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कर्ज लेकर पढ़ा रहे थे पिता लेकिन अंग्रेजी नहीं आती थी इसलिए नर्सिंग स्टूडेंट ने कर लिया सुसाइड

News18Hindi
Updated: November 16, 2019, 5:37 PM IST
कर्ज लेकर पढ़ा रहे थे पिता लेकिन अंग्रेजी नहीं आती थी इसलिए नर्सिंग स्टूडेंट ने कर लिया सुसाइड
प बंगाल में नर्सिंग की एक छात्रा ने अंग्रेजी के लेक्चर न समझ आने के चलते खुदकुशी कर ली है (सांकेतिक फोटो)

स्टूडेंट के सुसाइड नोट (Suicide Note) में इशारा किया गया है कि उसे अंग्रेजी (English) के लेक्चर समझने में मुश्किल होती थी और वह पिता के उसकी पढ़ाई के लिए लिये गए 5 लाख रुपये के लोन (Loan) को लेकर चिंतित थी.

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  • Last Updated: November 16, 2019, 5:37 PM IST
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(सुजीत नाथ)

कोलकाता. कोलकाता के नेशनल मेडिकल कॉलेज (NMC) की पहली साल की छात्रा ने अपने हॉस्टल में इसलिए फांसी लगाकर खुदकुशी (Suicide) कर ली क्योंकि उसे अंग्रेजी (English) में दिए जाने वाले लेक्चर समझ में नहीं आते थे.

स्टूडेंट की पहचान 'समाप्ति' के तौर पर हुई है. जिसे शनिवार की सुबह अपने हॉस्टल (Hostel) के कमरे में फांसी पर झूलते हुए पाया गया. उसके शव को पोस्टमार्टम (Post-mortem) के लिए भेज दिया गया है और प्राथमिक पुलिस जांच में उसकी मौत के पीछे कोई और वजह होने से इंकार किया गया है.

लड़की के हॉस्टल से मिले सुसाइड नोट से सामने आईं कई बातें

लड़की के हॉस्टल में एक सुसाइड नोट (Suicide Note) मिला है जिसमें ऐसा इशारा है कि लड़की डिप्रेशन में थी क्योंकि वह अंग्रेजी में दिए जाने वाले लेक्चर नहीं समझ पाती थी और वह बांग्ला भाषा में ज्यादा आसानी महसूस करती थी. नोट से यह भी पता चलता है कि वह अपने पिता के उसकी उच्च शिक्षा के लिए लिये गए 5 लाख रुपये के लोन को लेकर भी चिंतित थी.

नेशनल मेडिकल कॉलेज के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ बिमल बंधु साहा ने कहा है, 'यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. सुसाइड नोट के मुताबिक वह अपने पिता के उसकी उच्च शिक्षा के लिए लिये गए 5 लाख के लोन को लेकर चिंतित थी और नर्सिंग (Nursing) की पढ़ाई के दौरान अंग्रेजी में दिए जाने वाले लेक्चर समझ नहीं पाती थी. उसने ऐसा भी लिखा है कि वह अपने पिता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सकी थी.'

दुर्गा पूजा पर घर गई तो पिता से कही थी पढ़ाई छोड़ने की बात
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दुर्गा पूजा (Durga Puja) के दौरान समाप्ति बांकुरा जिले  के एक कस्बे में पड़ने वाले अपने घर गई थी और अपने पिता को बताया था कि वह अपनी नर्सिंग की पढ़ाई छोड़ना चाहती है. लेकिन उसके पिता, जो कि घरों में पुताई का काम करते हैं, उन्होंने उसे यह कहकर पढ़ाई के लिए तैयार कर लिया कि यह आगे उसके काम आएगी.

अगस्त में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जब हुगली (Hooghly) के सिंगूर से आने वाले सेंट जेवियर्स कॉलेज, कोलकाता के फर्स्ट ईयर के फिजिक्स के स्टूडेंट को उत्तरपारा और हिंदमोटर स्टेशन के बीच मरा हुआ पाया गया था.

जेईई-मेन सभी क्षेत्रीय भाषाओं में कराने के लिए कह चुकी हैं ममता बनर्जी
पुलिस (Police) को जांच के दौरान वहां से एक सुसाइड नोट मिला था. जिसमें अंग्रेजी के लेक्चर न समझ पाने की क्षमता और शहर की लाइफस्टाइल से सामंजस्य न बिठा पाने को खुदकुशी की वजह बताया गया था.

ऐसे घटनाओं को देखते हुए प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) पहले ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के जेईई-मेन (JEE-Main) की परीक्षा के गुजराती में कराए जाने की आलोचना कर चुकी हैं. उन्होंने पूछा था कि क्यों बांग्ला सहित अन्य सभी क्षेत्रीय भाषाओं को इसी तरह से परीक्षा के माध्यम के तौर पर शामिल नहीं किया जा सकता है.

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First published: November 16, 2019, 4:47 PM IST
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