लाइव टीवी

असम के पूर्व DGP का दावा, 2001 में ULFA की मदद से कांग्रेस ने जीता था विधानसभा चुनाव

News18Hindi
Updated: March 11, 2019, 8:20 PM IST
असम के पूर्व DGP का दावा, 2001 में ULFA की मदद से कांग्रेस ने जीता था विधानसभा चुनाव
आईपीएस घनश्याम मुरली श्रीवास्तव (फाइल फोटो)

न्यूज 18 से खास बातचीत में श्रीवास्तव ने कहा, "2001 में असम विधानसभा चुनाव में उल्फा ने बड़ी भूमिका निभाई थी. इस उग्रवादी समूह ने एक राजनीतिक दल की चुनाव जीतने में मदद की थी, बदले में इस समूह को काफी पैसे दिए गए थे."

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 11, 2019, 8:20 PM IST
  • Share this:
बीजू कुमार डेका

असम और त्रिपुरा के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) घनश्याम मुरारी श्रीवास्तव ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने कहा है कि साल 2001 में असम में कांग्रेस उग्रवादी समूह यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (ULFA) की मदद से सत्ता में आई थी.

न्यूज 18 से खास बातचीत में श्रीवास्तव ने कहा, "2001 में असम विधानसभा चुनाव में उल्फा ने बड़ी भूमिका निभाई थी. इस उग्रवादी समूह ने एक राजनीतिक दल की चुनाव जीतने में मदद की थी, बदले में इस समूह को काफी पैसे दिए गए थे."

बता दें कि 2001 के विधानसभा चुनाव में तरुण गोगोई के नेतृत्‍व में कांग्रेस ने 71 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी से गठबंधन के बावजूद AGP सिर्फ 20 सीटें हासिल करने में सफल हुई थी.

पूर्व पुलिस महानिदेशक ने कहा, "हमने उग्रवादी नेता परेश बरुआ का एक मैसेज इंटरसेप्ट किया था जिसमें वह अपने कॉमराड्स को असम गण परिषद (AGP) के उम्मीदवारों पर हमला करने का आदेश दे रहा था. इसी संदेश में उसने अन्य पार्टियों के उम्मीदवारों पर हमला करने का आदेश भी दिया था."

लोकसभा चुनाव 2019 : नतीजों के ऐलान में हो सकती है देरी, ये है वजह

श्रीवास्तव ने दावा किया कि 2001 में चुनाव जीतने वाली पार्टी के साथ सौदा तय होने के बाद परेश बरुआ ने उल्फा के कॉमरेडों को पोलिंग बूथों पर तैनात करवाया था. उन्होंने कहा, ‘जहां वे एक पार्टी विशेष के पक्ष में वोट करने के लिए लोगों पर दबाव बना रहे थे.’
Loading...

लोकसभा चुनाव की उल्टी गितनी शुरू हो चुकी है. ऐसे में श्रीवास्तव ने दावा किया, ‘आज के वक्त में परेश बरुआ के नेतृत्व के पास इतनी ताकत नहीं है कि वह आगामी लोकसभा चुनाव पर असर डाल सके. हालांकि, उत्तरी असम में यह समूह कुछ छिटपुट वारदातों को अंजाम दे सकता है.’

'लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराना ही है कम्युनिस्टों का उद्देश्य है'

साल 2001 में मुख्यमंत्री बनने के बाद तरुण गोगोई ने राज्य के महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपने करीबियों को रखना शुरू कर दिया था. एक बार उन्होंने एक ही दिन में 29 सीनियर आईपीएस अधिकारियों का और बाद में 18 सीनियर आईएएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया था. तब श्रीवास्तव को गोगोई ने एडीजी (ऑपरेशन) से एडीजी (ट्रेनिंग और आर्म्ड पुलिस) बना दिया था. मुख्यमंत्री के तौर पर अपने दूसरे कार्यकाल में गोगोई ने साल 2008 में श्रीवास्तव को असम का डीजीपी बनाया और अपने तीसरे कार्यकाल में साल 2013 में गोगोई ने उन्हें अपना सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया था. श्रीवास्तव असम और मेघालय काडर के 1972 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 11, 2019, 8:02 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...