जम्मू कश्मीर में 7 मई तक 5000 CAPF के जवानों की होगी तैनात, गृह मंत्रालय ने दिया आदेश

अतिरिक्त CAPF की जो कंपनियां जम्मू कश्मीर में भेजी जा रही है उनका इस्तेमाल अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए भी किया जा सकता है.

अतिरिक्त CAPF की जो कंपनियां जम्मू कश्मीर में भेजी जा रही है उनका इस्तेमाल अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए भी किया जा सकता है.

28 अप्रैल के केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश में लिखा हुआ है कि यूनियन टेरिटरी ऑफ जम्मू कश्मीर के प्रशासन से अनुरोध है कि वो तैनाती के लिए अलग अलग CAPF से बात करके विस्तृत डिप्लॉयमेंट प्लैन तैयार करें. CAPF कंपनियों की तैनाती कोरोना वायरस के चेन को तोड़ने के लिए तय की गई क्वारंटाइन की मियाद को पूरी करने के बाद ही की जा सकेगी.

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श्रीनगर. कानून व्यवस्था की ग्रिड को मजबूत करने के लिए जम्मू कश्मीर के DGP के अनुरोध पर केंद्र ने CAPF की 50 कंपनियों को केंद्र शासित प्रदेश (UT)जम्मू कश्मीर मैं तैनात करने का फैसला लिया है. जम्मू कश्मीर के DGP ने पिछ्ले महीने 27 अप्रैल को इस सिलसिले में केंद्र को चिट्ठी लिखी थी जिसमें कानून व्यवस्था और सिक्योरिटी ड्यूटी के लिए CAPF की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात करने का अनुरोध किया गया था.

CAPF की जिन 50 कंपनियों को जम्मू कश्मीर में भेजा जायेगा उसमें देश और दुनिया की सबसे बड़ी पैरामिलिट्री फ़ोर्स CRPF की -20, BSF की -10,SSB की -10,ITBP की -5 और CISF की-5 कंपनियां शामिल हैं. यूनियन टेरिटरी ऑफ जम्मू कश्मीर में 7 मई तक इनकी तैनाती हो जायेगा.

28 अप्रैल के केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश में लिखा हुआ है कि यूनियन टेरिटरी ऑफ जम्मू कश्मीर के प्रशासन से अनुरोध है कि वो तैनाती के लिए अलग अलग CAPF से बात करके विस्तृत डिप्लॉयमेंट प्लैन तैयार करें. CAPF कंपनियों की तैनाती कोरोना वायरस के चेन को तोड़ने के लिए तय की गई क्वारंटाइन की मियाद को पूरी करने के बाद ही की जा सकेगी.

Covid-19 के हालात को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सरकारी गाइडलाइन्स के मुताबिक जम्मू कश्मीर प्रशासन को CAPF की डिप्लॉयमेंट के लिए जरूरी ट्रांसपोर्टेशन/लोजिस्टिक्स/एकोमोडेशन और दूसरी व्यवस्था करने को कहा है. फिलहाल कानून व्यवस्था और सिक्योरिटी ड्यूटी के लिए CRPF की 60 बटालियन और दूसरी फोर्सेज की 10बटालियन यूनियन टेरिटरी ऑफ जम्मू कश्मीर में ग्राउंड पर तैनात हैं. अतिरिक्त CAPF की जो कंपनियां जम्मू कश्मीर में भेजी जा रही है उनका इस्तेमाल अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए भी किया जा सकता है.
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