कलाम को सलाम करने को व्हीलचेयर से उठ खड़े हुए थे अर्जन सिंह, जानिए खास बातें...

News18Hindi
Updated: September 17, 2017, 7:41 AM IST
कलाम को सलाम करने को व्हीलचेयर से उठ खड़े हुए थे अर्जन सिंह, जानिए खास बातें...
कलाम को सलामी देते हुए भारतीय वायुसेना (IAF)के मार्शल अर्जन सिंह
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Updated: September 17, 2017, 7:41 AM IST
भारतीय सैन्य इतिहास के नायक रहे वायु सेना मार्शल अर्जन सिंह का निधन हो गया. 98 साल की उम्र में शनिवार को उन्होंने सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में दुनिया को अलविदा कहा. पाकिस्तान के खिलाफ 1965 के युद्ध में उन्होंने वायुसेना का नेतृत्व करते हुए अहम भूमिका निभाई थी. 1965 के युद्ध में भारतीय वायुसेना ने उनके नेतृत्व में पाकिस्तान में घुसकर कई एयरफील्ड्स तबाह किए थे.

पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के पार्थिव शरीर को सलामी देते हुए उनकी तस्वीर वायरल हो गई थी. दो साल पहले जब अब्दुल कलाम का निधन हुआ तो अर्जन सिंह उन्हें श्रद्धांजलि देने पालम एयरपोर्ट पहुंचे थे. यहां वो व्हीलचेयर पर आए थे, लेकिन कलाम को सलामी देते वक्त तनकर खड़े हो गए थे और पास जाकर सलामी दी थी.

अर्जन सिंह की खास बातें...
> अर्जन सिंह भारतीय वायुसेना के ऐसे एकमात्र अफसर हैं, जिन्हें साल 2002 में फील्ड मार्शल के बराबर फाइव स्टार रैंक देकर प्रमोशन दिया गया था. अर्जन सिंह को उनकी सेवा और योगदान के लिए 1965 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था.

> साल 2016 में अर्जन सिंह के 97वें जन्मदिन पर पश्चिम बंगाल के पानागढ़ स्थित भारतीय वायुसेना के एयर बेस को उनका नाम दिया गया था. वह देश के इकलौते ऐसे अधिकारी थे जिनके जिंदा रहते ही किसी एयरफोर्स स्टेशन का नाम उनपर रखा गया था.
> पद्म विभूषण से सम्मानित अर्जन सिंह ने 60 अलग-अलग तरह के विमान उड़ाए थे.
> 1974 में उन्हें केन्या में भारतीय उच्चायुक्त नियुक्त किया गया था. वहीं, 1989 में उन्हें दिल्ली का उप-राज्यपाल बनाया गया था.
> ब्रिटिश भारतीय सेना ने अर्जन सिंह की कोशिशों के चलते ही इंफाल पर कब्जा किया. इसी के बाद उन्हें डीएफसी की उपाधि से नवाजा गया.
First published: September 16, 2017
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