अपना शहर चुनें

States

यूपी को मिली 60 हजार करोड़ की योजना, रेलवे को मिले हादसे

यूपी को मिली 60 हजार करोड़ की योजना, रेलवे को मिले हादसे
यूपी को मिली 60 हजार करोड़ की योजना, रेलवे को मिले हादसे

भारतीय रेलवे के लिए शुक्रवार की सुबह हादसों से भरी रही. चित्रकूट में हुए रेल हादसे में वास्कोडिगामा- पटना एक्सप्रेस के पटरी से उतरने से 3 लोगों की मौत हो गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 24, 2017, 6:37 PM IST
  • Share this:
भारतीय रेलवे के लिए शुक्रवार की सुबह हादसों से भरी रही. चित्रकूट में हुए रेल हादसे में वास्कोडिगामा- पटना एक्सप्रेस के पटरी से उतरने से 3 लोगों की मौत हो गई. वहीं खुर्दा के पास एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई. जबकि सहारनपुर के पास अर्चना एक्सप्रेस की इंजन ट्रेन से अलग हो गई.

इससे पहले गुरुवार शाम को अमेठी के मुसाफिरखाना स्टेशन के बाद एक मानवरहित क्रॉसिंग पर बोलेरो और मेमू ट्रेन के टक्कर में 5 लोगों की मौत हो गई. रेलवे अधिकारी उत्तर प्रदेश में बार-बार हो रहे रेल हादसों पर मंथन कर ही रहे थे कि शुक्रवार तड़के करीब चाढ़े चार बजे वास्कोडिगामा-पटना एक्सप्रेस पटरी से उतर गई और तीन लोगों मौत हो गई. इस हादसे में 20 लोग गंभीर रूप से घायल भी हो गए. ये तो मुसाफिरों की किस्मत ही थी कि ट्रेन की स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा होने और 13 डब्बों के पटरी से उतरने के बाद भी बहुत बड़ा हादसा नहीं हुआ.





शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में रेलवे का ये अकेला खौफ़नाक मंज़र नहीं था. सहारनपुर के पास तड़के 4:10 और फिर 4:45 पर जम्मूतवी के राजेन्द्रनगर जा रही अर्चना एक्सप्रेस का इंजन दो बार ट्रेन से अलग हो गया. ये महज़ संयोग ही रहा कि इसमें जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ.
रेलवे का तीसरा हासदा कटक के पास हुआ और एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई. इन हादसों में 'उत्तर प्रदेश' अपने आप में एक बड़ा सवाल है. पिछले साल नवंबर में पुखरायां में हुए हादसे में 151 मुसाफिरों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में अब तक दर्जनों रेल हादसे हो चुके हैं. यहां अगस्त में हुए उत्कल एक्सप्रेस हादसे में भी 23 लोगों की मौत हुई थी. ये आलम तब है जब भारतीय रेल ने उत्तर प्रदेश में सबसे ज़्यादा पैसे खर्च किए हैं.



उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पिछले 2 साल में उत्तर प्रदेश में 20 हज़ार करोड़ की योजना पर काम चल रहा है. इसमें कई काम पूरे भी हो चुके हैं. जबकि इस राज्य के लिए रेलवे ने 40 हज़ार करोड़ की योजना को मंजूरी दे रखी है. भारतीय रेलवे के लिए उत्तर प्रदेश एक ख़तरा बनकर उभरा है वहीं सर्दियों का मौसम भी रेलवे की सेहत के लिए डरावना हो गया है.

इस मौसम में हर रोज़ भारतीय रेल के ट्रैक में 200 फ्रैक्चर होते हैं. जैसे ही यह फ्रैक्चर बड़ा होता है हादसे का ख़तरा उतना ज़्यादा हो जाता है. पिछले साल 1 अप्रैल से 24 नवंबर के बीच 47 ट्रेनें पटरी से उतरी थीं जबकि इस साल यह आंकड़ा 26 का है. आंकड़ों में भारतीय रेलवे बेहतर ज़रूर दिख रही हो लेकिन इसकी हक़ीकत हर रोज़ मुसाफिरों के चेहरे पर नज़र आती है.

ये भी पढ़ें-
चित्रकूट के पास वास्कोडिगामा एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 3 की मौत
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज