यूपी: इधर योगी लखनऊ लौटे, उधर संजय निषाद ने चेताया, मांग नहीं मानी तो अकेले लड़ेंगे चुनाव

मुलाकात के बाद संजय निषाद ने कहा कि गृह मंत्री ने हमारी समस्या नोट करके जल्द से जल्द समाधान की बात कही है. फाइल फोटो

मुलाकात के बाद संजय निषाद ने कहा कि गृह मंत्री ने हमारी समस्या नोट करके जल्द से जल्द समाधान की बात कही है. फाइल फोटो

Sanjay Nishad meet Amit shah: चेतावनी भरे लहजे में संजय निषाद ने कहा कि बीजेपी ने हमारी मांग नहीं मानी तो पहले भी अकेले चुनाव लड़े थे, अब भी अकेले लड़ जाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 11, 2021, 11:11 PM IST
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नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश की सियासी दरिया में लहरों का उफान जारी है. शुक्रवार को अमित शाह से मुलाकात के बाद निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि बीजेपी अपना वादा पूरा करे और निषाद पार्टी को कैबिनेट में जगह दे. उन्होंने कहा कि हमने गृह मंत्री के सामने अपनी बात रख दी है. अधिकारियों की वजह से सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है. इन पर लगाम लगाने की जरूरत है. अगर निषाद पार्टी को सरकार में उचित जगह नहीं मिलती है, तो इससे निषाद समाज की भावना आहत होगी. संजय निषाद ने कहा कि गृह मंत्री ने हमारी समस्या नोट करके जल्द से जल्द समाधान की बात कही है.

हालांकि चेतावनी भरे लहजे में संजय निषाद ने कहा कि बीजेपी ने हमारी मांग नहीं मानी तो पहले भी अकेले चुनाव लड़े थे, अब भी अकेले लड़ जाएंगे. बता दें कि दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर लखनऊ लौट गए हैं. सीएम योगी के साथ यूपी में बीजेपी के सहयोगी दलों ने भी भाजपा शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की है.

बता दें कि सवा घंटे से अधिक समय की मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री आवास से बाहर निकले मुख्यमंत्री योगी ने पत्रकारों से कोई संवाद नहीं किया और सीधे भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मिलने उनके आवास की ओर निकल गए. दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली आए योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और विभिन्न मुद्दों पर उनसे तकरीबन डेढ़ घंटे चर्चा की थी.

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दरअसल अभी कुछ दिन पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी एल संतोष और पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने लखनऊ का दौरा किया था और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों की समीक्षा की थी. दोनों नेताओं ने इस दौरान राज्य सरकार के मंत्रियों, विधायकों और संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात की थी.

इसके बाद योगी आदित्यनाथ के अचानक दिल्ली पहुंचने और उनकी, पार्टी के शीर्ष नेताओं से इन मुलाकातों के दौर को भाजपा की, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है. साथ ही राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं से भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है. योगी की दिल्ली यात्रा से ठीक एक दिन पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ने भाजपा का दामन थामा है.

पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और उत्तर प्रदेश में भाजपा के विधान परिषद के सदस्य ए. के. शर्मा भी पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए है और पार्टी के नेताओं से मुलाकातें कर रहे हैं. शर्मा को प्रधानमंत्री मोदी का विश्वस्त माना जाता है. हालांकि अभी तक उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि राज्य के प्रतिष्ठित ब्राह्मण परिवार और राजनीतिक हलके से ताल्लुक रखने वाले जितिन प्रसाद को और शर्मा को इस संभावित विस्तार में शामिल किया जाएगा.



- इनपुट भाषा से भी

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