जीवित है अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन, एम्स ने मौत की खबरों का किया खंडन

कोरोना वायरस से संक्रमित छोटा राजन का एम्स में इलाज चल रहा है (फाइल फोटो)

कोरोना वायरस से संक्रमित छोटा राजन का एम्स में इलाज चल रहा है (फाइल फोटो)

Chhota Rajan News: एम्स प्रशासन ने 61 वर्षीय अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की कोरोना से मौत की खबर का खंडन किया है. न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, अभी राजन का इलाज किया जा रहा है. राजन 2015 में इंडोनेशिया के बाली से प्रत्यर्पण के बाद अपनी गिरफ्तारी के बाद से ही दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है.

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नई दिल्ली. एम्स प्रशासन ने कोरोना वायरस के संक्रमित अंडरवर्ल्ड डॉन राजेंद्र निखलजे उर्फ छोटा राजन (Chhota Rajan) की मौत की खबरों का खंडन किया है. इससे पहले रिपोर्ट्स में ये खबर सामने आई थी कि छोटा राजन की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई है.  न्यूज एजेंसी ANI ने एम्स प्रशासन के हवाले से अंडरवर्ल्ड डॉन के मौत की खबर को गलत बताया है.

बता दें कि राजन को कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित होने के बाद दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS Delhi) में भर्ती कराया गया हैं, जहां उसका इलाज चल रहा है. 61 वर्षीय राजन 2015 में इंडोनेशिया के बाली से प्रत्यर्पण के बाद अपनी गिरफ्तारी के बाद से ही दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है. तिहाड़ जेल प्रशासन ने सोमवार को दिल्ली की एक सत्र अदालत को छोटा राजन के संक्रमित होने की जानकारी दी थी.

मुंबई में छोटा राजन के खिलाफ दर्ज सभी मामले सीबीआई को स्थानांतरित कर दिए गए हैं और उस पर मुकदमा चलाने के लिए विशेष अदालत गठित की गई है. तिहाड़ के सहायक जेलर ने सोमवार को फोन के माध्यम से सत्र अदालत को बताया था कि वह एक मामले की सुनवाई के सिलसिले में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए राजन को न्यायाधीश के समक्ष पेश नहीं कर सकते हैं, क्योंकि गैंगस्टर कोविड-19 से संक्रमित हो गया है और उसे एम्स में भर्ती कराया गया है.

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अप्रैल के आखिरी सप्ताह में कोविड संक्रमित पाए जाने के बाद छोटा राजन को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है.  छोटा राजन के खिलाफ अपहरण, हत्या, तस्करी जैसे कई मामलों समेत 70 से ज्यादा केस दर्ज हैं.

कुछ दिन पहले ही एक मामले से हुआ था बरी

वहीं सीबीआई की विशेष अदालत ने 1993 मुंबई सिलसिलेवार विस्फोट मामले के आरोपी हनिफ कड़ावाला की हत्या के मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन और उसके सहयोगी को 22 अप्रैल को ही बरी किया था. आतंकवादी हमले के मुख्य सरगना टाइगर मेमन के निर्देश पर कड़ावाला मुंबई में हथियार लेकर आया था जिसका इस्तेमाल 1993 के विस्फोटों में हुआ. हमलों में 250 से ज्यादा लोग मारे गए थे.



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कड़ावाला की सात फरवरी, 2001 में उसके कार्यालय में तीन लोगों ने हत्या कर दी थी. हत्या के मामले की जांच कर रही सीबीआई ने आरोप लगाया था कि राजन ने लोकप्रियता पाने के लिए कड़ावाला की हत्या करायी है.


केन्द्रीय एजेंसी ने आरोप लगाया था कि इससे पहले भी राजन ने विस्फोट मामले के कई आरोपियों की हत्या करायी है. उसके वकीलों ने कहा की साक्ष्य की कमी के कारण अदालत ने राजन और जायसवाल को बरी कर दिया.

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