Unlock 1: केंद्र की गाइडलाइन्स के बावजूद इन 3 राज्यों ने नहीं दी कोई छूट

Unlock 1: केंद्र की गाइडलाइन्स के बावजूद इन 3 राज्यों ने नहीं दी कोई छूट
कुछ राज्यों ने अपने यहां लॉकडाउन को बढ़ा दिया है.

केंद्र सरकार ने हाई रिस्क वाले वाले क्षेत्रों में 30 जून तक कोरोनावायरस लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown 5) को बढ़ा दिया है.

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नई दिल्ली. देश भर में फैले कोरोनावायरस (Coronavirus) के प्रकोप के चलते लॉकडाउन (Lockdown) के नियमों में दी गई ढील के बीच केंद्र सरकार ने भारत को अनलॉक (Unlock-1) करने की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है. हालांकि इसका यह बिल्कुल भी मतलब नहीं कि देश के सभी लोग 24 मार्च से पहले वाली जिन्दगी जीना शुरू कर देंगे. एक ओर जहां कर्नाटक और गोवा सरीखे राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को खोलने की मांग की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया तो वहीं पंजाब, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश ने लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला किया है. मध्य प्रदेश ने 15 जून तक के लॉकडाउन बढ़ा दिया है, तो वहीं पंजाब और तमिलनाडु ने जून के आखिरी तक के लिए राज्य को बंद रखने का फैसला किया है.

लॉकडाउन में विस्तार का मतलब है कि केंद्र द्वारा होटल और हॉस्पिटैलिटी के सेक्टर्स को छूट दी गई है वे अभी इन राज्यों में नहीं खुलेंगे. अगले कुछ दिनों में और राज्य अपने स्वयं के अधिक प्रतिबंध लागू कर सकते हैं.

 30 जून तक कोरोनावायरस लॉकडाउन को बढ़ा दिया
केंद्र सरकार ने हाई रिस्क वाले वाले क्षेत्रों में 30 जून तक कोरोनावायरस लॉकडाउन को बढ़ा दिया है, लेकिन शनिवार को देश भर में दर्ज किए गए उच्च रिकॉर्ड मामलों के बावजूद रेस्तरां, मॉल और धार्मिक स्थलों को 8 जून से खोलने की अनुमति दी.



राज्यों को चिंता है कि महामारी कहीं फिर से ना फैल जाए क्योंकि दो महीने से अधिक के लॉकडाउन में भारत इंफेक्शन को कर्व को फ्लैट करने में अक्षम रहा. भारत ने शनिवार को 7,964 नए COVID-19 संक्रमणों का सबसे ज्यादा इजाफा दर्ज किया और अब तक 173,763 पॉजिटिव मामले और 4,971 मौतें दर्ज की हैं.



गृह मंत्रालय ने अपने नये दिशानिर्देशों में देश के फिर से खोलने को तीन चरणों में बांटा है. फेज 1 में, पूजा स्थलों, होटल, रेस्तरां और मॉल को 8 जून से खोलने की अनुमति दी गई है. फेज 2 में स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों को अनुमति दी जाएगी. यह जुलाई में लागू होगा.

फेज तीन में, मेट्रो यात्रा और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फैसला
फेज तीन में, मेट्रो यात्रा और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, स्विमिंग पूल, जिम, आदि पर फैसला किया जाएगा.

केरल ने पूजा स्थल खोलने के बारे में संदेह जाहिर किया है. वहीं महाराष्ट्र में अगर सिद्धि विनायक जैसे मंदिर खोले जाते हैं तो राज्य सरकार लोगों की आमदरफ्त को लेकर चिंतित हैं. अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र ने कम से कम उन लोगों के लिए स्थानीय ट्रेनें खोलने का अनुरोध किया था जो आवश्यक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं. बता दें MHA दिशानिर्देशों की गाइडलाइन्स स्थानीय ट्रेन यात्रा पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है, मेट्रो तीन चरण तक प्रतिबंधित सूची में है.

दूसरी ओर पश्चिम बंगाल ने एमएचए दिशानिर्देशों से पहले ही के अनुसार पूजा स्थलों को 1 जून से खोलने की अनुमति दी थी. बंगाल के निर्णय के बारे में पूछे जाने पर एक शीर्ष MHA अधिकारी ने कहा, 'उन्हें अपने दिशानिर्देशों को संशोधित करना होगा. राज्य MHA दिशानिर्देशों का उल्लंघन नहीं कर सकते हैं.'

दिल्ली में सैलून और नाइयों की अनुमति नहीं
केंद्र के दिशानिर्देश में दिल्ली सरकार द्वारा मॉल खोलने की मांग पूरी की गई है लेकिन आश्चर्यजनक रूप से दिल्ली ने पिछले दो हफ्तों में सैलून और नाइयों की अनुमति नहीं दी हालांकि एमएचए के दिशानिर्देशों ने इसे लॉकडाउन 4 में अनुमति दी थी.

एमएचए ने कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या पर सभी प्रतिबंध भी हटा दिए हैं लेकिन मेट्रो की अनुपस्थिति में बसों में सोशल डिस्टेंसिंग के मानक पूरे नहीं किये जा रहे हैं. यह राज्यों के लिए एक चुनौती है. वर्क प्लेस तक पहुँचने के लिए कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं हो पा रहा.

कंटेनमेंट जोन्स में कड़े उपायों को सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण
एक अन्य समस्या क्षेत्र एक राज्य से दूसरे राज्य में की जाने वाली यात्रा है. MHA दिशानिर्देश कहते हैं कि व्यक्तियों और वस्तुओं के राज्य के भीतर और एक राज्य से दूसरे राज्य में आमदरफ्त पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा और इस तरह की आवाजाही लिए अलग से अनुमति / अनुमोदन / ई-परमिट की आवश्यकता नहीं होगी. हालांकि इसमें यह भी कहा गया है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के कारणों के चलते एक राज्य अपने क्षेत्र में आवाजाही को नियंत्रित कर सकता है.

उदाहरण के लिए लोग दिल्ली और हरियाणा के बीच यात्रा करना चाहते हैं तो समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. रविवार की सुबह दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर कोई बदलाव नहीं हुआ क्योंकि हरियाणा के अधिकारियों ने लोगों से राज्य की सीमा पार करने के लिए पास मांगे.

केंद्र सरकार के अधिकारियों की राय थी कि अर्थव्यवस्था को खोलने के निर्णय पर कोई पीछे नहीं हट सकते. इसलिए, बढ़ती संख्या में भारत को अनलॉक करने के फैसले पर कोई असर नहीं पड़ा है. हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि कंटेनमेंट जोन्स में कड़े उपायों को सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है.
First published: May 31, 2020, 10:07 AM IST
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