उन्नाव रेप कांड: एक्सीडेंट में पीड़िता की मौसी और चाची की मौत, जानिए केस में कब क्या हुआ?

यह हादसा रायबरेली जिले के अतरुआ गांव में ट्रक और कार की आमने-सामने भिड़ंत से हुआ. जिसमें रेप पीड़िता की मौसी और चाची की मौत हो गई है.

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Updated: July 29, 2019, 12:07 AM IST
उन्नाव रेप कांड: एक्सीडेंट में पीड़िता की मौसी और चाची की मौत, जानिए केस में कब क्या हुआ?
उन्नाव रेप कांड में पीड़िता की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी है, जिसमें पीड़िता की मां और चाची की मौत हो गई है (फोटो क्रेडिट- ANI)
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Updated: July 29, 2019, 12:07 AM IST
बांगरमऊ से बीजेपी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप के आरोप से लेकर सीएम आवास पर आत्मदाह की कोशिश करने वाली किशोरी और और परिवार का एक्‍सीडेंट हो गया. इस दौरान किशोरी सपरिवार अपने चाचा से मिलने के लिए रायबरेली जा रही थी.

इस हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई है. इससे पहले पीड़िता के पिता की उन्नाव जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. अभी तक इस मामले में हुई हैं ये घटनाएं-

# दरअसल, पूरा मामला 4 जून 2017 का है. माखी थाना क्षेत्र के गांव से 17 साल की किशोरी को गांव के ही शुभम और उसके साथी कानपुर के चौबेपुर निवासी अवधेश तिवारी अगवा कर ले जाने का आरोप लगा. पीड़िता की मां ने माखी थाने में तहरीर दी जिसमें विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर पड़ोस की एक महिला के जरिए बहाने से घर बुलाकर रेप करने और इसके बाद उसके गुर्गों द्वारा गैंगरेप करने का आरोप लगाया. पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की.

# 11 जून 2017 को पीड़िता ने अदालत की शरण ली, कोर्ट के आदेश पर अवधेश तिवारी, शुभम तिवारी व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. लेकिन इसमें विधायक कुलदीप सिंह और आरोपी महिला का नाम नहीं था.

# 3 अप्रैल 2018 को विधायक के भाई अतुल सिंह को पता चला कि पीड़िता का पिता दिल्ली से घर वापस आया है. अतुल सिंह अपने गुर्गों के साथ गांव पहुंचा और मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया. न मानने पर पर पीड़िता के पिता की बेरहमी से पिटाई की. सूचना पर पुलिस भी पहुंची. लेकिन पुलिस के सामने ही पीड़ित परिवार की पिटाई होती रही. इसके बाद विधायक पक्ष की तरफ से टिंकू सिंह ने मारपीट और आर्म्स एक्ट में मुकदमा लिखवाकर पीड़ित पिता को ही जेल भेजवा दिया.

# 4 अप्रैल को रेप पीड़िता की मां ने तहरीर दी. पुलिस ने माखी गांव के ही विनीत, सोनू, बउवा और शैलू सहित अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया. इस मुक़दमे में पुलिस ने विधायक के भाई अतुल सिंह का नाम हटा दिया. उधर पिटाई से घायल पीड़िता के पिता का पुलिस ने दो दिन इलाज करने के बाद शाम को उसे जेल भेज दिया.

# 8 अप्रैल को पीड़िता ने परिवार समेत सीएम आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की. गैंगरेप पीडिता ने आरोप लगाया कि उसके साथ न्याय नहीं हो रहा है. विधायक उसके पूरे परिवार की हत्या करवा देगा. इसके बाद 9 अप्रैल को पीड़िता के पिता की उन्नाव जेल में मौत हो गई. 10 अप्रैल को विधायक के भाई अतुल सिंह को गिरफ्तार किया गया.
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# 9 अप्रैल को पीड़िता के पिता की जेल में मौत के बाद मामला तूल पकड़ने लगा. विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला किया. बसपा का एक प्रतिनिधि मंडल सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मिला. पुलिस भी हरकत में आई और लखनऊ क्राइम ब्रांच जांच करने उन्नाव पहुंची. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बयान जारी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए. इस बीच सीएम ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को तलब किया. मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद सेंगर ने खुद को निर्दोष बताया.

# 10 अप्रैल को पीड़िता के पिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई. इसमें उनकी मौत की वजह शॉक और ब्रेन हेमरेज बताई गई. एडीजी लॉ एंड आर्डर आनंद कुमार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी. उन्होंने कहा कि उन्नाव मामले की नए सिरे से जांच होगी और बीजेपी विधायक पर भी कार्रवाई होगी.

# 11 अप्रैल 2018: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पुलिस को यह केस सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया.

# 12 अप्रैल 2018: मामला सीबीआई को सौंपा गया और विधायक कुलदीप सेंगर को नाबालिग से रेप का आरोपी बनाया गया.

# 13 अप्रैल 2018: कुलदीप सेंगर को सीबीआई ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. साथ ही नई एफआईआर दर्ज की गई. उसे एक हफ्ते की न्यायिक हिरासत में भेजा गया.

# 11 जुलाई 2018: सीबीआई ने पहली चार्जशीट दाखिल की, जिसमें कुलदीप सेंगर का नाम था.

# 13 जुलाई 2018: दूसरी चार्जशीट फाइल की गई, जिसमें पीड़िता के पिता को कथित तौर पर फंसाने के मामले में कुलदीप सेंगर, उनके भाई, तीन पुलिसकर्मी और 5 अन्य लोगों का नाम शामिल था.

चौथी बार विधायक बने थे सेंगर
कांग्रेस की यूथ विंग से अपना राजनीतिक सफ़र शुरू करने वाले सेंगर 2002 में बसपा से उन्नाव सदर सीट के विधायक चुने गए. 2007 में सपा से बांगरमऊ और 2012 में भी सपा से भगवंतनगर से विधायक चुने गए. 2017 के चुनाव में बीजेपी ने उन्हें बांगरमऊ से प्रत्याशी बनाया और वह लगातार चौथी बार विधायक चुने गए.

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First published: July 28, 2019, 9:00 PM IST
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