होम /न्यूज /राष्ट्र /स्कूली शिक्षा, छात्र शिक्षक अनुपात, लड़कियों के नामांकन दर में सुधार दर्ज किया गया : रिपोर्ट

स्कूली शिक्षा, छात्र शिक्षक अनुपात, लड़कियों के नामांकन दर में सुधार दर्ज किया गया : रिपोर्ट

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने गुरुवार को यह रिपोर्ट जारी की. (फाइल फोटो)

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने गुरुवार को यह रिपोर्ट जारी की. (फाइल फोटो)

UDISE+ Report: शिक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, 2019-20 में पूर्व-प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक तक स्कूली शिक्षा में ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. देश में वर्ष 2018-19 की तुलना में 2019-20 में स्कूली शिक्षा, छात्र शिक्षक अनुपात, लड़कियों के नामांकन के सभी स्तरों पर सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) में सुधार दर्ज किया गया है, साथ ही सुचारू बिजली, कंप्यूटर एवं इंटरनेट सुविधा वाले स्कूलों की संख्या में भी बृद्धि हुयी है. भारत में स्कूली शिक्षा के लिए वर्ष 2019-20 की संयुक्त जिला शिक्षा सूचना प्रणाली प्लस (यूडीआईएसई+) रिपोर्ट में यह बात की गई है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने गुरुवार को यह रिपोर्ट जारी की.

    शिक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, 2019-20 में पूर्व-प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक तक स्कूली शिक्षा में कुल छात्रों की संख्या 26.45 करोड़ के पार पहुंच गई. यह 2018-19 की तुलना में 42.3 लाख अधिक है. यूडीआईएसई+ 2019-20 रिपोर्ट के अनुसार, 2019-20 में स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पर सकल नामांकन अनुपात में 2018-19 की तुलना में सुधार हुआ है. स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पर छात्र शिक्षक अनुपात (पीटीआर) में भी सुधार हुआ है.

    रिपोर्ट के अनुसार, 2019-20 में प्राथमिक से उच्च माध्यमिक तक लड़कियों का नामांकन 12.08 करोड़ से अधिक है. इसमें 2018-19 की तुलना में 14.08 लाख की भारी वृद्धि हुई है. इसमें कहा गया है कि 2012-13 और 2019-20 के बीच, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक दोनों स्तरों पर लिंग समानता सूचकांक (जीपीआई) में सुधार हुआ है.

    वर्ष 2019-20 में स्‍कूलों में हुए अनेक सुधार
    मंत्रालय के अनुसार, यूडीआईएसई+ रिपोर्ट से पिछले वर्ष की तुलना में 2019-20 में बिजली, कंप्यूटर, इंटरनेट सुविधा वाले स्कूलों की संख्या में उल्लेखनीय सुधार का पता चलता है. इसमें कहा गया है कि हाथ धोने की सुविधा वाले स्कूलों की संख्या में एक और बड़ा सुधार देखा गया है. वर्ष 2019-20 में, भारत में 90 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में हाथ धोने की सुविधा थी, जबकि 2012-13 में यह आंकड़ा केवल 36.3 प्रतिशत था.

    ये भी पढ़ें: RRB NTPC 7 Phase Exam 2021 Date: रेलवे आरआरबी एनटीपीसी 7वें फेज परीक्षा की तिथि घोषित, जानें शेड्यूल

    ये भी पढ़ें: "आपकी डिग्री महज एक कागज का टुकड़ा है", IAS Officer के ट्वीट पर बवाल

    इसमें कहा गया है कि 2012-13 और 2019-20 के बीच उच्च माध्यमिक में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) में 11 प्रतिशत से अधिक का सुधार हुआ है. उच्च माध्यमिक के लिए जीईआर 2012-13 के 40.1 प्रतिशत की तुलना में 2019-20 में 51.4 प्रतिशत हो गया. रिपोर्ट के अनुसार, 2019-20 में 96.87 लाख शिक्षक स्कूली शिक्षा में लगे थे. यह 2018-19 की तुलना में लगभग 2.57 लाख अधिक है.

    इसमें कहा गया है कि चालू कंप्यूटर वाले स्कूलों की संख्या 2019-20 में बढ़कर 5.2 लाख हो गई, जो 2018-19 में 4.7 लाख थी. इंटरनेट सुविधा वाले स्कूलों की संख्या 2018-19 में 2.9 लाख से बढ़कर 2019-20 में 3.36 लाख हो गई. बयान के अनुसार, रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019-20 में 83 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में बिजली थी, जो पिछले वर्ष 2018-19 की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत अधिक है. 2012-13 में करीब 54.6 प्रतिशत स्कूलों में बिजली थी.

    (Disclaimer: यह खबर सीधे सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है. इसे News18Hindi टीम ने संपादित नहीं किया है.)

    Tags: Government School, Primary School, Ramesh Pokhriyal Nishank

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें