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Exclusive: SP में आए विनय शंकर तिवारी बोले- पूर्वांचल ही नहीं पूरे UP में भाजपा से नाराज हैं ब्राह्मण

Exclusive: SP में आए विनय शंकर तिवारी बोले- पूर्वांचल ही नहीं पूरे UP में भाजपा से नाराज हैं ब्राह्मण

बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी और पूर्व सांसद कौशल तिवारी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी का दामन थामा. (फाइल फोटो: Akhilesh Yadav/ Twitter)

बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी और पूर्व सांसद कौशल तिवारी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी का दामन थामा. (फाइल फोटो: Akhilesh Yadav/ Twitter)

UP Assembly Election 2022: पूर्वांचल की राजनीतिक के दिग्गज नेता कहे जाने वाले हरिशंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर तिवारी ने ब्राह्मणों की नाराजगी पर कहा कि इस सरकार ने ब्राह्मणों के लिए कुछ भी नहीं किया. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम में कहा था कि सरकार ने ब्राह्मणों के लिए कुछ नहीं किया. वे कहते हैं कि बीजेपी केवल वोट के लिए ब्राह्मणों के बारे में बात करती है और कुछ नहीं.

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लखनऊ. चिल्लूपार विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (BSP) विधायक रहे विनय शंकर तिवारी (Vinay Shankar Tiwari) ने हाल ही में समाजवादी पार्टी (SP) का दामन थाम लिया है. अब न्यूज18 से खास बातचीत में उन्होंने कहा है कि राज्य में ब्राह्मण के बीच सरकार के प्रति असंतोष है. साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि असंतो, केवल पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि पूरे यूपी में है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार ने उनके समुदाय के लिए कुछ नहीं किया. राज्य में 7 चरणों में चुनाव होने हैं. पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होगा. चुनाव आयोग की तरफ से जारी कार्यक्रम के अनुसार, मतगणना 10 मार्च को होगी.

पूर्वांचल की राजनीतिक के दिग्गज नेता कहे जाने वाले हरिशंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर तिवारी ने ब्राह्मणों की नाराजगी पर कहा कि इस सरकार ने ब्राह्मणों के लिए कुछ भी नहीं किया. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम में कहा था कि सरकार ने ब्राह्मणों के लिए कुछ नहीं किया. वे कहते हैं कि बीजेपी केवल वोट के लिए ब्राह्मणों के बारे में बात करती है और कुछ नहीं. उन्होंने कहा कि जब ब्राह्मणों को रोजगार देने की बात आती है, जब संस्कृत भाषा के विकास की बात आती है, तो भाजपा चित्र से गायब हो जाती है. तिवारी ने बताया कि जब आप किसी के मुद्दों को नहीं सुनेंगे, तो यह तय है कि वह व्यक्ति से आपका मोहभंग हो जाएगा. उन्होंने कहा कि आज ब्राह्मणों ने भाजपा को छोड़ दिया है.

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बातचीत के कुछ संपादित अंश
जब आपने एक और बड़े ब्राह्मण नेता राकेश पांडे के साथ समाजवादी पार्टी को चुना, तो क्या आपको लगता है कि इसका असर पूर्वांचल क्षेत्र के ब्राह्मण मतदाताओं पर होगा?
अगर आप भाजपा की मौजूदा स्थिति देखेंगे, तो भगदड़ मची हुई है. उदाहरण के लिए हमने 12 दिसंबर को समाजवादी पार्टी में ज्वाइन की और 5 या 6 दिनों के बाद दिल्ली में बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने सभी ब्राह्मण नेताओं को बुलाया और बैठक आयोजित की. जिसमें उन्होंने ब्राह्मण मतदाताओं में असंतोष को लेकर चिंता जाहिर की. बीजेपी ने अपने नेताओं को ब्राह्मण मतदाताओं के समाजवादी पार्टी की ओऱ जाने को लेकर चेताया है… बैठक में मौजूद एक व्यक्ति ने मुझे बताया कि बीते पांच सालों में उन्होंने स्थानीय मुद्दों पर कुछ भी नहीं कहा और अब वे लोगों का सामना कैसे करेंगे. लक्ष्मीकांत वाजपेयी जैसे उनके खुद के नेताओं को पार्टी में दरकिनार कर दिया. इस बार उन्हें टिकट नहीं मिला. बीजेपी ब्राह्मणों के साथ डबल स्टैंडर्ड अपना रही है. वे केवल ब्राह्मणों के वोट चाहते हैं.

लेकिन ब्राह्मणों को बीजेपी का पारंपरिक वोटर माना जाता था…
अगर आप राज्य में कहीं भी सर्वे करेंगे, तो आपको पता लगेगा कि ब्राह्मण भाजपा को छोड़ रहे हैं. यह सच है कि समुदाय कई सालों तक भाजपा के साथ मजबूती से खड़ा रहा, लेकिन अगर वे भाजपा को नहीं छोड़ते, तो पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व चिंता जाहिर नहीं करता. बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने इस संबंध में अहम बैठक बुलाई थी और यह अखबारों और सोशल मीडिया पर भी है. बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व राज्य में ‘ठाकुरवाद’ से परेशान है. अब यह हिंदुत्व के बारे में नहीं है, यहां यूपी में सब ‘ठाकुरवाद’ के बारे में है. ब्राह्मण यह बात अच्छे से समझ गए हैं कि अब भाजपा में चीजें उनके पक्ष में नहीं हैं और इसलिए वे समाजवादी पार्टी की ओर रुख कर रहे हैं.

तो क्या हम पूर्वांचल में इस बार ब्राह्मण बनाम ठाकुर की जंग देखेंगे?
ब्राह्मणों के प्रति डबल स्टैंडर्ड्स लेकर यह मुद्दा सरकार की तरफ से तैयार किया गया है. एक जैसे अपराध के लिए सजा ब्राह्मण के लिए अलग है और राजपूत के लिए अलग है. यह ब्राह्मणों का सीधा और स्पष्ट अपमान है.

तो समाजवादी पार्टी ब्राह्मणों के लिए क्या करेगी?
हम उनके लिए शिक्षा औऱ रोजगार सुनिश्चित करेंगे. हम संस्कृत भाषा के विकास के लिए भी काम करेंगेठ. हम ब्राह्मण नेताओं के साथ बैठकर उनके मुद्दों पर बात करेंगे और जल्द से जल्द उन्हें सुलझाएंगे.

(न्यूज18 के साथ विनय शंकर तिवारी की खास बातचीत को अंग्रेजी में विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.)

Tags: Assembly elections, UP Assembly Election 2022

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