अपना शहर चुनें

States

इस देश के लोग कब्रिस्तान में सोकर करते हैं पुराने साल को विदा और नए साल का स्वागत

चिली में पुराने साल को विदा और नए साल का स्वागत अपने परिजनों की कब्र के पास सोकर करते हैं
चिली में पुराने साल को विदा और नए साल का स्वागत अपने परिजनों की कब्र के पास सोकर करते हैं

नए साल का स्वागत दुनिया में कई देशों में अजीबोगरीब तरीके से होता है. कहीं बुराई का पुतला दहन किया जाता है तो कहीं दरवाजे के बाहर क्रॉकरी तोड़कर फैला दी जाती है. एक देश ऐसा भी है, जहां नए साल का स्वागत कब्रिस्तान में कब्रों को सजाकर और उनकी बगल में सोकर किया जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 1, 2020, 9:02 PM IST
  • Share this:
नए साल का स्वागत दुनिया में कई देशों में अजीबोगरीब तरीके से होता है. कहीं बुराई का पुतला दहन किया जाता है तो कहीं दरवाजे के बाहर क्रॉकरी तोड़कर फैला दी जाती है. कहीं नए साल की पूर्वबेला पर खिड़कियों से पुराने फर्नीचर बाहर फेंके जाते हैं लेकिन एक देश ऐसा भी है, जहां नए साल का स्वागत कब्रिस्तान में कब्रों को सजाकर और उनकी बगल में सोकर किया जाता है.

चिली में नए साल का स्वागत इसी तरह होता है. यहां लोग आधी रात से पहले नए साल का स्वागत करने के लिए कब्रिस्तान चले जाते हैं. वहां अपने परिचितों की कब्र के पास सोते हैं. ये नए साल के स्वागत की अजीब परंपरा तो है. लेकिन इसके पीछे भी तर्क हैं कि यहां के लोग क्यों ऐसा करते हैं.

ये है मान्यता
चिली के लोग मानते हैं कि उनके परिजन पुराने साल के खत्म होने के अवसर पर उसे सेलिब्रेट करने के लिए अपनी कब्रों में लौट आते हैं. इसलिए लोग कब्रों के पास सोने आते हैं. वहां आतिशबाजी करते हैं. खाना लाते हैं. कब्र को बहुत अच्छी तरह सजाते हैं. वहीं कब्र के बगल में अपने बिस्तर लगा लेते हैं.
इस दौरान चिली के कब्रिस्तान गुलजार रहते हैं. रोशनी से जगमगाते रहते हैं. दुनियाभर में कब्रिस्तानों में शायद ही कहीं इस तरह उत्सव मनाया जाता हो, जिस तरह यहां होता है. कब्रिस्तान को सजाने के तौर तरीके भी गजब-गजब के रहते हैं.





चिली के लोग सारी रात वहीं रहते हैं. पुराने साल को वो वहीं रहकर विदा करते हैं तो नए साल का स्वागत भी यहीं से करते हैं. उन्हें लगता है कि उनके बाबा, दादी या अन्य प्रिय परिजन जो दिवंगत हो चुके हैं, उनके साथ इस अवसर पर रहने पर उनका भाग्य बेहतर हो जाएगा. फिर उनका अगला साल बेहतर भाग्य लेकर आएगा. हालांकि चिली में अक्सर कब्र के पास जाकर अपने परिजनों के साथ समय बिताने की भी परंपरा है.

चिली में लोग मानते हैं कि जब पुराना साल बीतने वाला होता है तो उनके दिवंगत परिजन वापस अपनी कब्र में आ जाते हैं


इक्वाडोर में खराब बातों का पुतला जलाया जाता है
इक्वाडोर में पिछले साल की खराब बातें और दुर्भाग्य आपका पीछा नहीं करे, इसलिए इक्वाडोर के लोग कागज से बना हुआ एक पुतला नए साल की पूर्वबेला पर जलाते हैं. इससे वो मानते हैं कि नया साल सौभाग्य को लेकर आएगा. वो पिछले साल की खराब बातों के फोटोग्राफ्स को भी जलाते हैं.

फिलीपीन्स में हर गोल चीज का इस्तेमाल 
फिलिपीन्स में नए साल का मतलब केवल धन होता है. वो मानते हैं कि नया साल उनकी समृद्धि और धन को बढ़ाने वाला होगा. फिलिपिनो इसके लिए कई गोल चीजों का इस्तेमाल करते हैं, जो सिक्कों और संपत्ति का प्रतीक माने जाते हैं. वो नए साल से पहले गोल चीजों का इस्तेमाल करते हैं-मसलन गोल घड़ियां, गोल भोजन, कोई भी गोल चीज उन्हें पसंद है. अगर कोई कपड़ा पहनते हैं तो उसमें गोलाकार आकृतियां बनी होती हैं

डेनमार्क में दरवाजे के बाहर प्लेटें तोड़ते हैं
डेनमार्क में नए साल पर हर दरवाजे टूटी हुई क्रॉकरी नजर आती है. क्योंकि नए साल का स्वागत करने की ये पुरानी परंपरा रही है. खासकर ये ऐसी प्लेटें होती हैं, जिनका उन्होंने सालभर इस्तेमाल नहीं किया हो. उसे बचाकर रखा जाता है और फिर नए साल की मध्यरात्रि पर दरवाजे के सामने तोड़ दिया जाता है.

डेनमार्क में लोग नए साल के शुरू होते ही अपने घरों के दरवाजे पर प्लेट और क्रॉकरीज तोड़कर डाल देते हैं


एक साल 12 अंगूर के फांक गटकते हैं
जैसे ही घड़ियां रात के बारह बजाती हैं तो पूरी दुनिया में आतिशबाजी होने लगती है. लेकिन स्पेन के लोग उस समय अंगूर पर टूट पड़ते हैं. और उनकी कोशिश ये होती है कि किस तरह अंगूर के 12 टुकड़े मुंह में सीधे डाल सकें. जो सफल होता है, उसके बारे में माना जाता है कि नया साल उसके लिए ज्यादा सुखद समय लेकर आएगा. ये भी कहा जाता है कि अंगूर के 12 दाने खाने के बाद ही आपको परिचितों को हैप्पी न्यू ईयर कहना चाहिए.

यहां आपस में करते हैं एक दूसरे की पिटाई 
पेरु में साल के आखिर में एक फेस्टिवल होता है, इसमें लोग दिन में एक दूसरे की पिटाई करते हैं. प्रतियोगी रिंग में उतरते हैं. जबरदस्त लड़ाई देखने को मिलती है, पुलिस भी तैनात होती है कि कहीं ये लड़ाई बहुत ज्यादा हिंसक नहीं हो जाए. इस लड़ाई को पेरु की भाषा में तकानाकुई कहते हैं इसका मतलब होता है खून का उबाल. लेकिन हकीकत में ये सारी लड़ाइयां दोस्ताना होती हैं और नए साल की शुरुआत को पेश करती हैं.

इसे ताकानाकुई कहा जाता है. पेरु में नए साल की पूर्व बेला पर एक फेस्टिवल होता है, जिसमें हर कोई आपस में एक दूसरे की पिटाई करता है


जापान के बौद्ध मंदिरों में बजते हैं 108 घंटे 
जापान में आधी रात के समय बौद्ध मंदिरों में 108 बार घंटे बजाए जाते हैं. इससे वो मानते हैं कि सारे मानवीय गुनाह खत्म हो जाते हैं. यहां बौद्ध परंपरा में माना जाता है कि हमारे गुनाह 107 तरह के होते हैं, इसलिए 107 घंटे इसके लिए होते हैं जबकि 108वां घंटा नए साल के स्वागत के लिए. जापानी नए साल के अवसर पर मुस्कुराते और हंसते रहते हैं ताकि नया साल अच्छा बीते.

लातीनी देशों में नए साल का स्वागत करते हुए लोग अलग अलग रंगों की अंडरवीयर पहनते हैं. पीले रंग की अंडरवियर पहनने से माना जाता है कि नए साल में धनवर्षा होती रहेगी


अलग अलग रंग की अंडरवियर पहनते हैं
लातीनी देश मैक्सिको, बोलविया, कोलंबिया और ब्राजील में लोग मानते हैं कि नए आने वाले साल में आपकी किस्मत इस बात से तय होती है कि आपकी अंडरपैंट्स कैसी हैं. आमतौर पर नये साल की शुरुआत का स्वागत लाल रंग के अंडरवियर पहनकर करते हैं. सोने और आभूषण का काम करने वाले पीले रंग की अंडरवियर पहनना पसंद करते हैं. इन दोनों से भाग्य और धनदौलत आपके द्वार पर दस्तक देती है.

ये भी पढ़ें
 जानें कितना खतरनाक है PFI, जिसे बैन करने की मांग कर रही है यूपी सरकार
इन बैंकों से कर्ज लेने पर नहीं लगता है किसी तरह का ब्याज
सियाचिन में सैनिकों के लिए लजीज चिकन से पावभाजी तक, बस दो मिनट में तैयार
नास्त्रेदमस ने कहा था- 2020 में होगा भारत-पाकिस्तान युद्ध!
2020 में छाए रहेंगे CAA, NPR समेत ये 5 सियासी मुद्दे

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज