Delhi Violence: दिल्ली पुलिस ने JNU के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद की 10 दिन की मांगी रिमांड, कुछ देर में आएगा फैसला

Delhi Violence: दिल्ली पुलिस ने JNU के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद की 10 दिन की मांगी रिमांड, कुछ देर में आएगा फैसला
दिल्ली हिंसा के आरोपी उमर खालिद को लेकर दिल्ली पुलिस ने अदालत से मांगी 10 दिन की पुलिस रिमांड.

दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) मामले में गिरफ्तार आरोपी उमर खालिद (Umar Khalid) का दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल ने 10 दिन का पुलिस रिमांड मांगी है. कोर्ट ने रिमांड पर फैसला सुरक्षित रख लिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 14, 2020, 8:18 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) मामले में गिरफ्तार आरोपी उमर खालिद  (Umar Khalid) का दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल ने 10 दिनों के लिए पुलिस रिमांड मांगी है. कोर्ट ने रिमांड पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. थोड़ी ही देर में कोर्ट रिमांड पर फैसला सुनाएगा. स्पेशल सेल ने कड़कड़डूमा कोर्ट से कहा है कि उन्हें आरोपी उमर खालिद को 11 लाख पन्नों वाले डेटा से रूबरू कराना है. इस वजह से 10 दिन का रिमांड चाहिए.

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने बीती रात को ही उमर खालिद को गिरफ्तार किया था. उमर खालिद की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को लघु फिल्म निर्माता राहुल रॉय और डॉक्यूमेंट्री (Documentary) फिल्मकार सबा दीवान को दिल्ली हिंसा मामले में भी तलब किया है.

उमर खालिद की बीती रात हुई थी गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस दंगों में कथित भूमिका के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून के तहत गिरफ्तार किया था. विशेष प्रकोष्ठ ने 11 घंटे की पूछताछ के बाद खालिद को गिरफ्तार किया है. उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी में नागरिकता संशोधन कानून के विरोधियों और समर्थकों के बीच सांप्रदायिक झड़प ने हिंसा का रूप ले लिया था, जिसमें 53 लोगों की मौत हो गई थी.
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सीएए और एनआरसी (CAA-NRC) के विरोध में देश की राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है. मामले में आरोपी उमर खालिद पर गंभीर आरोप लगे हैं. हिंसा मामले में उमर खालिद पर नार्थ-ईस्ट दिल्‍ली के कई इलाकों में मीटिंग कर धरना प्रदर्शन के लिए लोगों को उकसाने और फंड उपलब्ध कराने का भी आरोप लगा है. जानकारी के मुताबिक, बीते दिसंबर के पहले हफ्ते में CAA और NRC के खिलाफ खड़े होने और बड़ा विरोध करने के लिए एक बड़ी मीटिंग जंगपुरा इलाके में की गई थी.
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