चीन ने मसूद अजहर को बचाया लेकिन आतंकवाद पर भारत को मिला ग्‍लोबल सपोर्ट

कुछ ऐसा ही माहौल वर्ष 2009 में भी था. उस वक्त पहली बार यूपीए द्वारा यूएन में मसूद अजहर के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया था.

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Updated: March 15, 2019, 7:28 PM IST
चीन ने मसूद अजहर को बचाया लेकिन आतंकवाद पर भारत को मिला ग्‍लोबल सपोर्ट
मसूद अजहर (फाइल फोटो)
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Updated: March 15, 2019, 7:28 PM IST
(ऐश्वर्य कुमार)
जैश सरगना मसूद अज़हर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन ने वीटो लगा दिया था. इसके साथ ही मसूद अजहर के खिलाफ ये प्रस्ताव यहीं रद्द हो गया. चीन ने वीटो का इस्तेमाल करते हुए कहा कि सबूतों पर जांच पड़ताल करने के लिए अभी और वक्त चाहिए.

चीन ने मसूद अजहर के खिलाफ प्रस्ताव पर यह कहते हुए अड़ंगा लगाया कि उसे सबूतों की जांच पड़ताल करने के लिए अभी और समय चाहिए. यूएन में इस प्रस्ताव पर वोटिंग के वक्त पूरी दुनिया की नजर चीन के फैसले पर थी. लेकिन चीन के फैसले ने सबको निराश किया. साथ ही संयुक्त राष्ट्र में भारत को वैश्विक स्तर पर बड़ा समर्थन मिला.

कुछ ऐसा ही माहौल वर्ष 2009 में भी था. उस वक्त पहली बार यूपीए द्वारा यूएन में मसूद अजहर के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया था. इसपर भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को ट्वीट करते हुए लिखा कि साल 2009 में यूपीए के कार्यकाल के दौरान भी मसूद अज़हर को बैन लगाने का प्रस्ताव UNSC में भेजा गया था. लेकिन, उस वक्त भारत का कोई समर्थक नहीं था.

उन्होंने लिखा है, 'मैं मसूद अज़हर के बारे में कहना चाहती हूं कि चार बार पर उस पर बैन लगाने की कोशिश की गई है. लेकिन साल 2009 में जब यूपीए ने UNSC में मसूद अज़हर को बैन करने का प्रस्ताव रखा तो उस वक्त भारत इकलौता देश था. साल 2016 में अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने इस मुद्दे पर भारत का समर्थन किया था. इस बार यानी 2019 में UNSC में 15 में से 14 सदस्य देश भारत के साथ खड़ा था. इसके अलावा UNSC के गैर सदस्य देश ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इटली और जापान ने भी भारत का साथ दिया.'



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चीन ने जब वीटो का प्रयोग करके मसूद अजहर को बैन करने वाले प्रस्ताव को रद्द करा दिया, तो विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया, 'हम प्रस्ताव पर समर्थन करने वाले सभी सदस्यों के आभारी हैं.'
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अब आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में फ्रांस खुलकर उतर आया है. फ्रांस ने कहा है कि वह अपने देश में स्थित जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर की संपत्तियों को जब्त (फ्रीज) कर देगा. समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक फ्रांस ने यह फैसला शुक्रवार को किया.

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इससे पहले भी आतंकी मसूद अजहर के खिलाफ भारत को फ्रांस से बड़ी मदद मिली थी. पुलवामा हमले पर भारत को फ्रांस से बड़ा समर्थन मिला था. फ्रांस जैश-ए-मोहम्‍मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र में प्रस्‍ताव लेकर आया था.

फ्रांस के वित्त मंत्रालय और विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि फ्रांस हमेशा से आतंकवाद के खिलाफ भारत का समर्थक रहा है और हमेशा पक्ष में रहेगा. भारत द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव पर फ्रांस अपने सहयोगियों से फिर बात करेगा.

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