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आम बजट 2020-21: विनिवेश के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य, FY22 में होगा BPCL का निजीकरण

आम बजट 2020-21: विनिवेश के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य, FY22 में होगा BPCL का निजीकरण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आम बजट भाषण की शुरुआत हो चुकी है (Photo- news18 English via Reuters)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आम बजट भाषण की शुरुआत हो चुकी है (Photo- news18 English via Reuters)

Union Budget 2020-21: आम बजट 2020-21 में सरकार ने विनिवेश के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. हालांकि, यह बीते साल से कम है. वित्र मंत्री ने कहा कि पिछले साल बड़े विनिवेश की योजना तैयार की गई थी.

    नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को पेश हो रहे आम बजट के दौरान आगामी वित्त वर्ष के लिए विनिवेश के लक्ष्य को कम कर दिया है. संसद में वित्त मंत्री ने कहा कि इस साल का विनिवेश लक्ष्य 1.75 लाख करोड़ रुपये का है. जबकि, वित्तीय वर्ष  2020-21 में सरकार ने विनिवेश के जरिए 2.1 लाख करोड़ रुपये अर्जित करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन यह पूरा नहीं हो पाया.

    आम बजट 2021-22 में सरकार ने विनिवेश के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. हालांकि, यह बीते साल से कम है. वित्र मंत्री ने कहा कि पिछले साल बड़े विनिवेश की योजना तैयार की गई थी. जिसमें एलआईसी के शेयर बेचे जाने की बात शामिल थी. सीतारमण ने कहा है कि इस योजना को इस साल पूरा किया जा सकता है. सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 1.05 लाख करोड़ और वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 80 हजार करोड़ रुपये के विनिवेश का बजट रखा था.

    सरकार इस विनिवेश के लक्ष्य को पूरा करने के लिए 2 पीएसयू बैंक्स और एक इंश्योरेंस कंपनी समेत पब्लिक सेक्टर की कंपनियों की हिस्सेदारी बेचने जा रही है. पीएसई पॉलिसी पेश करते हुए उन्होंने कहा कि IDBI बैंक, BPCL, शिपिंग कॉर्प, कंटेनर कॉर्पोरेशन, नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड समेत कई अन्य कंपनियों की रणनीतिक बिक्री 1 अप्रैल से शुरू हो रहे वित्तीय वर्ष 2021-22 में की जाएगी. वहीं, एलआईसी आईपीओ के लिए कुछ विधायी संशोधन 2021-22 में लाए जाएंगे.

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    खास बात है कि सरकार लंबे समय से निजीकरण की बात कर रही है. इस साल के बजट में भी सरकार ने इस नीति को बेहतर ढंग से चलाने का फैसला किया है. केंद्र सरकार ने नए पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइजेज पॉलिसी को मंजूरी दी है. सरकार का मानना है कि इसके जरिए निजीकरण की रफ्तार तेज होगी. सीतारमण ने कहा है कि फाइनेंशियल ईयर 2022 में वित्तीय समर्थन इन कार्यक्रमों की सफलता के बाद मिले राजस्व पर निर्भर करता है.

    इस दौरान एफडीआई को लेकर भी घोषणा की गई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं बीमा कंपनियों में 49% से 74% तक अनुमानित एफडीआई सीमा को बढ़ाने और सुरक्षा उपायों के साथ विदेशी स्वामित्व और नियंत्रण की अनुमति देने के लिए बीमा अधिनियम 1938 में संशोधन करने का प्रस्ताव करती हूं.

    Tags: Budget 2020-21, Budget in Hindi, Disinvestment, Nirmala sitharaman

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