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मुंबई के पावर-कट में था चीनी हाथ! केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने नकारा महाराष्ट्र सरकार का दावा

केंद्रीय मंत्री आरके सिंह. (फाइल फोटो)

केंद्रीय मंत्री आरके सिंह. (फाइल फोटो)

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह (Union Power Minister RK Singh) ने कहा है कि हमारे पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं जिनके आधार पर कहा जा सके पावर-कट के पीछे चीनी या पाकिस्तानी साइबर हैकर्स का हाथ था. कुछ लोग कह रहे हैं कि इसके पीछे चीनी साइबर ग्रुप है लेकिन हमारे पास सबूत नहीं है.

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नई दिल्ली. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह (Union Power Minister RK Singh) ने अक्टूबर 2020 में मुंबई में हुए बड़े पावर-कट (Mumbai Power Outage) में चीनी साइबर हमले की बात से इनकार किया है. उन्होंने कहा है कि हमारे पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं जिनके आधार पर कहा जा सके पावर-कट के पीछे चीनी या पाकिस्तानी साइबर हैकर्स का हाथ था. कुछ लोग कह रहे हैं कि इसके पीछे चीनी साइबर ग्रुप है लेकिन हमारे पास सबूत नहीं है.

उन्होंने कहा कि हमारे दक्षिणी और उत्तरी साइबर लोड डिस्पैच सेंटर्स पर साइबर अटैक हुआ था, लेकिन वो (मैलवेयर) ऑपरेटिंग सिस्टम तक नहीं पहुंच सके थे. महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने जानकारी दी है कि मुंबई में SCADA सिस्टम पर साइबर अटैक हुआ.

उन्होंने कहा कि दो पावर-कट के मसले पर दो टीम ने जांच की थी. उनका कहना था कि पावर कट मानवीय गलती की वजह से हुआ न कि साइबर अटैक की वजह से. उनमें से एक टीम ने कहा था कि साइबर अटैक हुए तो थे, लेकिन मुंबई ग्रिड फेलियर मामले को इससे जोड़ा नहीं जा सकता.



महाराष्ट्र सरकार ने करवाई जांच
गौरतलब है कि एक दिन पहले महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा था कि उन मीडिया रिपोर्ट्स का राज्य सरकार ने संज्ञान लिया है, जिनमें पावर-कट के पीछे साइबर अटैक होने की बात कही गई हैं. गृहमंत्री ने साइबर डिपार्टमेंट से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है. वहीं राज्य के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने कहा, 'जब मुंबई में पावर-कट हुआ था तब भी मैंने कहा था कि कुछ गड़बड़ हुई है और तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई थी. मुझे लगता है कि मीडिया रिपोर्ट्स में सच्चाई है.'

साइबर डिपार्टमेंट ने सौंपी रिपोर्ट
साइबर सेल ने सोमवार शाम इस मामले पर अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. गृहमंत्री अनिल देशमुख के मुताबिक पावर-कट में साइबर अटैक का हाथ होने के संकेत मिले हैं. हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने इन दावों को भारत में मौजूद चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की तरफ निराधार ठहराया जा चुका है.

बीते साल अक्टूबर का है मामला
याद दिला दें कि अक्टूबर 2020 में भारत की आर्थिक राजधानी में घंटों के लिए बिजली गुल हो गई थी. मुंबई की धड़कन कही जाने वाली लोकल ट्रेनें रुक गई थीं, स्टॉक एक्सचेंज ठप पड़ा और कोरोना से जूझ रहे महानगर में अस्पताल तक बंद हो गए थे.
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