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उन्नाव रेप केस में कोर्ट ने CBI को जमकर लगाई फटकार, जानें वजह

News18Hindi
Updated: December 17, 2019, 8:07 AM IST
उन्नाव रेप केस में कोर्ट ने CBI को जमकर लगाई फटकार, जानें वजह
कुलदीप सिंह सेंगर मामले में CBI ने अदालत को फटकार लगाई. (File Photo)

unnao Rape Case: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने विधायक उत्तर प्रदेश के उन्नाव से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) को आपराधिक षड्यंत्र, अपहरण, बलात्कार और पॉक्सो कानून से संबंधित धाराओं के तहत दोषी करार दिया है. कोर्ट आज सेंगर को सज़ा सुना सकता है.

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  • Last Updated: December 17, 2019, 8:07 AM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) की एक अदालत ने उन्नाव रेप केस (Unnao Rape case) में दोषी करार दिए गए विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सज़ा पर आज 12 बजे फैसला सुनाएगी. इससे पहले इस मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सीबीआई (CBI) को भी कड़ी फटकार लगाई. कोर्ट की नाराजगी आरोपपत्र दाखिल करने में देरी और जांच के दौरान महिला अधिकारियों की गैरहाजिरी को लेकर थी. पीड़िता के मामले को अस्पष्ट करने के लिए उसके बयान से जुड़ी अहम सूचना चुनिंदा तरीके से जांच एजेंसी द्वारा लीक करने पर भी अदालत ने नाराजगी जाहिर की.

अदालत ने कहा, 'कानून के मुताबिक ऐसे मामलों में पीड़िता का बयान दर्ज करने के लिए सीबीआई में महिला अधिकारी होनी चाहिए लेकिन आश्चर्य है कि लड़की के आवास पर जाने के बजाय उसे कई बार सीबीआई कार्यालय बुलाया गया.'

अदालत ने इस बात का जिक्र किया कि इस तरह के मामलों की जांच एक महिला अधिकारी द्वारा की जानी चाहिए, जिसके लिए यौन अपराधों से बाल संरक्षण (पॉक्सो-POCSO Act) कानून की धारा 24 के तहत प्रावधान किया गया है लेकिन पीड़िता के बयान सीबीआई कार्यालय बुला कर दर्ज किए गए तथा यौन उत्पीड़न के इस तरह के मामले में उसके साथ होने वाली प्रताड़ना, पीड़ा और फिर से तकलीफ पहुंचने की परवाह नहीं की गई.



जिला जज धर्मेश शर्मा ने कहा कि सीबीआई ने इस तथ्य के बारे में विस्तार से नहीं बताया कि जब लगभग समूची जांच जुलाई 2018 के अंत तक पूरी हो गई थी तब किस चीज ने सीबीआई को तीन अक्टूबर 2019 तक आरोप पत्र दाखिल करने से रोका.



मामला दिल्ली हुआ था ट्रांसफर
गौरतलब है कि बलात्कार पीड़िता द्वारा तत्कालीन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई (Former CJI Ranjan Gogogi) को लिखे पत्र पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने उन्नाव बलात्कार घटना के सिलसिले में दर्ज सभी पांच मामलों को एक अगस्त को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की लखनऊ (Lucknow) अदालत से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया था. साथ ही, यह निर्देश भी दिया था कि मामले की सुनवाई रोजाना आधाार पर की जाए और यह 45 दिनों की अंदर पूरी की जाए.

अदालत ने भाजपा (BJP) से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) को 2017 की इस घटना के लिए सोमवार को दोषी करार दिया. अदालत सजा की अवधि पर बुधवार को दलीलें सुनेगी. इस अपराध के लिये अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है.

अदालत ने सेंगर को भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत दुष्कर्म और पॉक्सो कानून के तहत लोकसेवक द्वारा बच्ची के खिलाफ यौन हमले के अपराध का दोषी ठहराया. पॉक्सो अधिनियम के तहत सेंगर को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि सीबीआई ने साबित किया कि पीड़िता नाबालिग थी और इस विशेष कानून के तहत चलाया गया मुकदमा सही था. (भाषा इनपुट के साथ)

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First published: December 17, 2019, 7:31 AM IST
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