हाथी दिवस विशेष:अब नहीं जाएगी खाने की तलाश में जंगल के बाहर भटकते हाथियों की जान

हाथी दिवस विशेष:अब नहीं जाएगी खाने की तलाश में जंगल के बाहर भटकते हाथियों की जान
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) का कहना है कि हम ऐसे इंतज़ाम करने जा रहे हैं कि जंगल के अंदर ही हाथी (Elephant) को खाना और पानी मिलेगा. जिसके बाद उसे जंगल से बाहर निकलने की जरूरत महसूस नहीं होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 12, 2020, 5:36 PM IST
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नई दिल्ली. खाने की तलाश में हाथी को जंगल (Forest) से बाहर निकलना पड़ता है. खाने के लिए ही हाथी गांव और खेत में घुस जाते हैं. इसी के चलते हाथी और इंसानों के बीच टकराव होता है. जंगल से बाहर आने पर ही हाथियों का ट्रेन (Train) से एक्सीडेंट होता है. इसके चलते भी हर साल दर्जनों हाथियों की मौत हो जाती है. इसी सब को रोकने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने विश्व हाथी दिवस के मौके पर एक बड़ी घोषणा की है. उनका कहना है कि हम ऐसे इंतज़ाम करने जा रहे हैं कि जंगल के अंदर ही हाथी (Elephant) को खाना और पानी मिलेगा. जिसके बाद उसे जंगल से बाहर निकलने की जरूरत महसूस नहीं होगी.

औसतन हर साल 33 हाथियों के शव होते हैं बरामद

वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन सोसाइटी ऑफ इंडिया के अनुसार सरकार की सजगता के चलते बड़ी संख्या में हाथियों के शिकारी पकड़े जाते हैं या फिर शिकार किए गए हाथियों के शव या उनके अवशेष. सोसाइटी के अनुसार 2010 से लेकर 2017 तक हर साल औसत 33 हाथी शिकारियों का शिकार बन रहे हैं. यह वो आंकड़ा है जो शिकारियों के पकड़े जाने या फिर शिकार किए गए हाथियों के शव या उनके अवशेष से इकट्ठा किया गया है. 2010 में 49, 2011 31, 2012 45, 2013 38, 2014 22, 2015 41, 2016 21 और 2017 में 18 हाथियों के शिकार होने का आंकड़ा सामने आया था.
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इंसान और हाथियों का टकराव रोकने को जारी की यह किताब

पर्यावरण मंत्री जावड़ेकर ने कहा कि भारत हाथियों और अन्य जानवरों को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है. मानव और पशुओं के टकराव को समाप्त करने के लिए एक ठोस, व्यावहारिक और किफायती समाधान लाने की दिशा में भी हम काम कर रहे हैं. विश्व हाथी दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम के दौरान ‘भारत में मानव–हाथी टकराव प्रबंधन के सर्वोत्तम उपाय’ पर एक किताब जारी करते हुए पर्यावरण मंत्री ने कहा कि मानव और हाथी दोनों के बीच टकराव को कम करने और दोनों के मूल्यवान जीवन को बचाने के लिए मानव-हाथी सह-अस्तित्व को मजबूत करना महत्वपूर्ण है.

यह किताब हाथियों के प्रबंधन के विभिन्न आविष्कारों की फोटो के साथ एक गाइड है. जिन्हें हाथी वाले देशों द्वारा अपनाया गया है. यह पुस्तिका स्थान विशेष में हाथियों के संकट कम करने के उपायों को अपनाने के लिए एक संदर्भ पुस्तिका के रूप में कार्य करती है जिसे मानव-हाथी टकराव को कम करने के लिए अपनाया जा सकता है.
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