भारत सरकार ने 'सिख फॉर जस्टिस' संगठन पर लगाया 5 साल का प्रतिबंध

सिख फॉर जस्टिस संगठन को भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी करार दिया है. न्यूयार्क स्थित सिख फॉर जस्टिस संगठन अवैध तरीके से अपनी गतिविधियां चला रहा है जिससे पंजाब में हालात बिगड़ रहे हैं.

News18Hindi
Updated: July 10, 2019, 6:48 PM IST
भारत सरकार ने 'सिख फॉर जस्टिस' संगठन पर लगाया 5 साल का प्रतिबंध
सिख फॉर जस्टिस संगठन को भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी करार दिया है. न्यूयार्क स्थित सिख फॉर जस्टिस संगठन अवैध तरीके से अपनी गतिविधियां चला रहा है जिससे पंजाब में हालात बिगड़ रहे हैं.
News18Hindi
Updated: July 10, 2019, 6:48 PM IST
सिख फॉर जस्टिस संगठन को भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी करार दिया है. न्यूयार्क स्थित सिख फॉर जस्टिस संगठन अवैध तरीके से अपनी गतिविधियां चला रहा है जिससे पंजाब में हालात बिगड़ रहे हैं. गुरपतवंत सिंह पन्नू और परमजीत सिंह इस संगठन के प्रमुख लोग हैं जो अपनी गतिविधियां चला रहे हैं. ये फैसला सरकार ने कई सिख संगठनों की राय के बाद लिया है.

ये संगठन रेफरेंडम 20-20 चला रहा था. ये संगठन एक ऑनलाइन कैंपेन चला रहा था. साथ ही ये खालिस्तान संगठन को जिन्दा और पंजाब में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा था. अब तक इस संगठन पर भारतीय एजेंसियों ने 11 मामले दर्ज कराए हैं. भारत सरकार ने फिलहाल इस संगठन पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया है.

कट्टरपंथी सिखों का एक संगठन है सिख फॉर जस्टिस
सिख फॉर जस्टिस संगठन अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन आदि में विदेशी राष्ट्रीयता के कुछ कट्टरपंथी सिखों का एक संगठन है, जो यूएपीए, अधिनियम 1967 के प्रावधान 3 (1) के तहत गैरकानूनी है. इसके खिलाफ 12 मामले दर्ज हैं. इस संगठन के करीब 39 लोगों को हिरासत में लिया गया है. SFJ के कई सोशल मीडिया हैंडल ब्लॉक किए गए हैं.

गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया है कि वॉन्टेड खालिस्तानी आतंकवादी परमजीत सिंह पम्मा को भारत-इंग्लैंड विश्व कप मैच के दौरान देखा गया था. वह सिख फॉर जस्टिस से भी जुड़ा हुआ है.

गैरकानूनी करार देने का हुआ फैसला
केंद्र ने पंजाब सहित राज्य से बातचीत कर सिखों को जस्टिस (SFJ) को गैरकानूनी करार देने का फैसला लिया. प्रमुख सिख निकायों ने भी SFJ की अलगाववादी गतिविधियों पर चिंता जताई.
Loading...

सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि सिख फॉर जस्टिस के अलगाववादी अपनी विचारधारा के प्रचार के लिए करतारपुर कॉरिडोर का उपयोग करना चाहते थे. इस बात के कोई ठोस सबूत नहीं हैं कि पाकिस्तान ने इस समूह पर अंकुश या प्रतिबंध लगाया है या नहीं. बता दें 14 तारीख को भारत और पाकिस्तान करतारपुर पर बातचीत के लिए बैठक करेंगे. इस दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और हिफ़ाज़त के संबंध में भारत मुद्दा उठा सकता है.

मनी लॉन्ड्रिंग के ज़रिए भेज रहे थे पैसे
पंजाब पुलिस और NIA ने पंजाब में  सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के कई विध्वंसक गतिविधियों में लिप्त मॉड्यूल्स का भंडाफोड़ किया है. जांच में पता चला कि कार्यकर्ता कट्टरपंथी थे और विदेशों से  एसएफजे हैंडलर्स गुरपतवंत सिंह पन्नून, हरमीत सिंह, परमजीत सिंह पम्मा मनी लॉन्ड्रिंग के ज़रिए उन्हें पैसे भेज रहे थे.

सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) और इसके अलगाववादी अभियान जनमत संग्रह 2020 को पाकिस्तान का समर्थन मिला हुआ है. SFJ और जनमत संग्रह 2020 की आधिकारिक वेबसाइट, कराची की एक वेबसाइट का कंटेट उठा रही है वहीं एसएफजे के कई कार्यकर्ता भी इन वेबसाइट्स से जुड़े हुए हैं.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 10, 2019, 5:33 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...