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गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्वोत्‍तर के लोगों को दिलाया भरोसा, अनुच्‍छेद-371 रद्द करने का कोई इरादा नहीं

News18Hindi
Updated: February 20, 2020, 9:25 PM IST
गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्वोत्‍तर के लोगों को दिलाया भरोसा, अनुच्‍छेद-371 रद्द करने का कोई इरादा नहीं
अरुणाचल प्रदेश के स्‍थापना दिवस के मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूर्वोत्‍तर राज्‍यों को विशेष दर्जा देने वाला अनुच्‍छेद-371 निरस्‍त करने का कोई इरादा नहीं है.

अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के 34वें स्‍थापना दिवस पर एक कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा, दुष्प्रचार किया जा रहा था कि केंद्र सरकार (Central Government) पूर्वोत्‍तर राज्‍यों को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-371 (Article 371) को भी निरस्त कर देगी.

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  • Last Updated: February 20, 2020, 9:25 PM IST
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ईटानगर. जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu-Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्‍छेद-370 (Article 370) को हटाने के बाद चर्चा होने लगी थी कि केंद्र सरकार पूर्वोत्‍तर राज्‍यों को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्‍छेद-371 (Article 371) को भी खत्‍म कर सकती है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने ऐसी तमाम अटकलों को खत्‍म करते हुए आज यह स्‍पष्‍ट कर दिया है कि केंद्र का अनुच्‍छेद-371 हटाने का कोई इरादा नहीं है. अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के 34वें स्‍थापना दिवस पर एक कार्यक्रम में शाह ने कहा, 'दुष्प्रचार किया जा रहा था कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र में अनुच्छेद-371 को भी निरस्त कर देगी.'

'अनुच्‍छेद-371 हटाने की गलत सूचना फैलाई गई'
अनुच्छेद-371 के तहत विशेष दर्जा रखने वाले अधिकतर राज्य पूर्वोत्तर में हैं. इस अनुच्छेद का मकसद उनकी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कानूनों को संरक्षण देना है. शाह ने कहा कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री (PM Narendra Modi) बने तो पूर्वोत्तर शेष भारत के साथ सिर्फ भौगोलिक रूप से जुड़ा हुआ था. देश के बाकी हिस्सों के साथ इस क्षेत्र का वास्तविक भावनात्मक जुड़ाव केवल मोदी सरकार के शासनकाल में हुआ है. जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को निरस्त करने के बाद गलत सूचना फैलाई गई कि अनुच्छेद-371 को भी खत्म कर दिया जाएगा. ऐसा कभी नहीं होगा. किसी का ऐसा कोई इरादा नहीं है.

'केंद्र उग्रवाद का सामाधान निकालने को प्रतिबद्ध'



क्षेत्र में उग्रवाद और अंतरराज्यीय सीमा विवादों की समस्याओं का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार इनका समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने दावा किया कि 2024 में जब हम आपसे वोट मांगने आएंगे तो उस समय तक पूर्वोत्तर उग्रवाद और अंतरराज्यीय सीमा विवाद जैसी समस्याओं से मुक्त हो जाएगा. बता दें कि चीन (China) ने अरुणाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर अमित शाह की यात्रा पर आपत्ति जताई. साथ ही कहा कि उनकी अरुणाचल प्रदेश की यात्रा बीजिंग की क्षेत्रीय संप्रभुता (Regional Sovereignty) का उल्लंघन है. ये आपसी राजनीतिक विश्वास पर हमला है. हम यात्रा का विरोध करते हैं.

विदेश मंत्रालय ने कहा, चीन की आपत्ति बेवजह
गृह मंत्री अमित शाह की अरूणाचल प्रदेश यात्रा पर चीन की आपत्ति को भारत ने बेवजह बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है. साथ ही कहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार (Raveesh Kumar) ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश को भारत से कभी अलग नहीं किया जा सकता है. भारत के तमाम नेता देश के अन्‍य राज्‍यों की ही तरह समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पर जाते रहते हैं. शाह की अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पर चीन की आपत्ति बेवजह है. शाह ने अरुणाचल प्रदेश की यात्रा के दौरान उद्योग और सड़कों से जुड़ी कई परियानाओं को शुरू किया.

(भाषा के इनपुट के साथ)

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First published: February 20, 2020, 7:21 PM IST
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