'2030 तक भारत को हर साल बसाना होगा एक नया शिकागो'

पुरी ने कहा कि 2030 तक शहरी इलाकों में करीब 60 करोड़ भारतीय रहेंगे. साल 2030 संयुक्त राष्ट्र के महत्वाकांक्षी विकास एजेंडा को हासिल करने का लाक्षित वर्ष है.

भाषा
Updated: July 12, 2018, 9:18 PM IST
'2030 तक भारत को हर साल बसाना होगा एक नया शिकागो'
File Photo of Hardeep Singh Puri. (Image: PTI)
भाषा
Updated: July 12, 2018, 9:18 PM IST
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा साल 2030 तक देश की 40 प्रतिशत आबादी के शहरी इलाकों में बसने का अनुमान है. इस लिहाज से नए शहरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए देश को हर साल शिकागो जैसा एक शहर बसाना होगा. बता दें कि शिकागो, न्यूयॉर्क और लॉस एंजिलिस के बाद अमेरिका का तीसरा सबसे बड़ा शहर है.

केन्द्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्यमंत्री पुरी ने उच्च स्तरीय राजनीतिक फोरम को यहां बुधवार को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के विकास का लक्ष्य मानवाधिकार को ध्यान में रखते हुए समावेशी तरीके से हासिल किया जाएगा.

पुरी ने कहा कि 2030 तक शहरी इलाकों में करीब 60 करोड़ भारतीय रहेंगे. साल 2030 संयुक्त राष्ट्र के महत्वाकांक्षी विकास एजेंडा को हासिल करने का लाक्षित वर्ष है.

पुरी ने संयुक्त राष्ट्र फोरम से कहा, ‘भारत को अभी से 2030 तक की शहरी मांग को देखते हुए प्रति वर्ष 70 से 90 करोड़ वर्गमीटर क्षेत्र में शहर बनाने होंगे. इसका मतलब हुआ कि शहरी मांग की पूर्ति के लिए भारत को हर साल एक नया शिकागो बसाना होगा.’

पुरी ने संयुक्त राष्ट्र के 2030 विकास एजेंडा की सफलता को भारत के सतत विकास लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा, ‘यदि भारत सफल होता है तो 2030 का विकास एजेंडा सफल होगा.’

पुरी ने कहा कि भारत 2030 एजेंडा हासिल करने के प्रति सही रास्ते पर है. उन्होंने कहा, ‘ सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्य सफल हुआ क्योंकि चीन करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफल हुआ और मैं पूरे विश्वास के साथ कहना चाहता हूं कि भारत 2030 के एजेंडा को हासिल करने के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है.’

उन्होंने कहा, ‘हम झुग्गियों में रहने वाले लोगों को, जो जहां हैं, उन्हें वहीं बसाने’ के आधार पर काम करेंगे.’

पुरी ने समावेशी, सुरक्षित, लचीले और टिकाऊ आधार पर शहर बनाने और लोगों को बसाने से संबंधित सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा क्रियान्वयित मुख्य कार्यक्रम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं कि भारत का 2030 एजेंडा सफल होना सुनिश्चित हो सके.

पुरी ने कहा कि भारत सामाजिक समावेश, आर्थिक वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण के लिए नया रुख अपनाते हुए विश्व की सबसे बड़ी और सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहा है.

उन्होंने कहा कि भारत ने शहरी क्षेत्र में सभी के लिए सुनिश्चित आवास, सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में प्रौद्योगिकी आधारित समाधान, बेहतर आवागमन, हरित परिवहन और स्मार्ट प्रशासन आदि क्षेत्रों में बहुस्तरीय चुनौतियों तथा जटिल पारिस्थितिकी का सामना किया है.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर