Unlock 2.0: एक क्लिक में जानें 1 जुलाई से बदलेंगे कौन से नियम, कहां मिलेगी कितनी छूट

Unlock 2.0: एक क्लिक में जानें 1 जुलाई से बदलेंगे कौन से नियम, कहां मिलेगी कितनी छूट
सरकार ने कोरोना वायरस प्रसार को लेकर अनलॉक 2.0 के दिशानिर्देश जारी किए हैं (सांकेतिक फोटो)

Centre Government Releases Unlock 2.0 Guidelines: केंद्रीय गृह मंत्रालय (Union Home Ministry) ने अनलॉक- 2.0 के दिशानिर्देश (Unlock- 2.0 Guidelines) जारी कर दिये हैं. जानें 1 जुलाई से लागू होने वाले इन दिशानिर्देशों के बारे में सबकुछ.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 30, 2020, 12:41 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) प्रसार को रोकने के लिए देश भर में लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) में पिछले महीने ही कई बड़ी छूट दी गई थीं. अब इन छूटों को और बढ़ाते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय (Union Home Ministry) ने अनलॉक- 2.0 के दिशानिर्देश (Unlock- 2.0 Guidelines) जारी कर दिये हैं. नये दिशानिर्देशों के मुताबिक अब सिर्फ कंटेनमेंट जोन (Containment Zone) घोषित किए गए इलाकों में 31 जुलाई तक कर्फ्यू (Curfew) जारी रहेगा. बाकी सभी जगहों पर गतिविधियों में भारी छूट दी गई है.

हालांकि इस दौरान लोगों को मास्क पहनने और सामाजिक दूरी (Social Distancing) जैसे नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. सरकार ने यह भी कहा है कि जिन गतिविधियों में छूट नहीं मिली है, उनके लिए जल्द ही अलग से दिशानिर्देश और जरूरी मानक संचालन प्रक्रिया (Standerd Operating Procedure) जारी की जाएगी ताकि वायरस के प्रसार (Virus Transmission) को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित की जा सके. अनलॉक 2.0 के दिशानिर्देशों के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं-

अनलॉक 2.0 के दौरान कंटेनमेंट जोन के बाहर इन गतिविधियों को छोड़कर बाकी की छूट होगी-



-- स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक और कोचिंग संस्थान 31 जुलाई, 2020 तक बंद रहेंगे. ऑनलाइन/ डिस्टेंस लर्निंग जारी रहेगी और इसे बढ़ावा दिया जायेगा.



-- केंद्र और राज्य सरकारों के ट्रेनिंग संस्थानों को 15 जुलाई, 2020 से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के तहत खोले जाने की अनुमति होगी. इस दौरान डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) के जारी दिशानिर्देशों का पालन करना होगा.

-- इस दौरान यात्रियों को गृह मंत्रालय के आदेश वाली अंतरराष्ट्रीय विमान यात्राओं को छोड़कर अन्य किसी अंतरराष्ट्रीय विमान यात्रा की अनुमति नहीं होगी.

-- मेट्रो रेल अनलॉक 2.0 के दौरान भी बंद रहेंगीं.

-- सिनेमा हॉल, जिम, स्विमिंग पूल, इंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, एसेंबली हॉल और ऐसी अन्य जगहों को भी बंद रखा जायेगा.

-- सामाजिक/राजनीतिक/स्पोर्ट्स/मनोरंजन/अकादमिक/सांस्कृतिक/धार्मिक समारोहों की और बड़े आयोजनों की अनुमति नहीं होगी.

-- ऊपर दी गई गतिविधियों को शुरू करने के लिए अलग से और आवश्यक मानक संचालन प्रक्रिया जारी की जायेगी ताकि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए सामाजिक दूरी को सुनिश्चित किया जा सके.

-- घरेलू फ्लाइट्स और पैसेंजर ट्रेनों की सीमित अनुमति पहले ही दी जा चुकी है. उनकी गतिविधियों को धीरे-धीरे और बढ़ाया जायेगा.

कंटेनमेंट जोन में जारी रहेंगी ये सख्त पाबंदियां

-- कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन 31 जुलाई, 2020 तक जारी रहेगा.

-- कंटेनमेंट जोन का निर्धारण जिला प्रशासन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों का ध्यान रखते हुए करेगा, जिसका मकसद प्रभावशाली तरीके से संक्रमण की कड़ी को तोड़ना होगा. इन कंटेनमेंट जोन के बारे में संबंधित जिला कलेक्टर और राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की वेबसाइट पर जानकारी दी जायेगी और इस जानकारी को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ साझा किया जायेगा.

-- कंटेनमेंट जोन में सिर्फ जरूरी कामों की अनुमति होगी. कंटेनमेंट जोन के अंदर और बाहर लोगों की आवाजाही को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे. सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी के केस और जरूरी सामानों की आपूर्ति को ही मंजूरी दी जाएगी. सरकार की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि कंटेनमेंट जोन में गहन कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, घर-घर जांच और जरूरत के हिसाब से अन्य चिकित्सीय एहतियात बरती जाएंगी. इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी सभी दिशानिर्देशों को प्रभावशाली तरीके से लागू किया जाएगा.

-- कंटेनमेंट जोन में होने वाली सभी गतिविधियों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से कड़ी नजर रखी जाएगी और कंटेनमेंट से जुड़े कदमों में नियमों का कड़ाई से पालन कराया जायेगा.

-- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कंटेनमेंट जोन के अलावा बफर जोन भी तय करने होंगे जहां पर मामले सामने आ सकते हैं. बफर जोन में जिला प्रशासन के जरिए उन नियमों को लागू किया जायेगा, जिन्हें आवश्यक समझा जायेगा.

रात्रि कर्फ्यू के समय में भी मिली छूट, रात 10 से होगा लागू
सरकार ने अनलॉक 2.0 में रात के कर्फ्यू का समय भी बदल दिया है. अब रात में 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा. इस दौरान व्यक्तिगत तौर पर लोगों की गतिविधि पर कड़ाई के साथ रोक होगी. इस कर्फ्यू के दौरान आपातकालीन सेवाओं से जुड़े लोगों, आवश्यक गतिविधियों से जुड़े लोगों, कई शिफ्टों में काम करने वाली औद्योगिक ईकाईयों का कामकाज, राष्ट्रीय राजमार्गों से सामान लाने ले जाने वालों, खाली और भरे हुए कार्गो, बस, ट्रेन और हवाई जहाज से यात्रा कर अपने गंतव्य को जाने वाले लोगों को छोड़कर सभी की आवाजाही पर पाबंदी रहेगी. इस बारे में क्षेत्रीय प्रशासन को उचित कानून, जैसे सीआरपीसी की धारा 144 के अंतर्गत आदेश जारी करने चाहिए और इनका कड़ाई से पालन कराना चाहिए.

राज्यों को अपने लिए नियम बनाने की होगी छूट
अनलॉक 2.0 के दिशानिर्देशों के मुताबिक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अपनी परिस्थितियों के आकलन के आधार पर अगर कोई प्रतिबंध आवश्यक लगता है तो उसे लागू करने की अनुमति होगी.

हालांकि इस दौरान अंतरराज्यीय और राज्य के अंतर किसी व्यक्ति या सामान की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा. ऐसा ही पड़ोसी देशों के साथ जमीन के जरिए व्यापार के संदर्भ में भी होगा. इसके लिए किसी अन्य अनुमति, मंजूरी या ई-परमिट की जरूरत नहीं होगी.

मानक संचालन प्रक्रिया के साथ यातायात आधारित
मानक संचालन प्रक्रिया के आधार पर पैसेंजर ट्रेनों और श्रमिक स्पेशल ट्रेनों, घरेलू उड़ानों, देश के बाहर फंसे नागरिकों और विदेशी नागरिकों के वापस जाने आदि गतिविधियों को जारी रखा जायेगा.

नाजुक स्थिति वाले लोगों की सुरक्षा संबंधी
आवश्यक और स्वास्थ्य कारणों को छोड़कर 65 साल से अधिक उम्र के लोगों, पहले से अन्य बीमारियों से पीड़ित, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घर पर ही रहने की सलाह दी जाती है.

आरोग्य सेतु के प्रयोग को लेकर
-- आरोग्य सेतु संक्रमण के संभावित खतरे की जल्दी पहचान कराने और इससे व्यक्ति या समुदाय को बचाने का काम करती है.
-- ऑफिस और वर्कप्लस पर, कर्मचारियों की सुरक्षा के सबसे अच्छे प्रयास के तहत आरोग्य सेतु को इंस्टाल कराने की हिदायत दी जाती है.
-- जिला प्रशासन को व्यक्तिगत रूप से उपयुक्त मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु को इंस्टाल कराने और लगातार अपडेट की जिम्मेदारी दी जाती है.

यह भी पढ़ें: Unlock-2.0: कंटेनमेंट जोन में सख्त रहेगा लॉकडाउन, जानिए किसपर रहेगी पाबंदी

दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन
-- राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए गये हैं कि वे इन दिशानिर्देशों को आपदा नियंत्रण कानून, 2005 के अनुसार कड़ाई से इन नियमों का पालन कराएं.

-- सभी जिला मजिस्ट्रेटों को ऊपर दिये नियमों का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया गया है.

-- अगर कोई भी व्यक्ति इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो वह आपदा नियंत्रण कानून, 2005 की धारा 51 और 60 के तहत उस पर कार्रवाही होगी. इसके अलावा आईपीसी की धारा 188 और अन्य कानूनी धाराओं के तहत भी उस पर कार्यवाही की जायेगी.
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