अनसुलझे कानूनी मामले की वजह से विजय माल्या के प्रत्यर्पण में देरी: विदेश मंत्रालय

विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर विदेश मंत्रालय ने बयान दिया है. (फाइल फोटो)
विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर विदेश मंत्रालय ने बयान दिया है. (फाइल फोटो)

विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs-MEA) ने बताया है कि वह लगातार ब्रिटेन की कोर्ट के संपर्क में है. माल्या के प्रत्यर्पण में कानूनी दांवपेचों (Unresolved legal matter) की वजह से देरी हो रही है. जब तक इनका पूरी तरह से समाधान नहीं हो जाता तब तक विजय माल्या का प्रत्यर्पण नहीं हो पाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 8, 2020, 9:39 PM IST
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नई दिल्ली. विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs-MEA) ने बताया है कि भगोड़े कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya) के प्रत्यर्पण में देरी अनसुलझे कानूनी मामले (Unresolved legal matter) की वजह से हो रही है. गौरतलब है कि कुछ समय पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि विजय माल्या को भारत वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण आदेश प्रभाव में नहीं आ पा रहा है. अव विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर आगे की जानकारी देते हुए बताया है कि माल्या द्वारा सुप्रीम कोर्ट में प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी गई थी. और अब माल्या अपने सभी उपाय खत्म कर चुका है.

समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा दी गई खबर के मुताबिक विदेश मंत्रालय ने बताया है कि वह लगातार ब्रिटेन की कोर्ट के संपर्क में हैं. माल्या के प्रत्यर्पण में कानूनी दांवपेचों की वजह से देरी हो रही है. जब तक इनका पूरी तरह से समाधान नहीं हो जाता विजय माल्या का प्रत्यर्पण तब तक नहीं हो पाएगा.


कोर्ट में केंद्र सरकार ने क्या कहा था
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने बीते सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि भगोड़े कारोबारी विजय माल्या का उस समय तक भारत में प्रत्यर्पण नहीं हो सकता जब तक ब्रिटेन में चल रही एक अलग गोपनीय कानूनी प्रक्रिया का समाधान नहीं हो जाता. सरकार ने कहा कि उसे ब्रिटेन में विजय माल्या के खिलाफ चल रही इस गोपनीय कार्यवाही की जानकारी नहीं है.



गृह मंत्रालय ने अवमानना मामले में दायर हलफनामे में कहा कि यह कानूनी मुद्दा प्रत्यर्पण प्रक्रिया से इतर है. यह गोपनीय रखा गया है और हमसे इसका खुलासा नहीं किया गया. अवमानना मामले में कोर्ट माल्या को पहले ही दोषी ठहरा चुका है. माल्या पर अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस से संबंधित नौ हजार करोड़ रुपए से अधिक का बैंक कर्ज अदा नहीं करने का आरोप है. माल्या मई 2016 से ब्रिटेन में है और वह स्काटलैंड यार्ड द्वारा 18 अप्रैल, 2017 को प्रत्यर्पण वारंट की तामील के बाद से जमानत पर है.
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