एक्सीडेंट से पहले उन्नाव रेप पीड़िता के परिजनों ने लिखीं 36 चिट्ठियां, नहीं मिला कोई जवाब

परिवार ने दावा किया कि इन पत्रों में से अधिकांश का अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया.

News18Hindi
Updated: August 1, 2019, 12:12 PM IST
एक्सीडेंट से पहले उन्नाव रेप पीड़िता के परिजनों ने लिखीं 36 चिट्ठियां, नहीं मिला कोई जवाब
परिवार ने दावा किया कि इन पत्रों में से अधिकांश का अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया.
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Updated: August 1, 2019, 12:12 PM IST
काजी फराज अहमद

उन्नाव बलात्कार पीड़ित के परिवार ने पिछले एक साल में शीर्ष सरकारी अधिकारियों, राजनेताओं और पुलिस अधिकारियों को जान का खतरा होने का दावा करते हुए 36 पत्र लिखे और सुरक्षा और मदद मांगी.

बुधवार को, महिला के मामा ने दावा किया कि पुलिस अधिकारियों और वरिष्ठ नौकरशाहों को पत्र भेजे गए थे और परिवार ने सीबीआई से भी संपर्क किया था. जब कुछ भी काम नहीं आया, तो उन्होंने 12 जुलाई को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई को चिट्ठी लिखी.

पीड़िता के मामा ने कहा कि - 'भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के लोग हमें लगातार परेशान कर रहे हैं और धमकी दी जा रही है. हमने पुलिस को लगभग 36 पत्र लिखे, वरिष्ठ अधिकारियों से सुरक्षा उपायों का अनुरोध किया और विधायक के सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जो हमें मामले को वापस लेने के लिए दबाव डाल रहे थे. कुलदीप सिंह सेंगर ने मेरा पूरा परिवार खत्म कर दिया है.और अब मैं केवल एक ही बचा हूँ.'

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बीते साल अगस्त में लिखी थी चिट्ठी

पिछले साल अगस्त में, महिला के परिवार को सीबीआई को एक पत्र लिखा था और आरोप लगाया था कि वे सेंगर के आदमियों से उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है. इस साल 11 जुलाई को, 19 वर्षीय की मां ने भी उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक, ओपी सिंह को पत्र लिखा और इन्हीं संभावित खतरों की जीनकारी दी.
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पत्र में परिजनों ने कहा कि उसे मामले में एक अन्य आरोपी शशि के पति हरिपाल सिंह ने धमकी दी थी, जो जेल में बंद है. 12 जुलाई को प्रमुख सचिव गृह (यूपी) अरविंद कुमार को लिखे एक अन्य पत्र में, परिवार ने आरोप लगाया कि उसे सेंगर के भाई मनोज से धमकियां मिल रही थीं और उसने दावा किया कि मनोज अपने एक सहयोगी कन्नू सिंह और दो और लोगों के साथ उसके घर गया था. दावा किया कि उन्होंने 'जज फिक्स किया' और सेंगर की रिहाई का इंतजाम किया है.

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अधिकारियों ने नहीं दिया कोई जवाब

परिवार ने दावा किया कि इन पत्रों में से अधिकांश का अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया. योगी आदित्यनाथ सरकार में एक मंत्री के दामाद सहित सेंगर और नौ अन्य पर सोमवार को हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है.

मामले को आगे की जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया गया है. यह मामला साल 2018 में सामने आया था, जब पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर खुद को आग लगाने की कोशिश की. लड़की के परिवार ने आरोप लगाया था कि चार बार के विधायक सेंगर ने साल 2017 में अपने आवास पर पीड़िता के साथ बलात्कार किया था.

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First published: August 1, 2019, 12:09 PM IST
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