के लिए कहा है.

क्या कहता है आधार एक्ट?
आधार एक्ट 2016 के मुताबिक, आधार नागरिकता का दस्तावेज नहीं है और आधार अधिनियम के तहत UIDAI  को यह सुनिश्चित करना होता है कि आधार के लिए आवेदन करने से पहले कोई व्यक्ति भारत में कम से कम 182 दिनों से रह रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक ऐतिहासिक फैसले में यूआईडीएआई (UIDAI) को अवैध प्रवासियों को आधार नहीं जारी करने का निर्देश दिया था. (PTI इनपुट के साथ)

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First published: February 19, 2020, 7:41 AM IST
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