कार्मिक मंत्रालय का फैसला- केंद्र सरकार के इन कर्मचारियों को रोज जाना होगा दफ्तर

 नए निर्देशों के मुताबिक अवर सचिव और उससे वरिष्ठ रैंक के सभी अधिकारियों को रोज कार्यालय जाना होगा. (File Photo)
नए निर्देशों के मुताबिक अवर सचिव और उससे वरिष्ठ रैंक के सभी अधिकारियों को रोज कार्यालय जाना होगा. (File Photo)

Central Governement Employees: कार्मिक मंत्रालय ने केन्द्र सरकार (Central Govenment) के सभी विभागों से कहा है कि अवर सचिव स्तर से नीचे के 50 प्रतिशत कर्मचारियों की कार्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करें.

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  • Last Updated: October 9, 2020, 10:22 AM IST
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नई दिल्ली. केन्द्र सरकार के कर्मचारियों (Central Govenment Employees) के लिए कार्मिक मंत्रालय (Ministry of Personnel, Public Grievances and Pensions) ने दिशा निर्देश जारी किये हैं. नए निर्देशों के मुताबिक अवर सचिव और उससे वरिष्ठ रैंक के सभी अधिकारियों को रोज कार्यालय जाना होगा. कार्मिक मंत्रालय ने केन्द्र सरकार (Central Govenment) के सभी विभागों से कहा है कि अवर सचिव स्तर से नीचे के 50 प्रतिशत कर्मचारियों की कार्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करें.

केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बुधवार को जारी ताजा दिशा-निर्देश में कार्मिक मंत्रालय ने कहा है कि अवर सचिव और उनसे वरिष्ठ रैंक के सभी अधिकारी अब प्रत्येक कार्य दिवस पर कार्यालय आएंगे. कोविड-19 लॉकडाउन के बाद केन्द्र सरकार ने धीरे-धीरे अपना कामकाज बहाल किया और इस दौरान अंतिम आदेश तक उपसचिव और उससे वरिष्ठ रैंक के अधिकारियों को प्रत्येक कार्य दिवस पर दफ्तर आने का निर्देश था.  कार्मिक मंत्रालय के दिशा-निर्देश में कहा गया है कि अवर सचिव रैंक से नीचे के कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की दफ्तर में उपस्थिति सुनिश्चित की जाये. उसके मुताबिक, ‘‘जनहित में आवश्यक होने पर विभाग अध्यक्ष 50 प्रतिशत से ज्यादा उपस्थिति भी अनिवार्य कर सकते हैं, लेकिन किसी भी हालात में दो गज की दूरी के नियम का कड़ाई से पालन करना होगा.’

मंत्रालय ने कहा कि उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा.  उसमें कहा गया है कि निषिद्ध क्षेत्र में रहने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उस वक्त तक कार्यालय आने से छूट होगी, जब तक उनका इलाका सामान्य श्रेणी में नहीं आ जाता. दिशा-निर्देश के अनुसार, ‘‘दिव्यांग और गर्भवती महिला कर्मचारी अगले आदेश तक घर से ही काम करते रहेंगे.’




कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) में कर्मचारियों को घर से ही काम करने की सुविधा दी गई थी. अब अनलॉकिंग की प्रक्रिया में कर्मचारियों के लिए फिर से दफ्तर आने के निर्देश जारी किये गए हैं. बता दें देश में कोरोना वायरस के मद्देनजर जारी लॉकडाउन को खोलने की प्रक्रिया अनलॉक, पांचवे स्तर तक पहुंच गई है. केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारें भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के कार्यों में लगी हैं.

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अनलॉक-5 के तहत सिनेमाघरों, स्कूलों आदि खोले जा रहे हैं. सरकार की ओर से स्पष्ट कहा गया है कि कोरोना से बचाव के लिए टीका (Corona Vaccine) उपलब्ध होने तक कोरोना से बचाव का एकमात्र हथियार मास्क पहनना, सामाजिक दूरी का पालन करना और हाथ धोना है.

सिनेमाघरों के लिए एसओपी जारी
कोरोना वायरस महामारी के चलते पिछले सात महीनों से बंद देश के सिनेमा घर 15 अक्टूबर से 50 फीसदी क्षमता के साथ खुल सकेंगे. सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए सिनेमाघरों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की घोषणा की.
उन्होंने कहा, ‘‘सिनेमा घरों में 50 प्रतिशत लोगों को बैठने की अनुमति होगी. सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए एक कुर्सी छोड़कर बैठने की व्यवस्था की जाएगी. खाली कुर्सियों को अलग से चिह्नित किया जाएगा. हर समय मास्क लगाए रखना अनिवार्य होगा. साथ ही सैनिटाइजर जरूरी है.’’

जावड़ेकर ने बताया कि कोरोना से बचाव के बारे में जागरूकता फैलाने वाली एक मिनट की एक फिल्म दिखाया जाना या इस बारे में घोषणा किया जाना अनिवार्य होगा.

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शिक्षा मंत्रालय ने भी जारी किए थे दिशानिर्देश
इससे पहले शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों को फिर से खोलने के लिए सोमवार को दिशानिर्देश जारी किये थे. इनमें परिसरों की पूरी तरह सफाई और उन्हें संक्रमणमुक्त करना, उपस्थिति की नीतियों में लचीलापन रखना, तीन सप्ताह तक मूल्यांकन नहीं करना और कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान घर से पढ़ाई से सुगमता से औपचारिक स्कूल प्रणाली तक बदलाव सुनिश्चित करना शामिल है.

मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से उनकी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सावधानियों के आधार पर खुद की मानक परिचालन प्रक्रियाएं बनाने को कहा. (भाषा के इनपुट सहित)
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