कोविड-19 मामलों से जुड़ी जानकारी देने में देश भर में यूपी-बिहार सबसे खराब: स्टैनफोर्ड अध्ययन

कोविड-19 मामलों से जुड़ी जानकारी देने में देश भर में यूपी-बिहार सबसे खराब: स्टैनफोर्ड अध्ययन
कोरोनाम मामलों की जानकारी देने में यूपी-बिहार फिसड्डी साबित हुए हैं (न्यूज़18 क्रिएटिव)

शोधकर्ताओं (Researchers) के मुताबिक, कोविड-19 डेटा (Covid-19 Data) की पारदर्शी और आसानी से उपलब्ध रिपोर्टिंग सार्वजनिक स्वास्थ्य (Public Health) के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है.

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नई दिल्ली. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (Stanford University) के शोधकर्ताओं (Researchers) ने पाया है कि कर्नाटक (Karnataka) ने कोविड-19 डेटा (Covid-19 Data) की अच्छी रिपोर्टिंग की है, जबकि बिहार (Bihar) और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने पूरे भारत में इस मामले में सबसे खराब प्रदर्शन किया है. प्रीप्रिंट रिपॉजिटरी 'मेडरिक्सिव’में प्रकाशित अध्ययन में पूरे भारत में कोविड-19 डेटा रिपोर्टिंग (Covid-19 Data Reporting) की गुणवत्ता में असमानता पाई गई.

शोधकर्ताओं के मुताबिक, कोविड-19 डेटा (Covid-19 Data) की पारदर्शी और आसानी से उपलब्ध रिपोर्टिंग सार्वजनिक स्वास्थ्य (Public Health) के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है. अमेरिका (America) में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के अध्ययन में शोधकर्ताओं ने लिखा, "हमने भारतीय राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ओर से की गई कोविड-19 डेटा की रिपोर्टिंग की गुणवत्ता (Quality) का व्यापक मूल्यांकन प्रस्तुत किया है."

भारत के 29 राज्यों का डेटा रिपोर्टिंग की गुणवत्ता के आधार पर अध्ययन किया गया
शोधकर्ताओं ने कहा, "यह आकलन भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयासों की जानकारी देता है और अन्य सरकारों की ओर से महामारी संबंधी डेटा रिपोर्टिंग के लिए एक दिशानिर्देश के रूप में कार्य करता है." निष्कर्षों के लिए, अनुसंधान दल ने देश के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ओर से किए गए कोविड-19 डेटा रिपोर्टिंग की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए एक अर्ध-मात्रात्मक रूपरेखा तैयार की.
यह ढांचा सार्वजनिक स्वास्थ्य डेटा रिपोर्टिंग के चार प्रमुख पहलुओं पर ध्यान देता है- उपलब्धता, पहुंच, बारीकियां और गोपनीयता. शोध दल ने तब इस ढांचे का उपयोग 'कोविड-19 डेटा रिपोर्टिंग स्कोर' (सीडीआरएस, 0 से 1 तक) की गणना के लिए 29 राज्यों कोविड-19 डेटा रिपोर्टिंग की गुणवत्ता के आधार पर 19 मई से 1 जून यानी दो सप्ताह की अवधि में किया.



पंजाब और चंडीगढ़ ने लोगों की गोपनीयता के साथ किया समझौता
शोधकर्ताओं ने लिखा है, "हमारे परिणाम भारत में राज्य सरकारों की ओर से की गई कोविड-19 डेटा रिपोर्टिंग की गुणवत्ता में एक मजबूत असमानता का संकेत देते हैं." निष्कर्षों से पता चला है कि कर्नाटक में सीडीआरएस 0.61 (अच्छा) और बिहार और उत्तर प्रदेश में 0.0 (खराब) रहा. जबकि पूरे देश के CDRS का औसत 0.26 रहा.

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इसके अलावा, शोधकर्ताओं ने पाया कि पंजाब और चंडीगढ़ ने आधिकारिक वेबसाइटों पर व्यक्तिगत रूप से लोगों की पहचान की जा सकने योग्य जानकारी डालकर क्वारंटाइन में रखे गये व्यक्तियों की गोपनीयता से समझौता किया.
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