UP में गैंगरेप पीड़िता ने की आत्महत्या, मां ने कहा- केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे आरोपी

UP में गैंगरेप पीड़िता ने की आत्महत्या, मां ने कहा- केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे आरोपी
यूपी के बाराबंकी जिले में एक गैंगरेप पीड़िता ने आत्महत्या कर ली. मृतक की मां ने शिकायत दर्ज कराई है कि आरोपी लड़की पर केस वापस लेने के लिए दबाव बना रहे थे.

एसपी बाराबंकी आकाश तोमर ने मृतक के पिता के पत्र का हवाला देते हुए जिसमें मौत को आत्महत्या का मामला बताया गया है कहा, “लड़की जहांगीराबाद में अपनी चाची के साथ रह रही थी, वह 6 जनवरी को मृत पाई गई, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे.

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  • Last Updated: January 8, 2020, 8:13 PM IST
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(काज़ी फराज़ अहमद)

लखनऊ.
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उन्नाव (Unnao) में एक रेप पीड़िता की आरोपियों द्वारा जला कर की गई हत्या और बाराबंकी जिले में एक अन्य रेप पीड़िता ने आत्महत्या कर ली. जानकारी के मुताबिक रेप आरोपी पीड़िता को केस वापस लेने की धमकी दे रहे थे.

21 वर्षीय पीड़िता की मां ने आरोप लगाया है कि रेप आरोपी पीड़िता पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे. अपनी आंटी के घर पर रहकर वकालत की पढ़ाई कर रही पीड़िता की लाश पंखे से लटकते हुए मिली. लड़की के परिवार वालों ने जहांगीराबाद पुलिस स्टेशन पर एक एप्लीकेशन दी जिसके बाद मंगलवार को लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.



पीड़िता और उसकी मां के खिलाफ थी शिकायत



बाराबंकी के पुलिस सुप्रिटेंडेंट ने कहा कि रेप केस आरोपियों पर एक काउंटर केस के रूप में दर्ज किया गया था क्योंकि उन्होंने पहले मृतक और उसकी मां के खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया था. हालांकि, मृत महिला के पिता ने एक लिखित आवेदन दिया, जिसमें उन्होंने घटना को आत्महत्या बताया और कहा कि उनकी मौत के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं था.

मृतक बाराबंकी सिविल कोर्ट में वकील हरीश कुमार मिश्रा की निगरानी में इंटर्नशिप कर रही थी. इस मुद्दे के बारे में मीडिया से बात करते हुए, मिश्रा ने कहा, “पीड़िता 2 सितंबर, 2019 को टिकैतनगर में अपने मूल स्थान पर जा रही थी, जब दो आरोपियों, शिव कुमार (लेखपाल) और शिव पल्टन ने उन्हें अपने वाहन में लिफ्ट देने की पेशकश की. उन्होंने उसे अपने गंतव्य के पास छोड़ने का वादा किया, लेकिन बाद में वाहन को गलत दिशा में मोड़ दिया. फिर वे पीड़िता को एकांत जगह पर ले गए और बंदूक की नोक पर उसके साथ बलात्कार किया. उसने अपने परिवार और अन्य लोगों को घटना की जानकारी दी और पुलिस स्टेशन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को एक एप्लीकेशन दिया गया. ”

मिश्रा ने कहा कि पुलिस ने शिकायत पर कोई भी कार्रवाई नहीं की, लड़की को अदालत में न्याय पाने के लिए आगे बढ़ना पड़ा.

शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे थे आरोपी
मिश्रा ने आगे कहा कि उसने अदालत से न्याय की मांग की और बाद में मामला दर्ज किया गया. पीड़िता पर दबाव बनाने के लिए आरोपी शिव कुमार और शिव पल्टन द्वारा पीड़ित के खिलाफ धारा 406 का मामला दर्ज किया गया था. आरोपी उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे थे, जिसके कारण वह अवसाद में थी. पुलिस द्वारा दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. मिश्रा ने कहा कि आरोपियों में से एक, जो पेशे से लेखपाल (क्लर्क) है, मुझ पर भी दबाव डाल रहा है.

एसपी बाराबंकी आकाश तोमर ने मृतक के पिता के पत्र का हवाला देते हुए जिसमें मौत को आत्महत्या का मामला बताया गया है कहा, “लड़की जहांगीराबाद में अपनी चाची के साथ रह रही थी, वह 6 जनवरी को मृत पाई गई, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे. उसके पिता ने एक लिखित आवेदन दिया था जिसमें कहा गया था कि यह आत्महत्या का मामला है और उसकी मौत के बारे में किसी पर शक नहीं है, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.

मां ने फिर दर्ज कराई शिकायत
तोमर ने कहा कि करीब 24 घंटे बाद मृतक की माता के द्वारा एक एप्लीकेशन फाइल की गई जिसमें उन्होंने रेप केस का ज़िक्र किया और बताया कि आरोपी उनकी बेटी पर दबाव बना रहे थे.

तोमर ने आगे कहा कि हमने मामले के बारे में अधिक जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश की और पता चला कि दो लोग हैं जिन्होंने मृतक और उसकी मां के खिलाफ 420 (धोखाधड़ी) का मामला दर्ज किया था. उस मामले के एक महीने के बाद, धारा 376 के तहत एक क्रॉस केस उन दो लोगों के खिलाफ दायर किया गया था जिन्होंने पहले मृतक और उसकी मां पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. मेडिकल जांच के दौरान कोई चोट नहीं मिली जिससे यौन उत्पीड़न की पुष्टि की जा सके और कॉल डिटेल से यह साबित हुआ कि लड़की के आरोप के अनुसार आरोपी अपराध स्थल पर मौजूद नहीं थे. मामले में अंतिम रिपोर्ट आने के बाद भी आपत्ति की गई और एक बार फिर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.

मामले की छानबीन जारी
तोमर ने आगे कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि 376 वाला मामला क्रॉस केस था जिसमें कि जांच के दौरान कॉल डीटेल्स और मेडिकल साक्ष्य समेत कोई भी सबूत नहीं मिले हैं. यहां तक कि जब लड़की के सुसाइड किया उसके बाद उसके पिता ने किसी पर भी शक होने की बात से इंकार किया. बाद में उसकी मां ने कानून के जानकारों की मदद से एक शिकायत दर्ज की. इस शिकायत में उन्होंने आरोपियों के दबाव बनाने की बात कही. यह बात भी सामने आई है कि मृतक के घर पर भी कोई समस्या थी जिसके चलते वह आंटी के घर पर रह रही थी. हालांकि हमने एसपी नॉर्थ से इस केस के बारे में और छानबीन करने के लिए कहा है.

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