UNGA अध्यक्ष ने पाकिस्तान में दिया जम्मू-कश्मीर पर बड़ा बयान, भारत ने जताया कड़ा विरोध

वोल्कन बोज्किर ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ संयुक्त वार्ता की थी. (फोटो: Twitter/@volkan_bozkir)

वोल्कन बोज्किर ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ संयुक्त वार्ता की थी. (फोटो: Twitter/@volkan_bozkir)

UNGA President in Pakistan: वोल्कन बोज्किर (Volkan Bozkir) ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ संयुक्त वार्ता की थी. उस दौरान बोज्किर ने कहा था कि दोनों देशों को ऐसे कदम उठाने से बचना चाहिए जिससे जम्मू-कश्मीर का दर्जा प्रभावित हो.

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नई दिल्ली. भारत (India) ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) के अध्यक्ष वोल्कन बोज्किर के जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) को लेकर दिए बयान पर आपत्ति जताई है. भारत ने बोज्किर के कथन को पक्षपात से भरा बताया है. खबर है कि UNGA अध्यक्ष ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे की तुलना फिलिस्तीन से भी की है. उन्होंने कहा था कि कश्मीर मुद्दे को यूएन के मंच पर मजबूती से लाना पाकिस्तान का कर्तव्य था.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक बयान में कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का बयान स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा, 'हम संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष वोल्कन बोज्किर के जम्मू और कश्मीर... के संबंध में दिए गए अनुचित संदर्भों का कड़ा विरोध करते हैं.' बागची ने कहा, 'अन्य वैश्विक स्थितियों की तुलना करने का वास्तव में कोई आधार नहीं है. जब UNGA का अध्यक्ष गुमराह करने वाली और पूर्वाग्रही बात कहते हैं, तो वह उस पद का काफी नुकसान करते हैं, जिस पर वे काबिज हैं.'

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क्या था मामला
बोज्किर ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ संयुक्त वार्ता की थी. उस दौरान बोज्किर ने कहा था कि दोनों देशों को ऐसे कदम उठाने से बचना चाहिए जिससे जम्मू-कश्मीर का दर्जा प्रभावित हो. हालांकि, इस दौरान उन्होंने 2019 के भारत के विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के फैसले का जिक्र नहीं किया. UNGA अध्यक्ष ने उस दौरान यह भी कहा था कि यूएन में कश्मीर के मुद्दे को मजबूती से उठाना पाकिस्तान का कर्तव्य था. उन्होंने कहा था कि उसका व्यवहार दुखद है और 'निश्चित रूप से वैश्विक मंच पर उसकी उपस्थिति को कम करता है.'

उन्होंने पाकिस्तान में कहा था कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर यूएन का मत यून चार्टर से तय होता है. इस दौरान उन्होंने शिमला समझौता का भी जिक्र किया था. उन्होंने कहा था, 'भारत और पाकिस्तान के बीच 1972 में हुआ शिमला समझौता, जो कहता है कि जम्मू-कश्मीर का अंतिम दर्ज यूएन चार्टर के अनुसार शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए.'




बताया जा रहा है कि बोज्किर, कुरैशी के आमंत्रण पर पाकिस्तान पहुंचे थे. यहां उन्होंने मुल्क के कई बड़े नेताओं से मुलाकात की. खास बात है कि इस दौरान वे पाक प्रधानमंत्री इमरान खान और विदेश मंत्री कुरैशी से अलग-अलग मुलाकात करने पहुंचे.

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