UNSC ने दोनों पक्षों से की शांति की अपील, भारत ने कहा- आतंकवाद खत्म होने तक कोई वार्ता नहीं

संयुक्त राष्ट्र (United Nation) में भारत के राजदूत अकबरुद्दीन ने स्पष्ट कहा कि जब तक आतंकवाद पर लगाम नहीं लगेगी किसी भी तरह की शांति वार्ता या बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है.

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Updated: August 17, 2019, 7:38 AM IST
UNSC ने दोनों पक्षों से की शांति की अपील, भारत ने कहा- आतंकवाद खत्म होने तक कोई वार्ता नहीं
संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत सैयद अकबरूद्दीन ने पाकिस्तान को सुनाई खरी खोटी
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Updated: August 17, 2019, 7:38 AM IST
जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United National Security Council) में चल रही बैठक खत्म हो गई है. बैठक में सदस्य देशों ने दोनों राष्ट्रों से शांति बनाए रखने के लिए कहा और ऐसे किसी भी एक्शन से बचने के लिए कहा है जिससे क्षेत्र में तनाव पैदा हो.

UNSC ने भी इसे भारत-पकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा माना है जिसके बाद पाकिस्तान और चीन को बड़ा झटका लगा है. बता दें कि रूस ने भी अमेरिका की ही तरह भारत का सपोर्ट किया है. UNSC की मीटिंग में दोनों पक्षों से इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की गई है साथ ही कश्मीर से जुड़े मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए कहा गया है. 14 देशों ने भारत का समर्थन किया जबकि पाकिस्तान के साथ सिर्फ चीन अकेला ही था.

अकबरुद्दीन ने पाक को लगायी लताड़
बैठक के बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत अकबरुद्दीन ने पत्रकारों के सवालों का भी जवाब दिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि कश्मीर और आर्टिकल 370 हटाया जाना भारत का आंतरिक मुद्दा है. सिर्फ भारत ही तय कर सकता है कि वो आंतरिक मसलों को कैसे हल करेगा. उन्होंने कहा कि जहां तक कश्मीर में तनाव का सवाल है भारत ने उस दिशा में बेहतरीन काम किया है और सोमवार से राज्य में सभी स्कूल-कॉलेज खुल जाएंगे.



अकबरुद्दीन ने कहा कि कुछ लोग कश्मीर में अशांति और अस्थिरता फैलाना चाहते हैं, लेकिन भारत शांति और प्रगति के रास्ते पर जम्मू-कश्मीर को आगे ले जाएगा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग जिहाद के नाम पर कश्मीर में आतंकवाद और हिंसा फैलाना चाहते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने दे सकते. कश्मीर या अन्य मसलों पर पाकिस्तान से बातचीत द्विपक्षीय मसला है और इसमें किसी के दखल की ज़रूरत नहीं है. अकबरुद्दीन ने कहा कि हम पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता के लिए हमेशा तैयार रहे हैं हालांकि, आतंकवाद इसमें हमेशा से अड़चन रहा है.

आतंकवाद ख़त्म हुए बिना बातचीत नहीं
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अकबरुद्दीन ने स्पष्ट कहा कि जब तक आतंकवाद पर लगाम नहीं लगेगी किसी भी तरह की शांति वार्ता या बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है. उन्होंने कहा कि हम अभी भी शिमला समझौते पर कायम हैं, लेकिन पाकिस्तान को पहले भारत के खिलाफ आतंकवाद को सपोर्ट करने की नीति को बदलना होगा. सवालों का जवाब देते हुए अकबरुद्दीन ने कहा कि हमें पता है कि हमें अपना देश कैसे चलाना है, हमें किसी और की सलाह की जरूरत नहीं है.

कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाने से जुड़े एक सवाल के जवाब में अकबरुद्दीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को स्पेशल स्टेटस भारतीय संविधान से दिया गया था और संविधान में संशोधन करना या किसी राज्य को पुनर्गठित करना सिर्फ और सिर्फ भारत का आंतरिक मसला है. जहां तक कश्मीर में अशांति या इससे जुड़े अन्य सवाल हैं, भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और राज्य की प्रशासनिक शक्तियां एहतियातन कई कदम उठा रही हैं. आप लोग तसल्ली रखिए जल्दी ही राज्य में सब कुछ पहले जैसा सामान्य हो जाएगा.

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First published: August 16, 2019, 9:40 PM IST
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