बेरूत बम धमाके के बाद से चर्चा में आए अमोनियम नाइट्रेट को चेन्नई बंदरगाह से हटाया जायेगा

बेरूत बम धमाके के बाद से चर्चा में आए अमोनियम नाइट्रेट को चेन्नई बंदरगाह से हटाया जायेगा
हैदराबाद ले जाया जाता अमोनियम नाइट्रेट का कंसाइनमेंट

सीमा शुल्क विभाग (customs department) ने एक खरीदार की पहचान की है जो रसायन का कब्जा ले रहा है. परिवहन अधिकारियों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (pollution control board) के अधिकारियों की मदद से यह सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की गई है कि इसका परिवहन (transport) निर्बाध रूप से हो.

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  • Last Updated: August 9, 2020, 4:10 PM IST
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(पूर्णिमा मुरली)

चेन्नई. चेन्नई (Chennai) के पास स्टोर किये गये 740 टन अमोनियम नाइट्रेट (ammonium nitrate) को हैदराबाद (Hyderabad) स्थित खरीदार के परिसर में ले जाया जा रहा है, इसे 10 कंटेनरों (Containers) में बांटकर और सड़क परिवहन (road transport) की सहायता से लेकर जाने की व्यवस्था पहले से ही की जा रही है. इस योजना के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि पिछले हफ्ते बेरूत (Berut) में विस्फोट के बाद से इस विस्फोटक के जखीरे को अत्यधिक सावधानी के साथ देखा जा रहा था.

सीमा शुल्क विभाग (customs department) ने एक खरीदार की पहचान की है जो रसायन का कब्जा ले रहा है. परिवहन अधिकारियों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (pollution control board) के अधिकारियों की मदद से यह सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की गई है कि इसका परिवहन (transport) निर्बाध रूप से हो. सीमा शुल्क दस्तावेज़ के अनुसार, केवल 697 टन अमोनियम नाइट्रेट (Ammonium Nitrate) को विभाग की ओर से नीलामी के लिए रखा गया था, जिससे 740 टन की खेप (consignment) के शेष भाग पर सवाल उठे थे.



2015 में जब्त किये जाने के जाने के बाद से चेन्नई बंदरगाह पर पड़ा था विस्फोटक
पेट्रोलियम, विस्फोटक, सुरक्षा संगठन (PESO) के अधिकारी वर्तमान में उत्तरी चेन्नई में साइट का निरीक्षण कर रहे हैं. अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि खेप को पड़ोसी राज्य में स्थानांतरित करने से पहले सभी सुरक्षा जांचें सुनिश्चित की जाएं.

करूर स्थित अम्मन केमिकल्स के लिए आयात की जा रही एक खेप को चेन्नई में पोर्ट पर जब्त कर लिया गया था क्योंकि एक महत्वपूर्ण लाइसेंस के लिए उसके आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया था. नवंबर 2015 में इसे जब्त कर लिया गया था और कंपनी बाद में अपने व्यवसाय को जारी रखने के लिए कानूनी लड़ाई में लगी हुई थी. और तबसे यह रसायन यहीं पड़ा था. अधिकारियों ने बताया कि यह बड़ी खेप, शिवकाशी में एक ग्रुप को भेजी जानी थी.

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अधिकारियों ने दी रसायन स्टोर होने पर सफाई
सीमा शुल्क अधिकारी ने कहा कि 2015 में तमिलनाडु के एक आयातक से 1.80 करोड़ रुपये का रसायन जब्त किया गया था, जिन्होंने कथित तौर पर इसे उर्वरक ग्रेड घोषित किया था. उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया से आयात की गई खेप सुरक्षित थी और इसे साफ करने के लिए ई-नीलामी की प्रक्रिया चल रही थी.
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